साटली, अज़रबैजान का पंचांग शनि 30 मई 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
30 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 30 मई
- 04:07–04:44ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:20 से
- 07:19–09:02शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:14–13:13अभिजीत मुहूर्त
- 14:34–16:25लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 16:25–18:16अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:07 के बाद
- 20:07–21:16लाभ चौघड़िया
- 22:25–23:34शुभ चौघड़िया
- 23:34–00:43 रविअमृत चौघड़िया
-
03:03–04:51 रविअमृत कालअनुराधा में
- 04:11–05:20 रविलाभ चौघड़िया
- 04:06–04:43 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:20–07:11कालअशुभ
- 07:11–09:02शुभ
- 09:02–10:53रोगअशुभ
- 10:53–12:44उद्वेगअशुभ
- 12:44–14:34चरसामान्य
- 14:34–16:25लाभयमगण्ड में
- 16:25–18:16अमृतशुभ
- 18:16–20:07कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:07–21:16लाभशुभ
- 21:16–22:25उद्वेगअशुभ
- 22:25–23:34शुभ
- 23:34–00:43 रविअमृतशुभ
- 00:43–01:53 रविचरसामान्य
- 01:53–03:02 रविरोगअशुभ
- 03:02–04:11 रविकालअशुभ
- 04:11–05:20 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 30 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:07–04:44, शुभ
- काल, अशुभ, 05:20–07:11
- शुभ, 07:11–09:02
- रोग, अशुभ, 09:02–10:53
- उद्वेग, अशुभ, 10:53–12:44
- चर, सामान्य, 12:44–14:34
- लाभ, शुभ, 14:34–16:25
- अमृत, शुभ, 16:25–18:16
- काल, अशुभ, 18:16–20:07
- लाभ, शुभ, 20:07–21:16
- उद्वेग, अशुभ, 21:16–22:25
- शुभ, 22:25–23:34
- अमृत, शुभ, 23:34–00:43 रवि
- चर, सामान्य, 00:43–01:53 रवि
- रोग, अशुभ, 01:53–03:02 रवि
- काल, अशुभ, 03:02–04:11 रवि
- लाभ, शुभ, 04:11–05:20 रवि
- गुलिक काल, 05:20–07:11, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:20–06:20, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:20–07:19, अशुभ
- राहु काल, 09:02–10:53, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:14–13:13, शुभ
- यमगण्ड, 14:34–16:25, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:06–04:43 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 30 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 165.7° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:20। त्रयोदशी उससे पहले 08:21 शुक्र पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 10:28 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 17 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 30 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:07–04:44
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:07–04:44।
शुक्र 29 मई की रात सूर्यास्त 20:06 शुक्र से सूर्योदय 05:20 तक थी, 9 घं 14 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 30 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:14–13:13
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:14–13:13।
शनि 30 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 05:20–06:20
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:20–06:20 और 06:20–07:19।
शनि 30 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:20–07:19
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:20–06:20 और 06:20–07:19।
यहाँ दिन, 05:20 से 20:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:20–06:20 और 06:20–07:19।
शनि 30 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:20–07:11 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:20 से 20:07, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:07 से 05:20 रवि, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 30 मई को राहुकाल कब है? 09:02–10:53
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:02–10:53।
शनि 30 मई को यमगंड कब है? 14:34–16:25
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:34–16:25।
शनि 30 मई को गुलिक काल कब है? 05:20–07:11
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:20–07:11।
यहाँ दिन 05:20 से 20:07 तक है, 14 घं 47 मि। इसे 1 घं 50 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 30 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:20
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:20, सूर्यास्त 20:07, 14 घं 47 मि का दिन।
शनि 30 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:20, सूर्यास्त 20:07, 14 घं 47 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 30 मई को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 210.1° पर था: विशाखा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 210° पर उसके पद 4 में आया। वह 11:50 को निकलेगा, अनुराधा में।
शनि 30 मई को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 254.5° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 44.4° + 210.1° = 254.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 03:54 रवि को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
शनि 30 मई को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 165.7° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 21:23 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 10:28 तक है।
शनि 30 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:20, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:20 से 05:20 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 30 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
17 मई और 15 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 मई 00:01 रवि से 15 जून 06:54 सोम तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 11:22 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।
शनि 30 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ (अधिक) है।
शनि 30 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 05:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 70.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 30 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:40
चंद्रमा यहाँ 19:40 पर उदय होता है।
शनि 30 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:46 रवि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 19:40 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:46 रवि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 19:40 पर उदय हुआ; वह फिर 04:46 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।