साटली, अज़रबैजान का पंचांग रवि 23 अगस्त 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
श्रावण पुत्रदा एकादशी
श्रावण पुत्रदा एकादशी रवि 23 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। रवि 23 अगस्त क्यों?
श्रावण पुत्रदा एकादशी: साटली में हर तारीख़23 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 23 अगस्त
- 04:41–05:23ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:05 से
-
09:04–10:51अमृत कालमूल में
- 09:27–11:07लाभ चौघड़िया
- 11:07–12:48अमृत चौघड़िया
- 12:21–12:48अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:29–16:10शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:31 के बाद
- 19:31–20:51शुभ चौघड़िया
- 20:51–22:10अमृत चौघड़िया
- 02:08–03:27 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:47–06:06 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:41–05:24 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:05–07:46उद्वेगअशुभ
- 07:46–09:27चरसामान्य
- 09:27–11:07लाभशुभ
- 11:07–12:48अमृतशुभ
- 12:48–14:29कालअशुभ
- 14:29–16:10शुभ
- 16:10–17:51रोगअशुभ
- 17:51–19:31उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:31–20:51शुभ
- 20:51–22:10अमृतशुभ
- 22:10–23:29चरसामान्य
- 23:29–00:49 सोमरोगअशुभ
- 00:49–02:08 सोमकालअशुभ
- 02:08–03:27 सोमलाभशुभ
- 03:27–04:47 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:47–06:06 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 23 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:23, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:05–07:46
- चर, सामान्य, 07:46–09:27
- लाभ, शुभ, 09:27–11:07
- अमृत, शुभ, 11:07–12:48
- काल, अशुभ, 12:48–14:29
- शुभ, 14:29–16:10
- रोग, अशुभ, 16:10–17:51
- उद्वेग, अशुभ, 17:51–19:31
- शुभ, 19:31–20:51
- अमृत, शुभ, 20:51–22:10
- चर, सामान्य, 22:10–23:29
- रोग, अशुभ, 23:29–00:49 सोम
- काल, अशुभ, 00:49–02:08 सोम
- लाभ, शुभ, 02:08–03:27 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:27–04:47 सोम
- शुभ, 04:47–06:06 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:21–13:15, शुभ
- यमगण्ड, 12:48–14:29, अशुभ
- गुलिक काल, 16:10–17:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:44–18:38, अशुभ
- राहु काल, 17:51–19:31, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:24 सोम
हर मान कैसे निकलता है
साटली में श्रावण पुत्रदा एकादशी रवि 23 अगस्त को क्यों है?
श्रावण पुत्रदा एकादशी रवि 23 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 23 अगस्त को सूर्योदय पर है, 06:05: रवि 23 अगस्त। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 00:30 पर, उससे (04:29–06:05) पहले, समाप्त हुई।
रवि 23 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 122.5° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:05। दशमी उससे पहले 00:30 पर समाप्त हुई। एकादशी 02:49 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 12 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 23 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:41–05:23
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:41–05:23।
शनि 22 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:33 शनि से सूर्योदय 06:05 तक थी, 10 घं 32 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 23 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:21–13:15
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:21–13:15।
रवि 23 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 17:44–18:38
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:44–18:38।
यहाँ दिन, 06:05 से 19:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:44–18:38।
रवि 23 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:05–07:46 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:05 से 19:31, 1 घं 40 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:31 से 06:06 सोम, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 23 अगस्त को राहुकाल कब है? 17:51–19:31
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:51–19:31।
रवि 23 अगस्त को यमगंड कब है? 12:48–14:29
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:48–14:29।
रवि 23 अगस्त को गुलिक काल कब है? 16:10–17:51
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:10–17:51।
यहाँ दिन 06:05 से 19:31 तक है, 13 घं 26 मि। इसे 1 घं 40 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 23 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 19:31, 13 घं 26 मि का दिन।
रवि 23 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:31
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 19:31, 13 घं 26 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 23 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 248.3° पर था: मूल, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 246°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:14 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
रवि 23 अगस्त को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 374.1° थे, एक चक्कर और 14.1°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 125.8° + 248.3° = 374.1°, एक पूरा चक्कर और 14.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 05:34 सोम को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
रवि 23 अगस्त को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 122.5° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 13:41 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 02:49 सोम तक।
रवि 23 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:05, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:05 से 06:06 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 23 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 12 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 11 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
रवि 23 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
रवि 23 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 05:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 151.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 23 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:57
चंद्रमा यहाँ 16:57 पर उदय होता है।
रवि 23 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:52 सोम
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:57 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:52 सोम पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:57 पर उदय हुआ; वह फिर 01:52 सोम पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।