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साटली, अज़रबैजान का पंचांग रवि 1 फ़रवरी 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

पूर्णिमा

शुक्ल पक्ष · 02:09 सोम तक

फिर प्रतिपदा · 00:22 मंगल तक

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा रवि 1 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। रवि 1 फ़रवरी क्यों?

पूर्णिमा: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:04 07:54 18:05अगला सूर्योदय 07:53 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:54–09:11उद्वेगअशुभ
  • 09:11–10:27चरसामान्य
  • 10:27–11:43लाभशुभ
  • 11:43–13:00अमृतशुभ
  • 13:00–14:16कालअशुभ
  • 14:16–15:32शुभ
  • 15:32–16:49रोगअशुभ
  • 16:49–18:05उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:05–19:49शुभ
  • 19:49–21:32अमृतशुभ
  • 21:32–23:16चरसामान्य
  • 23:16–00:59 सोमरोगअशुभ
  • 00:59–02:43 सोमकालअशुभ
  • 02:43–04:26 सोमलाभशुभ
  • 04:26–06:10 सोमउद्वेगअशुभ
  • 06:10–07:53 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 1 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:04–06:59, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 07:54–09:11
  • चर, सामान्य, 09:11–10:27
  • लाभ, शुभ, 10:27–11:43
  • अमृत, शुभ, 11:43–13:00
  • काल, अशुभ, 13:00–14:16
  • शुभ, 14:16–15:32
  • रोग, अशुभ, 15:32–16:49
  • उद्वेग, अशुभ, 16:49–18:05
  • शुभ, 18:05–19:49
  • अमृत, शुभ, 19:49–21:32
  • चर, सामान्य, 21:32–23:16
  • रोग, अशुभ, 23:16–00:59 सोम
  • काल, अशुभ, 00:59–02:43 सोम
  • लाभ, शुभ, 02:43–04:26 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 04:26–06:10 सोम
  • शुभ, 06:10–07:53 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:39–13:20, शुभ
  • यमगण्ड, 13:00–14:16, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:32–16:49, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:44–17:24, अशुभ
  • राहु काल, 16:49–18:05, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:03–06:58 सोम

हर मान कैसे निकलता है

साटली में पूर्णिमा रवि 1 फ़रवरी को क्यों है?

पूर्णिमा रवि 1 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।

पूर्णिमा 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 1 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:54
पूर्णिमा 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 1 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:54
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 1 फ़रवरी को 04:23 से सोम 2 फ़रवरी को 02:09 तक है, इसलिए वह केवल रवि 1 फ़रवरी के सूर्योदय (07:54) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: साटली में हर तारीख़

रवि 1 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 170° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।

सूर्य अमावस्या 0° 170.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 170.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:54। चतुर्दशी उससे पहले 04:23 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 02:09 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 18 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

रवि 1 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:04–06:59

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:04–06:59।

सूर्यास्त 18:04 शनि सूर्योदय 07:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 31 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:04 शनि सूर्योदय 07:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 31 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 31 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:04 शनि से सूर्योदय 07:54 तक थी, 13 घं 50 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 1 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:39–13:20

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:39–13:20।

रवि 1 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 16:44–17:24

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:44–17:24।

सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:53 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:53 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 07:54 से 18:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:44–17:24।

रवि 1 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:54–09:11 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:53 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:53 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:54 से 18:05, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:05 से 07:53 सोम, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 1 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 16:49–18:05

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:49–18:05।

रवि 1 फ़रवरी को यमगंड कब है? 13:00–14:16

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:00–14:16।

रवि 1 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 15:32–16:49

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:32–16:49।

सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:53 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:53 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 07:54 से 18:05 तक है, 10 घं 11 मि। इसे 1 घं 16 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 1 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:54, सूर्यास्त 18:05, 10 घं 11 मि का दिन।

रवि 1 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:54, सूर्यास्त 18:05, 10 घं 11 मि का दिन।

सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:53 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 17:30
सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:53 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 17:30
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 1 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य

सूर्योदय पर चंद्रमा 98° पर था: पुष्य, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 98.0° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 98.0° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 96°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:28 को निकलेगा, अश्लेशा में।

रवि 1 फ़रवरी को कौन सा योग है? प्रीति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 386.1° थे, एक चक्कर और 26.1°: प्रीति।

सूर्य 288.1° + चंद्रमा 98.0° = 386.1° एक चक्कर + 26.1° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 288.1° + चंद्रमा 98.0° = 386.1° एक चक्कर + 26.1° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 288.1° + 98° = 386.1°, एक पूरा चक्कर और 26.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 08:48 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।

रवि 1 फ़रवरी को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 170° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 170.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 170.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 15:13 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 02:09 सोम तक।

रवि 1 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 07:54, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:53 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:53 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:54 से 07:53 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 1 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 18 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 17 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

रवि 1 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल रवि 1 फ़रवरी पूर्णिमा 3 जन॰ अमावस्या 18 जन॰ पूर्णिमा 2 फ़र॰ अमावस्या 17 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल रवि 1 फ़रवरी पूर्णिमा 3 जन॰ अमावस्या 18 जन॰ पूर्णिमा 2 फ़र॰ अमावस्या 17 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।

रवि 1 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947

विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 14:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 1 फ़रवरी सूर्य 288.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 14:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 1 फ़रवरी सूर्य 288.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 14:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 303.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 1 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:30

चंद्रमा यहाँ 17:30 पर उदय होता है।

सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:53 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 17:30
सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:53 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 17:30
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 17:30 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।