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साटली, अज़रबैजान का पंचांग शुक्र 21 जुलाई 2023

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:19 05:34 20:10अगला सूर्योदय 05:35 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:34–07:24चरसामान्य
  • 07:24–09:13लाभगुलिक काल में
  • 09:13–11:03अमृतशुभ
  • 11:03–12:52कालअशुभ
  • 12:52–14:42शुभ
  • 14:42–16:31रोगअशुभ
  • 16:31–18:20उद्वेगअशुभ
  • 18:20–20:10चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 20:10–21:21रोगअशुभ
  • 21:21–22:31कालअशुभ
  • 22:31–23:42लाभशुभ
  • 23:42–00:53 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:53–02:03 शनिशुभ
  • 02:03–03:14 शनिअमृतशुभ
  • 03:14–04:25 शनिचरसामान्य
  • 04:25–05:35 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 21 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:19–04:57, शुभ
  • चर, सामान्य, 05:34–07:24
  • लाभ, शुभ, 07:24–09:13
  • अमृत, शुभ, 09:13–11:03
  • काल, अशुभ, 11:03–12:52
  • शुभ, 12:52–14:42
  • रोग, अशुभ, 14:42–16:31
  • उद्वेग, अशुभ, 16:31–18:20
  • चर, सामान्य, 18:20–20:10
  • रोग, अशुभ, 20:10–21:21
  • काल, अशुभ, 21:21–22:31
  • लाभ, शुभ, 22:31–23:42
  • उद्वेग, अशुभ, 23:42–00:53 शनि
  • शुभ, 00:53–02:03 शनि
  • अमृत, शुभ, 02:03–03:14 शनि
  • चर, सामान्य, 03:14–04:25 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:25–05:35 शनि
  • गुलिक काल, 07:24–09:13, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:29–09:28, अशुभ
  • राहु काल, 11:03–12:52, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:23–13:21, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:21–14:20, अशुभ
  • यमगण्ड, 16:31–18:20, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:20–04:58 शनि

हर मान कैसे निकलता है

शुक्र 21 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 36° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 36.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 36.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:34। तृतीया उससे पहले 05:28 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 07:56 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 17 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

चतुर्थी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

चतुर्थी यहाँ शुक्र 21 और शनि 22 जुलाई दोनों के सूर्योदय पर है।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी शुक्र 21 जुलाई सुबह शनि 22 जुलाई सुबह साटली UTC+4 05:28 07:56 05:34 चतुर्थी 05:35 चतुर्थी चतुर्थी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी शुक्र 21 जुलाई सुबह शनि 22 जुलाई सुबह साटली UTC+4 05:28 07:56 05:34 चतुर्थी 05:35 चतुर्थी चतुर्थी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 05:28 को, सूर्योदय 05:34 से पहले, शुरू हुई और 07:56 शनि को, अगले सूर्योदय 05:35 शनि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्थी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?

नई दिल्ली में तृतीया है, साटली में चतुर्थी।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी शुक्र 21 जुलाई सुबह शनि 22 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST साटली UTC+4 06:58 05:28 09:26 07:56 05:36 तृतीया 05:36 चतुर्थी 05:34 चतुर्थी 05:35 चतुर्थी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी शुक्र 21 जुलाई सुबह शनि 22 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST साटली UTC+4 06:58 05:28 09:26 07:56 05:36 तृतीया 05:36 चतुर्थी 05:34 चतुर्थी 05:35 चतुर्थी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:36, तृतीया की समाप्ति 06:58 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।

साटली · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 05:34, तृतीया की समाप्ति 05:28 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

शुक्र 21 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:19–04:57

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:19–04:57।

सूर्यास्त 20:11 गुरु सूर्योदय 05:34 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 20 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:11 गुरु सूर्योदय 05:34 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 20 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 20 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:11 गुरु से सूर्योदय 05:34 तक थी, 9 घं 23 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 21 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:23–13:21

