tithika
English

साटली, अज़रबैजान का पंचांग सोम 9 नवंबर 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 11:02 तक

फिर प्रतिपदा · 12:30 मंगल तक

व्रत

अमावस्या

अमावस्या सोम 9 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। सोम 9 नवंबर क्यों?

अमावस्या: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:33 07:24 17:35अगला सूर्योदय 07:25 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:24–08:40अमृतशुभ
  • 08:40–09:57कालअशुभ
  • 09:57–11:13शुभ
  • 11:13–12:29रोगअशुभ
  • 12:29–13:46उद्वेगअशुभ
  • 13:46–15:02चरसामान्य
  • 15:02–16:19लाभशुभ
  • 16:19–17:35अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:35–19:19चरसामान्य
  • 19:19–21:03रोगअशुभ
  • 21:03–22:46कालअशुभ
  • 22:46–00:30 मंगललाभशुभ
  • 00:30–02:14 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:14–03:57 मंगलशुभ
  • 03:57–05:41 मंगलअमृतशुभ
  • 05:41–07:25 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 9 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:33–06:28, शुभ
  • अमृत, शुभ, 07:24–08:40
  • काल, अशुभ, 08:40–09:57
  • शुभ, 09:57–11:13
  • रोग, अशुभ, 11:13–12:29
  • उद्वेग, अशुभ, 12:29–13:46
  • चर, सामान्य, 13:46–15:02
  • लाभ, शुभ, 15:02–16:19
  • अमृत, शुभ, 16:19–17:35
  • चर, सामान्य, 17:35–19:19
  • रोग, अशुभ, 19:19–21:03
  • काल, अशुभ, 21:03–22:46
  • लाभ, शुभ, 22:46–00:30 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:30–02:14 मंगल
  • शुभ, 02:14–03:57 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:57–05:41 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:41–07:25 मंगल
  • राहु काल, 08:40–09:57, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:13–12:29, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:09–12:50, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:50–13:31, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:46–15:02, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:52–15:33, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:34–06:30 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

साटली में अमावस्या सोम 9 नवंबर को क्यों है?

अमावस्या सोम 9 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 09:58 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 8 नवंबर सूर्योदय 07:22 अमावस्या 09:58 से
चतुर्दशी 09:58 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 8 नवंबर सूर्योदय 07:22 अमावस्या 09:58 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या रवि 8 नवंबर को 09:58 से सोम 9 नवंबर को 11:02 तक है, इसलिए वह केवल सोम 9 नवंबर के सूर्योदय (07:24) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: साटली में हर तारीख़

सोम 9 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 358.3° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 358.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 358.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:24। चतुर्दशी उससे पहले 09:58 रवि पर समाप्त हुई। अमावस्या 11:02 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 26 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 9 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:33–06:28

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:33–06:28।

सूर्यास्त 17:36 रवि सूर्योदय 07:24 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 8 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:36 रवि सूर्योदय 07:24 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 8 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 8 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:36 रवि से सूर्योदय 07:24 तक थी, 13 घं 48 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 9 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:09–12:50

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:09–12:50।

सोम 9 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:50–13:31

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:50–13:31 और 14:52–15:33।

सोम 9 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:52–15:33

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:50–13:31 और 14:52–15:33।

सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 17:35 सूर्योदय 07:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 17:35 सूर्योदय 07:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 07:24 से 17:35, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:50–13:31 और 14:52–15:33।

सोम 9 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:24–08:40 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 17:35 सूर्योदय 07:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 17:35 सूर्योदय 07:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:24 से 17:35, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:35 से 07:25 मंगल, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 9 नवंबर को राहुकाल कब है? 08:40–09:57

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:40–09:57।

सोम 9 नवंबर को यमगंड कब है? 11:13–12:29

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:13–12:29।

सोम 9 नवंबर को गुलिक काल कब है? 13:46–15:02

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:46–15:02।

सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 17:35 सूर्योदय 07:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 17:35 सूर्योदय 07:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 07:24 से 17:35 तक है, 10 घं 11 मि। इसे 1 घं 16 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 9 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:24

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:24, सूर्यास्त 17:35, 10 घं 11 मि का दिन।

सोम 9 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:35

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:24, सूर्यास्त 17:35, 10 घं 11 मि का दिन।

सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 17:35 सूर्योदय 07:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:14 चंद्रोदय 07:33
सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 17:35 सूर्योदय 07:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:14 चंद्रोदय 07:33
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 9 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 200.8° पर था: विशाखा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 200.8° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 200.8° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 200° पर उसके पद 1 में आया। वह 07:49 मंगल को निकलेगा, अनुराधा में।

सोम 9 नवंबर को कौन सा योग है? सौभाग्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 403.3° थे, एक चक्कर और 43.3°: सौभाग्य।

सूर्य 202.5° + चंद्रमा 200.8° = 403.3° एक चक्कर + 43.3° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 202.5° + चंद्रमा 200.8° = 403.3° एक चक्कर + 43.3° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 202.5° + 200.8° = 403.3°, एक पूरा चक्कर और 43.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 01:27 मंगल को समाप्त होता है, फिर शोभन।

सोम 9 नवंबर को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 358.3° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 358.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 358.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 22:27 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 11:02 तक है।

सोम 9 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:24, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 17:35 सूर्योदय 07:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 17:35 सूर्योदय 07:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:24 से 07:25 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 9 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 10 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 9 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

सोम 9 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल सोम 9 नवंबर अमावस्या 10 अक्टू॰ पूर्णिमा 26 अक्टू॰ अमावस्या 9 नव॰ पूर्णिमा 24 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल सोम 9 नवंबर अमावस्या 10 अक्टू॰ पूर्णिमा 26 अक्टू॰ अमावस्या 9 नव॰ पूर्णिमा 24 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

सोम 9 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 05:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 9 नवंबर सूर्य 202.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 05:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 9 नवंबर सूर्य 202.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 05:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 228.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 9 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:33

चंद्रमा यहाँ 07:33 पर उदय होता है।

सोम 9 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:14

सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 17:35 सूर्योदय 07:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:14 चंद्रोदय 07:33
सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 17:35 सूर्योदय 07:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:14 चंद्रोदय 07:33
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:33 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 17:14 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:33 पर उदय हुआ; वह फिर 17:14 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त दिन में पड़ता है।