साटली, अज़रबैजान का पंचांग सोम 10 जुलाई 2028
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी सोम 10 जुलाई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। सोम 10 जुलाई क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: साटली में हर तारीख़10 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 10 जुलाई
- 04:13–04:50ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:27 से
- 05:27–07:18अमृत चौघड़िया
- 09:09–11:00शुभ चौघड़िया
- 12:51–13:21अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 17:18–18:25लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 18:25–20:16अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:16 के बाद
- 23:43–00:52 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:00–03:09 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:09–04:18 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:14–04:51 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:27–07:18अमृतशुभ
- 07:18–09:09कालअशुभ
- 09:09–11:00शुभ
- 11:00–12:51रोगअशुभ
- 12:51–14:42उद्वेगअशुभ
- 14:42–16:33चरसामान्य
- 16:33–18:25लाभशुभ
- 18:25–20:16अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:16–21:25चरसामान्य
- 21:25–22:34रोगअशुभ
- 22:34–23:43कालअशुभ
- 23:43–00:52 मंगललाभशुभ
- 00:52–02:00 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:00–03:09 मंगलशुभ
- 03:09–04:18 मंगलअमृतशुभ
- 04:18–05:27 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 10 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:13–04:50, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:27–07:18
- काल, अशुभ, 07:18–09:09
- शुभ, 09:09–11:00
- रोग, अशुभ, 11:00–12:51
- उद्वेग, अशुभ, 12:51–14:42
- चर, सामान्य, 14:42–16:33
- लाभ, शुभ, 16:33–18:25
- अमृत, शुभ, 18:25–20:16
- चर, सामान्य, 20:16–21:25
- रोग, अशुभ, 21:25–22:34
- काल, अशुभ, 22:34–23:43
- लाभ, शुभ, 23:43–00:52 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:52–02:00 मंगल
- शुभ, 02:00–03:09 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:09–04:18 मंगल
- चर, सामान्य, 04:18–05:27 मंगल
- राहु काल, 07:18–09:09, अशुभ
- यमगण्ड, 11:00–12:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:21, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:21–14:20, अशुभ
- गुलिक काल, 14:42–16:33, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:19–17:18, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:14–04:51 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
साटली में संकष्टी चतुर्थी सोम 10 जुलाई को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी सोम 10 जुलाई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी सोम 10 जुलाई को 02:48 से मंगल 11 जुलाई को 05:04 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल सोम 10 जुलाई को है, 22:11 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 10 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 217.2° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:27। तृतीया उससे पहले 02:48 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 05:04 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 6 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 10 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:13–04:50
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:13–04:50।
रवि 9 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:16 रवि से सूर्योदय 05:27 तक थी, 9 घं 11 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 10 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:21
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:21।
सोम 10 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:21–14:20
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:21–14:20 और 16:19–17:18।
सोम 10 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:19–17:18
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:21–14:20 और 16:19–17:18।
यहाँ दिन, 05:27 से 20:16, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:21–14:20 और 16:19–17:18।
सोम 10 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:27–07:18 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:27 से 20:16, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:16 से 05:27 मंगल, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 10 जुलाई को राहुकाल कब है? 07:18–09:09
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:18–09:09।
सोम 10 जुलाई को यमगंड कब है? 11:00–12:51
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:00–12:51।
सोम 10 जुलाई को गुलिक काल कब है? 14:42–16:33
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:42–16:33।
यहाँ दिन 05:27 से 20:16 तक है, 14 घं 49 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 10 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:27
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:27, सूर्यास्त 20:16, 14 घं 49 मि का दिन।
सोम 10 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:16
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:27, सूर्यास्त 20:16, 14 घं 49 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 10 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 301.3° पर था: धनिष्ठा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 300° पर उसके पद 3 में आया। वह 16:15 को निकलेगा, शतभिषा में।
सोम 10 जुलाई को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 385.4° थे, एक चक्कर और 25.4°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 84.1° + 301.3° = 385.4°, एक पूरा चक्कर और 25.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 07:52 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
सोम 10 जुलाई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 217.2° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 15:54 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 05:04 मंगल तक।
सोम 10 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:27, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:27 से 05:27 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 10 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 22 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 22 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
सोम 10 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
सोम 10 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 08:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 102.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 10 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:11
चंद्रमा यहाँ 22:11 पर उदय होता है।
सोम 10 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:52
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:52 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:11 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:52 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:11 पर उदय होगा।