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साटली, अज़रबैजान का पंचांग गुरु 3 सितंबर 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सप्तमी

कृष्ण पक्ष · 00:55 शुक्र तक

फिर अष्टमी · 22:44 शुक्र तक

त्योहार

जन्माष्टमी

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:23⁠–⁠01:08 शुक्र
निशीथ काल 00:23⁠–⁠01:08 शुक्र

जन्माष्टमी गुरु 3 सितंबर को है: उस रात अष्टमी निशीथ काल को छूती है, और किसी रात नहीं। गुरु 3 सितंबर क्यों?

जन्माष्टमी: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:48 06:15 19:15अगला सूर्योदय 06:16 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:15–07:53शुभयमगण्ड में
  • 07:53–09:30रोगअशुभ
  • 09:30–11:08उद्वेगअशुभ
  • 11:08–12:45चरसामान्य
  • 12:45–14:22लाभशुभ
  • 14:22–16:00अमृतराहु काल में
  • 16:00–17:37कालअशुभ
  • 17:37–19:15शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:15–20:37अमृतशुभ
  • 20:37–22:00चरसामान्य
  • 22:00–23:23रोगअशुभ
  • 23:23–00:45 शुक्रकालअशुभ
  • 00:45–02:08 शुक्रलाभशुभ
  • 02:08–03:31 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:31–04:54 शुक्रशुभ
  • 04:54–06:16 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 3 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:48–05:31, शुभ
  • शुभ, 06:15–07:53
  • रोग, अशुभ, 07:53–09:30
  • उद्वेग, अशुभ, 09:30–11:08
  • चर, सामान्य, 11:08–12:45
  • लाभ, शुभ, 12:45–14:22
  • अमृत, शुभ, 14:22–16:00
  • काल, अशुभ, 16:00–17:37
  • शुभ, 17:37–19:15
  • अमृत, शुभ, 19:15–20:37
  • चर, सामान्य, 20:37–22:00
  • रोग, अशुभ, 22:00–23:23
  • काल, अशुभ, 23:23–00:45 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:45–02:08 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:08–03:31 शुक्र
  • शुभ, 03:31–04:54 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:54–06:16 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:15–07:53, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:30–11:08, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:35–11:27, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:19–13:11, शुभ
  • राहु काल, 14:22–16:00, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:47–16:39, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:48–05:32 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

साटली में जन्माष्टमी गुरु 3 सितंबर को क्यों है?

जन्माष्टमी गुरु 3 सितंबर को है: उस रात अष्टमी निशीथ काल को छूती है, और किसी रात नहीं।

सप्तमी अष्टमी 00:55 22:00 23:00 00:00 02:00 03:00 गुरु 3 सितंबर स्मार्त निशीथ काल 00:23–01:08 शुक्र
सप्तमी अष्टमी 00:55 22:00 00:00 02:00 गुरु 3 सितंबर स्मार्त निशीथ काल 00:23–01:08 शुक्र
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी शुक्र 4 सितंबर को 00:55 से शुक्र 4 सितंबर को 22:44 तक है, इसलिए वह केवल गुरुवार की रात के निशीथ काल (00:23 शुक्र–01:08 शुक्र) को छूती है।

जन्माष्टमी: साटली में हर तारीख़

गुरु 3 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 253.8° आगे था: कृष्ण सप्तमी।

सूर्य अमावस्या 0° 253.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 253.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। षष्ठी उससे पहले 02:56 पर समाप्त हुई। सप्तमी 00:55 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 28 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 3 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:48–05:31

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:48–05:31।

सूर्यास्त 19:16 बुध सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 2 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:16 बुध सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 2 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 2 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:16 बुध से सूर्योदय 06:15 तक थी, 10 घं 59 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 3 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:19–13:11

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:19–13:11।

गुरु 3 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:35–11:27

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:35–11:27 और 15:47–16:39।

गुरु 3 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:47–16:39

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:35–11:27 और 15:47–16:39।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:16 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:16 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:15 से 19:15, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:35–11:27 और 15:47–16:39।

गुरु 3 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:15–07:53 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:16 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:16 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:15 से 19:15, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:15 से 06:16 शुक्र, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 3 सितंबर को राहुकाल कब है? 14:22–16:00

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:22–16:00।

गुरु 3 सितंबर को यमगंड कब है? 06:15–07:53

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:15–07:53।

गुरु 3 सितंबर को गुलिक काल कब है? 09:30–11:08

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:30–11:08।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:16 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:16 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:15 से 19:15 तक है, 13 घं 0 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 3 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 19:15, 13 घं 0 मि का दिन।

गुरु 3 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:15

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 19:15, 13 घं 0 मि का दिन।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:16 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:06 चंद्रोदय 22:22
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:16 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:06 चंद्रोदय 22:22
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 3 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 30.2° पर था: कृत्तिका, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 30.2° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 30.2° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 30° पर उसके पद 2 में आया। वह 22:59 को निकलेगा, रोहिणी में।

गुरु 3 सितंबर को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 166.6° थे: व्याघात।

सूर्य 136.4° + चंद्रमा 30.2° = 166.6° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 136.4° + चंद्रमा 30.2° = 166.6° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 136.4° + 30.2° = 166.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 17:03 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

गुरु 3 सितंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 253.8° थी: सप्तमी का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 253.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° विष्टि 252°–258° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 253.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° विष्टि 252°–258° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 13:57 तक है, जब बढ़त 258° होगी; बव 00:55 शुक्र तक।

गुरु 3 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:16 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:16 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:16 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 3 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 12 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 11 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

गुरु 3 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 3 सितंबर अमावस्या 12 अग॰ पूर्णिमा 28 अग॰ अमावस्या 11 सित॰ पूर्णिमा 26 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 3 सितंबर अमावस्या 12 अग॰ पूर्णिमा 28 अग॰ अमावस्या 11 सित॰ पूर्णिमा 26 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

गुरु 3 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 05:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 3 सितंबर सूर्य 136.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 05:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 3 सितंबर सूर्य 136.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 05:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 162.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 3 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:22

चंद्रमा यहाँ 22:22 पर उदय होता है।

गुरु 3 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 13:06

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:16 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:06 चंद्रोदय 22:22
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:16 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:06 चंद्रोदय 22:22
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:06 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:22 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:06 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:22 पर उदय होगा।