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:23–13:21।

शुक्र 21 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:29–09:28

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:29–09:28 और 13:21–14:20।

शुक्र 21 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:21–14:20

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:29–09:28 और 13:21–14:20।

सूर्योदय 05:34 सूर्यास्त 20:10 सूर्योदय 05:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 05:34 सूर्यास्त 20:10 सूर्योदय 05:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 05:34 से 20:10, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:29–09:28 और 13:21–14:20।

शुक्र 21 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:34–07:24 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 05:34 सूर्यास्त 20:10 सूर्योदय 05:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 05:34 सूर्यास्त 20:10 सूर्योदय 05:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:34 से 20:10, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:10 से 05:35 शनि, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 21 जुलाई को राहुकाल कब है? 11:03–12:52

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:03–12:52।

शुक्र 21 जुलाई को यमगंड कब है? 16:31–18:20

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:31–18:20।

शुक्र 21 जुलाई को गुलिक काल कब है? 07:24–09:13

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:24–09:13।

सूर्योदय 05:34 सूर्यास्त 20:10 सूर्योदय 05:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:34 सूर्यास्त 20:10 सूर्योदय 05:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 05:34 से 20:10 तक है, 14 घं 36 मि। इसे 1 घं 49 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 21 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:34

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:34, सूर्यास्त 20:10, 14 घं 36 मि का दिन।

शुक्र 21 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:10

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:34, सूर्यास्त 20:10, 14 घं 36 मि का दिन।

सूर्योदय 05:34 सूर्यास्त 20:10 सूर्योदय 05:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:24 चंद्रोदय 08:42
सूर्योदय 05:34 सूर्यास्त 20:10 सूर्योदय 05:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:24 चंद्रोदय 08:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 21 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मघा

सूर्योदय पर चंद्रमा 129.9° पर था: मघा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 129.9° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 129.9° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 126°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 12:27 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।

शुक्र 21 जुलाई को कौन सा योग है? व्यतीपात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 223.8° थे: व्यतीपात।

सूर्य 93.9° + चंद्रमा 129.9° = 223.8° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 93.9° + चंद्रमा 129.9° = 223.8° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 93.9° + 129.9° = 223.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 10:53 को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।

शुक्र 21 जुलाई को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 36° थी: चतुर्थी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 36.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° वणिज 36°–42° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 36.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° वणिज 36°–42° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 18:43 तक है, जब बढ़त 42° होगी; विष्टि 07:56 शनि तक।

शुक्र 21 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:34, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 05:34 सूर्यास्त 20:10 सूर्योदय 05:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 05:34 सूर्यास्त 20:10 सूर्योदय 05:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:34 से 05:35 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 21 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)

17 जुलाई और 16 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 जुलाई 22:31 सोम से 16 अगस्त 13:38 बुध तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 17 अगस्त 12:02 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।

शुक्र 21 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण (अधिक) श्रावण (अधिक) कृष्ण शुक्ल शुक्र 21 जुलाई पूर्णिमा 3 जुल॰ अमावस्या 17 जुल॰ पूर्णिमा 1 अग॰ अमावस्या 16 अग॰
अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण (अधिक) श्रावण (अधिक) कृष्ण शुक्ल शुक्र 21 जुलाई पूर्णिमा 3 जुल॰ अमावस्या 17 जुल॰ पूर्णिमा 1 अग॰ अमावस्या 16 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण (अधिक) है।

शुक्र 21 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945

विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 21:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 21 जुलाई सूर्य 93.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 21:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 21 जुलाई सूर्य 93.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 21:23 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 117.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 21 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:42

चंद्रमा यहाँ 08:42 पर उदय होता है।

शुक्र 21 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:24

सूर्योदय 05:34 सूर्यास्त 20:10 सूर्योदय 05:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:24 चंद्रोदय 08:42
सूर्योदय 05:34 सूर्यास्त 20:10 सूर्योदय 05:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:24 चंद्रोदय 08:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:42 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:24 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:42 पर उदय हुआ; वह फिर 22:24 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।