tithika
English

साटली, अज़रबैजान का पंचांग शुक्र 29 जून 2029

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

चतुर्थी

कृष्ण पक्ष · 04:29 शनि तक

फिर पञ्चमी · 05:23 रवि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
22:25

संकष्टी चतुर्थी शुक्र 29 जून को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। शुक्र 29 जून क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:08 05:20 20:18अगला सूर्योदय 05:21 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:20–07:12चरसामान्य
  • 07:12–09:05लाभगुलिक काल में
  • 09:05–10:57अमृतशुभ
  • 10:57–12:49कालअशुभ
  • 12:49–14:42शुभ
  • 14:42–16:34रोगअशुभ
  • 16:34–18:26उद्वेगअशुभ
  • 18:26–20:18चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 20:18–21:26रोगअशुभ
  • 21:26–22:34कालअशुभ
  • 22:34–23:42लाभशुभ
  • 23:42–00:50 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:50–01:57 शनिशुभ
  • 01:57–03:05 शनिअमृतशुभ
  • 03:05–04:13 शनिचरसामान्य
  • 04:13–05:21 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 29 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:08–04:44, शुभ
  • चर, सामान्य, 05:20–07:12
  • लाभ, शुभ, 07:12–09:05
  • अमृत, शुभ, 09:05–10:57
  • काल, अशुभ, 10:57–12:49
  • शुभ, 12:49–14:42
  • रोग, अशुभ, 14:42–16:34
  • उद्वेग, अशुभ, 16:34–18:26
  • चर, सामान्य, 18:26–20:18
  • रोग, अशुभ, 20:18–21:26
  • काल, अशुभ, 21:26–22:34
  • लाभ, शुभ, 22:34–23:42
  • उद्वेग, अशुभ, 23:42–00:50 शनि
  • शुभ, 00:50–01:57 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:57–03:05 शनि
  • चर, सामान्य, 03:05–04:13 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:13–05:21 शनि
  • गुलिक काल, 07:12–09:05, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:20–09:20, अशुभ
  • राहु काल, 10:57–12:49, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:19–13:19, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:19–14:19, अशुभ
  • यमगण्ड, 16:34–18:26, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:08–04:45 शनि

हर मान कैसे निकलता है

साटली में संकष्टी चतुर्थी शुक्र 29 जून को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी शुक्र 29 जून को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 गुरु 28 जून चंद्रोदय 21:56
तृतीया 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 गुरु 28 जून चंद्रोदय 21:56
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी शुक्र 29 जून को 04:16 से शनि 30 जून को 04:29 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल शुक्र 29 जून को है, 22:25 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: साटली में हर तारीख़

शुक्र 29 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 216.5° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 216.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 216.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:20। तृतीया उससे पहले 04:16 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 04:29 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 26 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?

नई दिल्ली में तृतीया है, साटली में चतुर्थी।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी शुक्र 29 जून सुबह शनि 30 जून सुबह नई दिल्ली IST साटली UTC+4 05:46 04:16 05:59 04:29 05:26 तृतीया 05:26 चतुर्थी 05:20 चतुर्थी 05:21 पञ्चमी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी शुक्र 29 जून सुबह शनि 30 जून सुबह नई दिल्ली IST साटली UTC+4 05:46 04:16 05:59 04:29 05:26 तृतीया 05:26 चतुर्थी 05:20 चतुर्थी 05:21 पञ्चमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:26, तृतीया की समाप्ति 05:46 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।

साटली · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 05:20, तृतीया की समाप्ति 04:16 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

शुक्र 29 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:08–04:44

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:08–04:44।

सूर्यास्त 20:19 गुरु सूर्योदय 05:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 28 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:19 गुरु सूर्योदय 05:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 28 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 28 जून की रात सूर्यास्त 20:19 गुरु से सूर्योदय 05:20 तक थी, 9 घं 1 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 29 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:19–13:19

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:19–13:19।

शुक्र 29 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 08:20–09:20

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:20–09:20 और 13:19–14:19।

शुक्र 29 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 13:19–14:19

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:20–09:20 और 13:19–14:19।

सूर्योदय 05:20 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 05:20 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 05:20 से 20:18, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:20–09:20 और 13:19–14:19।

शुक्र 29 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:20–07:12 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 05:20 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 05:20 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:20 से 20:18, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:18 से 05:21 शनि, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 29 जून को राहुकाल कब है? 10:57–12:49

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:57–12:49।

शुक्र 29 जून को यमगंड कब है? 16:34–18:26

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:34–18:26।

शुक्र 29 जून को गुलिक काल कब है? 07:12–09:05

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:12–09:05।

सूर्योदय 05:20 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:20 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 05:20 से 20:18 तक है, 14 घं 58 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 29 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:20, सूर्यास्त 20:18, 14 घं 58 मि का दिन।

शुक्र 29 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:18

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:20, सूर्यास्त 20:18, 14 घं 58 मि का दिन।

सूर्योदय 05:20 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:41 चंद्रोदय 22:25
सूर्योदय 05:20 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:41 चंद्रोदय 22:25
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 29 जून को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण

सूर्योदय पर चंद्रमा 289.9° पर था: श्रवण, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 289.9° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 289.9° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 286°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 11:45 को निकलेगा, धनिष्ठा में।

शुक्र 29 जून को कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 363.2° थे, एक चक्कर और 3.2°: विष्कम्भ।

सूर्य 73.3° + चंद्रमा 289.9° = 363.2° एक चक्कर + 3.2° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 73.3° + चंद्रमा 289.9° = 363.2° एक चक्कर + 3.2° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 73.3° + 289.9° = 363.2°, एक पूरा चक्कर और 3.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 22:55 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

शुक्र 29 जून को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 216.5° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 216.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 216.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 16:18 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 04:29 शनि तक।

शुक्र 29 जून को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:20, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 05:20 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 05:20 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:20 से 05:21 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 29 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 12 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 11 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

शुक्र 29 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल शुक्र 29 जून अमावस्या 12 जून पूर्णिमा 26 जून अमावस्या 11 जुल॰ पूर्णिमा 25 जुल॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल शुक्र 29 जून अमावस्या 12 जून पूर्णिमा 26 जून अमावस्या 11 जुल॰ पूर्णिमा 25 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।

शुक्र 29 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951

विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 08:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 29 जून सूर्य 73.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 08:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 29 जून सूर्य 73.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 08:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 102.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 29 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:25

चंद्रमा यहाँ 22:25 पर उदय होता है।

शुक्र 29 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:41

सूर्योदय 05:20 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:41 चंद्रोदय 22:25
सूर्योदय 05:20 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:41 चंद्रोदय 22:25
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:41 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:25 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:41 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:25 पर उदय होगा।