tithika
English

साटली, अज़रबैजान का पंचांग गुरु 6 जून 2024

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 16:37 तक

फिर प्रतिपदा · 15:15 शुक्र तक

त्योहार

वट सावित्री व्रत

वट सावित्री व्रत गुरु 6 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। गुरु 6 जून क्यों?

वट सावित्री व्रत: साटली में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या गुरु 6 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। गुरु 6 जून क्यों?

अमावस्या: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:05 05:18 20:12अगला सूर्योदय 05:18 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:18–07:10शुभयमगण्ड में
  • 07:10–09:01रोगअशुभ
  • 09:01–10:53उद्वेगअशुभ
  • 10:53–12:45चरसामान्य
  • 12:45–14:37लाभशुभ
  • 14:37–16:28अमृतराहु काल में
  • 16:28–18:20कालअशुभ
  • 18:20–20:12शुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:12–21:20अमृतशुभ
  • 21:20–22:28चरसामान्य
  • 22:28–23:36रोगअशुभ
  • 23:36–00:45 शुक्रकालअशुभ
  • 00:45–01:53 शुक्रलाभशुभ
  • 01:53–03:01 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:01–04:09 शुक्रशुभ
  • 04:09–05:18 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 6 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:41, शुभ
  • शुभ, 05:18–07:10
  • रोग, अशुभ, 07:10–09:01
  • उद्वेग, अशुभ, 09:01–10:53
  • चर, सामान्य, 10:53–12:45
  • लाभ, शुभ, 12:45–14:37
  • अमृत, शुभ, 14:37–16:28
  • काल, अशुभ, 16:28–18:20
  • शुभ, 18:20–20:12
  • अमृत, शुभ, 20:12–21:20
  • चर, सामान्य, 21:20–22:28
  • रोग, अशुभ, 22:28–23:36
  • काल, अशुभ, 23:36–00:45 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:45–01:53 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:53–03:01 शुक्र
  • शुभ, 03:01–04:09 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:09–05:18 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:18–07:10, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:01–10:53, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:16–11:15, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:15–13:15, शुभ
  • राहु काल, 14:37–16:28, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:13–17:13, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:41 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

साटली में वट सावित्री व्रत गुरु 6 जून को क्यों है?

वट सावित्री व्रत गुरु 6 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

अमावस्या 04:00 05:00 06:00 07:00 गुरु 6 जून स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:18
अमावस्या 04:00 05:00 06:00 07:00 गुरु 6 जून स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:18
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या बुध 5 जून को 18:25 से गुरु 6 जून को 16:37 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 6 जून के सूर्योदय (05:18) पर है। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

वट सावित्री व्रत: साटली में हर तारीख़

साटली में अमावस्या गुरु 6 जून को क्यों है?

अमावस्या गुरु 6 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

अमावस्या 04:00 05:00 06:00 07:00 गुरु 6 जून स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:18
अमावस्या 04:00 05:00 06:00 07:00 गुरु 6 जून स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:18
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या बुध 5 जून को 18:25 से गुरु 6 जून को 16:37 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 6 जून के सूर्योदय (05:18) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: साटली में हर तारीख़

गुरु 6 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 353.9° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 353.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 353.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:18। चतुर्दशी उससे पहले 18:25 बुध पर समाप्त हुई। अमावस्या 16:37 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 23 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 6 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:05–04:41

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:05–04:41।

सूर्यास्त 20:11 बुध सूर्योदय 05:18 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 5 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:11 बुध सूर्योदय 05:18 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 5 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 5 जून की रात सूर्यास्त 20:11 बुध से सूर्योदय 05:18 तक थी, 9 घं 7 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 6 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:15–13:15

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:15–13:15।

गुरु 6 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 10:16–11:15

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:16–11:15 और 16:13–17:13।

गुरु 6 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 16:13–17:13

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:16–11:15 और 16:13–17:13।

सूर्योदय 05:18 सूर्यास्त 20:12 सूर्योदय 05:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:18 सूर्यास्त 20:12 सूर्योदय 05:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:18 से 20:12, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:16–11:15 और 16:13–17:13।

गुरु 6 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:18–07:10 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:18 सूर्यास्त 20:12 सूर्योदय 05:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:18 सूर्यास्त 20:12 सूर्योदय 05:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:18 से 20:12, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:12 से 05:18 शुक्र, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 6 जून को राहुकाल कब है? 14:37–16:28

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:37–16:28।

गुरु 6 जून को यमगंड कब है? 05:18–07:10

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:18–07:10।

गुरु 6 जून को गुलिक काल कब है? 09:01–10:53

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:01–10:53।

सूर्योदय 05:18 सूर्यास्त 20:12 सूर्योदय 05:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:18 सूर्यास्त 20:12 सूर्योदय 05:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:18 से 20:12 तक है, 14 घं 54 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 6 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:18

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:18, सूर्यास्त 20:12, 14 घं 54 मि का दिन।

गुरु 6 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:12

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:18, सूर्यास्त 20:12, 14 घं 54 मि का दिन।

सूर्योदय 05:18 सूर्यास्त 20:12 सूर्योदय 05:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:34
सूर्योदय 05:18 सूर्यास्त 20:12 सूर्योदय 05:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:34
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 6 जून को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 45.6° पर था: रोहिणी, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 45.6° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 45.6° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 43°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 18:46 को निकलेगा, मृगशिरा में।

गुरु 6 जून को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 97.2° थे: धृति।

सूर्य 51.6° + चंद्रमा 45.6° = 97.2° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 51.6° + चंद्रमा 45.6° = 97.2° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 51.6° + 45.6° = 97.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 20:38 को समाप्त होता है, फिर शूल।

गुरु 6 जून को कौन सा करण है? चतुष्पाद

सूर्योदय पर बढ़त 353.9° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।

सूर्य अमावस्या 0° 353.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 353.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 05:28 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 16:37 तक।

गुरु 6 जून को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:18, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:18 सूर्यास्त 20:12 सूर्योदय 05:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:18 सूर्यास्त 20:12 सूर्योदय 05:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:18 से 05:18 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 6 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 8 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 6 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

गुरु 6 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ वैशाख कृष्ण शुक्ल गुरु 6 जून अमावस्या 8 मई पूर्णिमा 23 मई अमावस्या 6 जून पूर्णिमा 22 जून
अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ वैशाख कृष्ण शुक्ल गुरु 6 जून अमावस्या 8 मई पूर्णिमा 23 मई अमावस्या 6 जून पूर्णिमा 22 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।

गुरु 6 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 22:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 6 जून सूर्य 51.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 22:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 6 जून सूर्य 51.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 22:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 56.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 6 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:34

चंद्रमा यहाँ 20:34 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 05:18 सूर्यास्त 20:12 सूर्योदय 05:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:34
सूर्योदय 05:18 सूर्यास्त 20:12 सूर्योदय 05:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:34
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 20:34 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।