साटली, अज़रबैजान का पंचांग मंगल 25 मार्च 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
पापमोचनी एकादशी
पापमोचनी एकादशी मंगल 25 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 25 मार्च क्यों?
पापमोचनी एकादशी: साटली में हर तारीख़25 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 25 मार्च
- 05:08–05:55ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:41 से
- 11:19–12:52लाभ चौघड़िया
- 12:27–12:52अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:52–14:25अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:58–17:30शुभ चौघड़ियाराहु काल में
-
17:30–17:45अमृत कालराहु काल छोड़कर · श्रवण में
- सूर्यास्त 19:03 के बाद
- 20:30–21:57लाभ चौघड़िया
- 23:24–23:42शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:28–00:51 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:51–02:18 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:07–05:53 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:41–08:14रोगअशुभ
- 08:14–09:47उद्वेगअशुभ
- 09:47–11:19चरसामान्य
- 11:19–12:52लाभशुभ
- 12:52–14:25अमृतगुलिक काल में
- 14:25–15:58कालअशुभ
- 15:58–17:30शुभराहु काल में
- 17:30–19:03रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:03–20:30कालअशुभ
- 20:30–21:57लाभशुभ
- 21:57–23:24उद्वेगअशुभ
- 23:24–00:51 बुधशुभ
- 00:51–02:18 बुधअमृतशुभ
- 02:18–03:46 बुधचरसामान्य
- 03:46–05:13 बुधरोगअशुभ
- 05:13–06:40 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 25 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:08–05:55, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:41–08:14
- उद्वेग, अशुभ, 08:14–09:47
- चर, सामान्य, 09:47–11:19
- लाभ, शुभ, 11:19–12:52
- अमृत, शुभ, 12:52–14:25
- काल, अशुभ, 14:25–15:58
- शुभ, 15:58–17:30
- रोग, अशुभ, 17:30–19:03
- काल, अशुभ, 19:03–20:30
- लाभ, शुभ, 20:30–21:57
- उद्वेग, अशुभ, 21:57–23:24
- शुभ, 23:24–00:51 बुध
- अमृत, शुभ, 00:51–02:18 बुध
- चर, सामान्य, 02:18–03:46 बुध
- रोग, अशुभ, 03:46–05:13 बुध
- काल, अशुभ, 05:13–06:40 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:10–09:59, अशुभ
- यमगण्ड, 09:47–11:19, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:27–13:17, शुभ
- गुलिक काल, 12:52–14:25, अशुभ
- राहु काल, 15:58–17:30, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:42–00:28 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:07–05:53 बुध
हर मान कैसे निकलता है
साटली में पापमोचनी एकादशी मंगल 25 मार्च को क्यों है?
पापमोचनी एकादशी मंगल 25 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 25 मार्च को सूर्योदय पर है, 06:41: मंगल 25 मार्च। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 03:35 पर, उससे (05:05–06:41) पहले, समाप्त हुई।
मंगल 25 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 301.6° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:41। दशमी उससे पहले 03:35 पर समाप्त हुई। एकादशी 02:15 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 14 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 25 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:08–05:55
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:08–05:55।
सोम 24 मार्च की रात सूर्यास्त 19:02 सोम से सूर्योदय 06:41 तक थी, 11 घं 39 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 25 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:27–13:17
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:27–13:17।
मंगल 25 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 09:10–09:59
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:10–09:59, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:42–00:28 बुध।
मंगल 25 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 23:42–00:28 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:10–09:59, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:42–00:28 बुध।
यहाँ दिन, 06:41 से 19:03, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:10–09:59 और 23:42–00:28 बुध।
मंगल 25 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:41–08:14 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:41 से 19:03, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:03 से 06:40 बुध, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 25 मार्च को राहुकाल कब है? 15:58–17:30
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:58–17:30।
मंगल 25 मार्च को यमगंड कब है? 09:47–11:19
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:47–11:19।
मंगल 25 मार्च को गुलिक काल कब है? 12:52–14:25
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:52–14:25।
यहाँ दिन 06:41 से 19:03 तक है, 12 घं 22 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 25 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 19:03, 12 घं 22 मि का दिन।
मंगल 25 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:03
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 19:03, 12 घं 22 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 25 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 282.1° पर था: श्रवण, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 280° पर उसके पद 1 में आया। वह 02:19 बुध को निकलेगा, धनिष्ठा में।
मंगल 25 मार्च को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 622.6° थे, एक चक्कर और 262.6°: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 340.5° + 282.1° = 622.6°, एक पूरा चक्कर और 262.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 13:23 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
मंगल 25 मार्च को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 301.6° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 15:01 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 02:15 बुध तक।
मंगल 25 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:41, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:41 से 06:40 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 25 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 28 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 29 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
मंगल 25 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 मार्च की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
मंगल 25 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 22:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 345.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 25 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:06 बुध
चंद्रमा यहाँ 05:06 बुध पर उदय होता है।
मंगल 25 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:13
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:13 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:06 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:13 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:06 बुध पर उदय होगा।