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साटली, अज़रबैजान का पंचांग शनि 4 मई 2024

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 19:09 तक

फिर द्वादशी · 16:12 रवि तक

व्रत

वरूथिनी एकादशी

पारण समय
05:41⁠–⁠16:12 रवि
रवि 5 मई
व्रत आरंभ
05:42

वरूथिनी एकादशी शनि 4 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। शनि 4 मई क्यों?

वरूथिनी एकादशी: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:22 05:42 19:44अगला सूर्योदय 05:41 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:42–07:27कालअशुभ
  • 07:27–09:13शुभ
  • 09:13–10:58रोगअशुभ
  • 10:58–12:43उद्वेगअशुभ
  • 12:43–14:28चरसामान्य
  • 14:28–16:13लाभयमगण्ड में
  • 16:13–17:58अमृतशुभ
  • 17:58–19:44कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:44–20:58लाभशुभ
  • 20:58–22:13उद्वेगअशुभ
  • 22:13–23:28शुभ
  • 23:28–00:42 रविअमृतशुभ
  • 00:42–01:57 रविचरसामान्य
  • 01:57–03:12 रविरोगअशुभ
  • 03:12–04:26 रविकालअशुभ
  • 04:26–05:41 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 4 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:22–05:02, शुभ
  • काल, अशुभ, 05:42–07:27
  • शुभ, 07:27–09:13
  • रोग, अशुभ, 09:13–10:58
  • उद्वेग, अशुभ, 10:58–12:43
  • चर, सामान्य, 12:43–14:28
  • लाभ, शुभ, 14:28–16:13
  • अमृत, शुभ, 16:13–17:58
  • काल, अशुभ, 17:58–19:44
  • लाभ, शुभ, 19:44–20:58
  • उद्वेग, अशुभ, 20:58–22:13
  • शुभ, 22:13–23:28
  • अमृत, शुभ, 23:28–00:42 रवि
  • चर, सामान्य, 00:42–01:57 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:57–03:12 रवि
  • काल, अशुभ, 03:12–04:26 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:26–05:41 रवि
  • गुलिक काल, 05:42–07:27, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 05:42–06:38, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:38–07:34, अशुभ
  • राहु काल, 09:13–10:58, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:15–13:11, शुभ
  • यमगण्ड, 14:28–16:13, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–05:01 रवि

हर मान कैसे निकलता है

साटली में वरूथिनी एकादशी शनि 4 मई को क्यों है?

वरूथिनी एकादशी शनि 4 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

एकादशी 05:42 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 शनि 4 मई स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:06–05:42
एकादशी 05:42 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 शनि 4 मई स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:06–05:42
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 4 मई को सूर्योदय पर है, 05:42: शनि 4 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 21:54 शुक्र पर, उससे (04:06–05:42) पहले, समाप्त हुई।

वरूथिनी एकादशी: साटली में हर तारीख़

शनि 4 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 304.4° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 304.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 304.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:42। दशमी उससे पहले 21:54 शुक्र पर समाप्त हुई। एकादशी 19:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 24 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शनि 4 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:22–05:02

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:22–05:02।

सूर्यास्त 19:43 शुक्र सूर्योदय 05:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 3 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:43 शुक्र सूर्योदय 05:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 3 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 3 मई की रात सूर्यास्त 19:43 शुक्र से सूर्योदय 05:42 तक थी, 9 घं 59 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 4 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:15–13:11

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:15–13:11।

शनि 4 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 05:42–06:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:42–06:38 और 06:38–07:34।

शनि 4 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:38–07:34

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:42–06:38 और 06:38–07:34।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:41 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:41 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 05:42 से 19:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:42–06:38 और 06:38–07:34।

शनि 4 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:42–07:27 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:41 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:41 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:42 से 19:44, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:44 से 05:41 रवि, 1 घं 14 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 4 मई को राहुकाल कब है? 09:13–10:58

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:13–10:58।

शनि 4 मई को यमगंड कब है? 14:28–16:13

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:28–16:13।

शनि 4 मई को गुलिक काल कब है? 05:42–07:27

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:42–07:27।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:41 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:41 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 05:42 से 19:44 तक है, 14 घं 2 मि। इसे 1 घं 45 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 4 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:42

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 19:44, 14 घं 2 मि का दिन।

शनि 4 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 19:44, 14 घं 2 मि का दिन।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:41 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:23 चंद्रोदय 04:04 रवि
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:41 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:23 चंद्रोदय 04:04 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 4 मई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 324.3° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 324.3° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 324.3° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 323°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:37 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

शनि 4 मई को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 344.2° थे: इन्द्र।

सूर्य 19.9° + चंद्रमा 324.3° = 344.2° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 19.9° + चंद्रमा 324.3° = 344.2° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 19.9° + 324.3° = 344.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 09:33 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

शनि 4 मई को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 304.4° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 304.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 304.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 08:33 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 19:09 तक।

शनि 4 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:42, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:41 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:41 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:42 से 05:41 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 4 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 8 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 8 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

शनि 4 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।

अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 4 मई अमावस्या 8 अप्रैल पूर्णिमा 24 अप्रैल अमावस्या 8 मई पूर्णिमा 23 मई
अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 4 मई अमावस्या 8 अप्रैल पूर्णिमा 24 अप्रैल अमावस्या 8 मई पूर्णिमा 23 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।

शनि 4 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 22:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 4 मई सूर्य 19.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 22:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 4 मई सूर्य 19.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 22:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 24.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 4 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:04 रवि

चंद्रमा यहाँ 04:04 रवि पर उदय होता है।

शनि 4 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:23

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:41 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:23 चंद्रोदय 04:04 रवि
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:41 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:23 चंद्रोदय 04:04 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:23 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:04 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:23 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:04 रवि पर उदय होगा।