साटली, अज़रबैजान का पंचांग गुरु 9 मई 2024
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
9 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 9 मई
- 04:18–04:57ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:37 से
- 05:37–07:23शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
08:11–09:10अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · कृत्तिका में
- 12:14–13:11अभिजीत मुहूर्त
- 12:43–14:29लाभ चौघड़िया
- 14:29–16:16अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 18:02–19:49शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:49 के बाद
- 19:49–21:02अमृत चौघड़िया
- 00:42–01:55 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:09–04:22 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:22–05:36 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:17–04:56 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:37–07:23शुभयमगण्ड में
- 07:23–09:10रोगअशुभ
- 09:10–10:56उद्वेगअशुभ
- 10:56–12:43चरसामान्य
- 12:43–14:29लाभशुभ
- 14:29–16:16अमृतराहु काल में
- 16:16–18:02कालअशुभ
- 18:02–19:49शुभ
रात का चौघड़िया
- 19:49–21:02अमृतशुभ
- 21:02–22:15चरसामान्य
- 22:15–23:29रोगअशुभ
- 23:29–00:42 शुक्रकालअशुभ
- 00:42–01:55 शुक्रलाभशुभ
- 01:55–03:09 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:09–04:22 शुक्रशुभ
- 04:22–05:36 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 9 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:18–04:57, शुभ
- शुभ, 05:37–07:23
- रोग, अशुभ, 07:23–09:10
- उद्वेग, अशुभ, 09:10–10:56
- चर, सामान्य, 10:56–12:43
- लाभ, शुभ, 12:43–14:29
- अमृत, शुभ, 14:29–16:16
- काल, अशुभ, 16:16–18:02
- शुभ, 18:02–19:49
- अमृत, शुभ, 19:49–21:02
- चर, सामान्य, 21:02–22:15
- रोग, अशुभ, 22:15–23:29
- काल, अशुभ, 23:29–00:42 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:42–01:55 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:55–03:09 शुक्र
- शुभ, 03:09–04:22 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:22–05:36 शुक्र
- यमगण्ड, 05:37–07:23, अशुभ
- गुलिक काल, 09:10–10:56, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:21–11:17, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:14–13:11, शुभ
- राहु काल, 14:29–16:16, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:01–16:58, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:17–04:56 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 9 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 12.4° आगे था: शुक्ल द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:37। प्रतिपदा उससे पहले 04:51 पर समाप्त हुई। द्वितीया 02:48 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 8 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?
नई दिल्ली में प्रतिपदा है, साटली में द्वितीया।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:34, प्रतिपदा की समाप्ति 06:21 से पहले हुआ: यह दिन प्रतिपदा है। द्वितीया अगले सूर्योदय से पहले, 04:18 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता: वह क्षय है।
साटली · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 05:37, प्रतिपदा की समाप्ति 04:51 के बाद हुआ: यह दिन द्वितीया है।
गुरु 9 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:18–04:57
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:18–04:57।
बुध 8 मई की रात सूर्यास्त 19:48 बुध से सूर्योदय 05:37 तक थी, 9 घं 49 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 9 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:14–13:11
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:14–13:11।
गुरु 9 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 10:21–11:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:21–11:17 और 16:01–16:58।
गुरु 9 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:01–16:58
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:21–11:17 और 16:01–16:58।
यहाँ दिन, 05:37 से 19:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:21–11:17 और 16:01–16:58।
गुरु 9 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:37–07:23 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:37 से 19:49, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:49 से 05:36 शुक्र, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 9 मई को राहुकाल कब है? 14:29–16:16
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:29–16:16।
गुरु 9 मई को यमगंड कब है? 05:37–07:23
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:37–07:23।
गुरु 9 मई को गुलिक काल कब है? 09:10–10:56
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:10–10:56।
यहाँ दिन 05:37 से 19:49 तक है, 14 घं 12 मि। इसे 1 घं 46 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 9 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:37
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 19:49, 14 घं 12 मि का दिन।
गुरु 9 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 19:49, 14 घं 12 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 9 मई को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 37.2° पर था: कृत्तिका, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 36°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:25 को निकलेगा, रोहिणी में।
गुरु 9 मई को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 61.9° थे: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 24.7° + 37.2° = 61.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 13:11 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
गुरु 9 मई को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 12.4° थी: द्वितीया का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 15:46 तक है, जब बढ़त 18° होगी; कौलव 02:48 शुक्र तक।
गुरु 9 मई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:37, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:37 से 05:36 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 9 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 8 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 6 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
गुरु 9 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
गुरु 9 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 22:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 29.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 9 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:04
चंद्रमा यहाँ 06:04 पर उदय होता है।
गुरु 9 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:45
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:04 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:45 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:04 पर उदय हुआ; वह फिर 21:45 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।