साटली, अज़रबैजान का पंचांग मंगल 6 मई 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
6 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 6 मई
- 04:21–05:01ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:40 से
- 10:57–12:43लाभ चौघड़िया
-
11:46–12:43अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · मघा में
- 12:15–12:43अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:43–14:28अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:14–18:00शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:45 के बाद
- 21:00–22:14लाभ चौघड़िया
- 23:28–23:43शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:22–00:42 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:42–01:56 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:20–05:00 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:40–07:26रोगअशुभ
- 07:26–09:12उद्वेगअशुभ
- 09:12–10:57चरसामान्य
- 10:57–12:43लाभशुभ
- 12:43–14:28अमृतगुलिक काल में
- 14:28–16:14कालअशुभ
- 16:14–18:00शुभराहु काल में
- 18:00–19:45रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:45–21:00कालअशुभ
- 21:00–22:14लाभशुभ
- 22:14–23:28उद्वेगअशुभ
- 23:28–00:42 बुधशुभ
- 00:42–01:56 बुधअमृतशुभ
- 01:56–03:11 बुधचरसामान्य
- 03:11–04:25 बुधरोगअशुभ
- 04:25–05:39 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 6 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–05:01, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:40–07:26
- उद्वेग, अशुभ, 07:26–09:12
- चर, सामान्य, 09:12–10:57
- लाभ, शुभ, 10:57–12:43
- अमृत, शुभ, 12:43–14:28
- काल, अशुभ, 14:28–16:14
- शुभ, 16:14–18:00
- रोग, अशुभ, 18:00–19:45
- काल, अशुभ, 19:45–21:00
- लाभ, शुभ, 21:00–22:14
- उद्वेग, अशुभ, 22:14–23:28
- शुभ, 23:28–00:42 बुध
- अमृत, शुभ, 00:42–01:56 बुध
- चर, सामान्य, 01:56–03:11 बुध
- रोग, अशुभ, 03:11–04:25 बुध
- काल, अशुभ, 04:25–05:39 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:29–09:26, अशुभ
- यमगण्ड, 09:12–10:57, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:15–13:11, शुभ
- गुलिक काल, 12:43–14:28, अशुभ
- राहु काल, 16:14–18:00, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:43–00:22 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:20–05:00 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 6 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल नवमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 107.3° आगे था: शुक्ल नवमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 96°–108° नौवीं है, शुक्ल नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:40। अष्टमी उससे पहले 06:06 सोम पर समाप्त हुई। नवमी 07:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 108° होगी। बढ़त 27 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 6 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:21–05:01
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:21–05:01।
सोम 5 मई की रात सूर्यास्त 19:44 सोम से सूर्योदय 05:40 तक थी, 9 घं 56 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 6 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:15–13:11
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:15–13:11।
मंगल 6 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:29–09:26
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:29–09:26, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:43–00:22 बुध।
मंगल 6 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:43–00:22 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:29–09:26, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:43–00:22 बुध।
यहाँ दिन, 05:40 से 19:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:29–09:26 और 23:43–00:22 बुध।
मंगल 6 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:40–07:26 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:40 से 19:45, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:45 से 05:39 बुध, 1 घं 14 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 6 मई को राहुकाल कब है? 16:14–18:00
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:14–18:00।
मंगल 6 मई को यमगंड कब है? 09:12–10:57
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:12–10:57।
मंगल 6 मई को गुलिक काल कब है? 12:43–14:28
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:43–14:28।
यहाँ दिन 05:40 से 19:45 तक है, 14 घं 5 मि। इसे 1 घं 45 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 6 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:40
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 19:45, 14 घं 5 मि का दिन।
मंगल 6 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 19:45, 14 घं 5 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 6 मई को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 128.9° पर था: मघा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 126°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 14:22 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
मंगल 6 मई को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 150.5° थे: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 21.6° + 128.9° = 150.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 22:59 को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
मंगल 6 मई को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 107.3° थी: नवमी का दूसरा आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 18:32 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 102° हुई; कौलव 07:09 तक है।
मंगल 6 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:40, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:40 से 05:39 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 6 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 27 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 27 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
मंगल 6 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
मंगल 6 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 14:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 36.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 6 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 13:52
चंद्रमा यहाँ 13:52 पर उदय होता है।
मंगल 6 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:13 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:52 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:13 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:52 पर उदय हुआ; वह फिर 03:13 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।