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साटली, अज़रबैजान का पंचांग मंगल 18 जून 2024

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

व्रत का पारण

निर्जला एकादशी

पारण मंगल 18 जून, 11:11 से सूर्यास्त 20:17 तक
निर्जला एकादशी: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:05 05:17 20:17अगला सूर्योदय 05:17 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:17–07:10रोगअशुभ
  • 07:10–09:02उद्वेगअशुभ
  • 09:02–10:55चरसामान्य
  • 10:55–12:47लाभशुभ
  • 12:47–14:40अमृतगुलिक काल में
  • 14:40–16:32कालअशुभ
  • 16:32–18:25शुभराहु काल में
  • 18:25–20:17रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:17–21:25कालअशुभ
  • 21:25–22:32लाभशुभ
  • 22:32–23:40उद्वेगअशुभ
  • 23:40–00:47 बुधशुभ
  • 00:47–01:55 बुधअमृतशुभ
  • 01:55–03:02 बुधचरसामान्य
  • 03:02–04:10 बुधरोगअशुभ
  • 04:10–05:17 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 18 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:41, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:17–07:10
  • उद्वेग, अशुभ, 07:10–09:02
  • चर, सामान्य, 09:02–10:55
  • लाभ, शुभ, 10:55–12:47
  • अमृत, शुभ, 12:47–14:40
  • काल, अशुभ, 14:40–16:32
  • शुभ, 16:32–18:25
  • रोग, अशुभ, 18:25–20:17
  • काल, अशुभ, 20:17–21:25
  • लाभ, शुभ, 21:25–22:32
  • उद्वेग, अशुभ, 22:32–23:40
  • शुभ, 23:40–00:47 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:47–01:55 बुध
  • चर, सामान्य, 01:55–03:02 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:02–04:10 बुध
  • काल, अशुभ, 04:10–05:17 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:17–09:17, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:02–10:55, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:17–13:17, शुभ
  • गुलिक काल, 12:47–14:40, अशुभ
  • राहु काल, 16:32–18:25, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:53–00:29 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:41 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 18 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 132.2° आगे था: शुक्ल द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 132.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 132.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:17। एकादशी उससे पहले 04:55 पर समाप्त हुई। द्वादशी 05:58 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 6 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

द्वादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

द्वादशी यहाँ मंगल 18 और बुध 19 जून दोनों के सूर्योदय पर है।

एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी मंगल 18 जून सुबह बुध 19 जून सुबह साटली UTC+4 04:55 05:58 05:17 द्वादशी 05:17 द्वादशी द्वादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी मंगल 18 जून सुबह बुध 19 जून सुबह साटली UTC+4 04:55 05:58 05:17 द्वादशी 05:17 द्वादशी द्वादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 04:55 को, सूर्योदय 05:17 से पहले, शुरू हुई और 05:58 बुध को, अगले सूर्योदय 05:17 बुध के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में एकादशी क्यों है?

नई दिल्ली में एकादशी है, साटली में द्वादशी।

एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी मंगल 18 जून सुबह बुध 19 जून सुबह नई दिल्ली IST साटली UTC+4 06:25 04:55 07:28 05:58 05:23 एकादशी 05:23 द्वादशी 05:17 द्वादशी 05:17 द्वादशी
एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी मंगल 18 जून सुबह बुध 19 जून सुबह नई दिल्ली IST साटली UTC+4 06:25 04:55 07:28 05:58 05:23 एकादशी 05:23 द्वादशी 05:17 द्वादशी 05:17 द्वादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:23, एकादशी की समाप्ति 06:25 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है।

साटली · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 05:17, एकादशी की समाप्ति 04:55 के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।

मंगल 18 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:05–04:41

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:05–04:41।

सूर्यास्त 20:17 सोम सूर्योदय 05:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 17 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:17 सोम सूर्योदय 05:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 17 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 17 जून की रात सूर्यास्त 20:17 सोम से सूर्योदय 05:17 तक थी, 9 घं 0 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 18 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:17–13:17

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:17–13:17।

मंगल 18 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 08:17–09:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:17–09:17, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:53–00:29 बुध।

मंगल 18 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 23:53–00:29 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:17–09:17, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:53–00:29 बुध।

सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:17 से 20:17, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:17–09:17 और 23:53–00:29 बुध।

मंगल 18 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:17–07:10 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:17 से 20:17, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:17 से 05:17 बुध, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 18 जून को राहुकाल कब है? 16:32–18:25

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:32–18:25।

मंगल 18 जून को यमगंड कब है? 09:02–10:55

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:02–10:55।

मंगल 18 जून को गुलिक काल कब है? 12:47–14:40

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:47–14:40।

सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:17 से 20:17 तक है, 15 घं 0 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 18 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:17

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:17, सूर्यास्त 20:17, 15 घं 0 मि का दिन।

मंगल 18 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:17

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:17, सूर्यास्त 20:17, 15 घं 0 मि का दिन।

सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:49 बुध चंद्रोदय 16:53
सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:49 बुध चंद्रोदय 16:53
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 18 जून को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 195.3° पर था: स्वाती, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 195.3° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 195.3° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 193°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 14:26 को निकलेगा, विशाखा में।

मंगल 18 जून को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 258.4° थे: शिव।

सूर्य 63.1° + चंद्रमा 195.3° = 258.4° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 63.1° + चंद्रमा 195.3° = 258.4° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 63.1° + 195.3° = 258.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 20:08 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

मंगल 18 जून को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 132.2° थी: द्वादशी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 132.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बव 132°–138° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 132.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बव 132°–138° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 17:31 तक है, जब बढ़त 138° होगी; बालव 05:58 बुध तक।

मंगल 18 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:17, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:17 से 05:17 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 18 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 6 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 6 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

मंगल 18 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल मंगल 18 जून पूर्णिमा 23 मई अमावस्या 6 जून पूर्णिमा 22 जून अमावस्या 6 जुल॰
अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल मंगल 18 जून पूर्णिमा 23 मई अमावस्या 6 जून पूर्णिमा 22 जून अमावस्या 6 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 जून की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।

मंगल 18 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 22:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 18 जून सूर्य 63.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 22:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 18 जून सूर्य 63.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 22:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 67.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 18 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:53

चंद्रमा यहाँ 16:53 पर उदय होता है।

मंगल 18 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:49 बुध

सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:49 बुध चंद्रोदय 16:53
सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:49 बुध चंद्रोदय 16:53
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:53 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:49 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:53 पर उदय हुआ; वह फिर 02:49 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।