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साटली, अज़रबैजान का पंचांग गुरु 1 दिसंबर 2022

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:52 07:48 17:22अगला सूर्योदय 07:49 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:48–09:00शुभयमगण्ड में
  • 09:00–10:11रोगअशुभ
  • 10:11–11:23उद्वेगअशुभ
  • 11:23–12:35चरसामान्य
  • 12:35–13:46लाभशुभ
  • 13:46–14:58अमृतराहु काल में
  • 14:58–16:10कालअशुभ
  • 16:10–17:22शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:22–19:10अमृतशुभ
  • 19:10–20:58चरसामान्य
  • 20:58–22:47रोगअशुभ
  • 22:47–00:35 शुक्रकालअशुभ
  • 00:35–02:24 शुक्रलाभशुभ
  • 02:24–04:12 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:12–06:01 शुक्रशुभ
  • 06:01–07:49 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 1 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:52–06:50, शुभ
  • शुभ, 07:48–09:00
  • रोग, अशुभ, 09:00–10:11
  • उद्वेग, अशुभ, 10:11–11:23
  • चर, सामान्य, 11:23–12:35
  • लाभ, शुभ, 12:35–13:46
  • अमृत, शुभ, 13:46–14:58
  • काल, अशुभ, 14:58–16:10
  • शुभ, 16:10–17:22
  • अमृत, शुभ, 17:22–19:10
  • चर, सामान्य, 19:10–20:58
  • रोग, अशुभ, 20:58–22:47
  • काल, अशुभ, 22:47–00:35 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:35–02:24 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:24–04:12 शुक्र
  • शुभ, 04:12–06:01 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 06:01–07:49 शुक्र
  • यमगण्ड, 07:48–09:00, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:11–11:23, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:59–11:37, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:16–12:54, शुभ
  • राहु काल, 13:46–14:58, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:49–15:27, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:53–06:51 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 1 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल नवमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 97° आगे था: शुक्ल नवमी।

सूर्य अमावस्या 0° 97.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 97.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 96°–108° नौवीं है, शुक्ल नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:48। अष्टमी उससे पहले 05:51 पर समाप्त हुई। नवमी 04:45 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 108° होगी। बढ़त 24 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में अष्टमी क्यों है?

नई दिल्ली में अष्टमी है, साटली में नवमी।

अष्टमी नवमी नवमी दशमी गुरु 1 दिसंबर सुबह शुक्र 2 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST साटली UTC+4 07:21 05:51 06:15 04:45 06:56 अष्टमी 06:56 दशमी 07:48 नवमी 07:49 दशमी
अष्टमी नवमी नवमी दशमी गुरु 1 दिसंबर सुबह शुक्र 2 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST साटली UTC+4 07:21 05:51 06:15 04:45 06:56 अष्टमी 06:56 दशमी 07:48 नवमी 07:49 दशमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:56, अष्टमी की समाप्ति 07:21 से पहले हुआ: यह दिन अष्टमी है। नवमी अगले सूर्योदय से पहले, 06:15 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन नवमी नहीं होता: वह क्षय है।

साटली · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 07:48, अष्टमी की समाप्ति 05:51 के बाद हुआ: यह दिन नवमी है।

गुरु 1 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:52–06:50

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:52–06:50।

सूर्यास्त 17:22 बुध सूर्योदय 07:48 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 30 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:22 बुध सूर्योदय 07:48 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 30 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 30 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:22 बुध से सूर्योदय 07:48 तक थी, 14 घं 26 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 1 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:16–12:54

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:16–12:54।

गुरु 1 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:59–11:37

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:59–11:37 और 14:49–15:27।

गुरु 1 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:49–15:27

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:59–11:37 और 14:49–15:27।

सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 07:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 07:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 07:48 से 17:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:59–11:37 और 14:49–15:27।

गुरु 1 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:48–09:00 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 07:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 07:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:48 से 17:22, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:22 से 07:49 शुक्र, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 1 दिसंबर को राहुकाल कब है? 13:46–14:58

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:46–14:58।

गुरु 1 दिसंबर को यमगंड कब है? 07:48–09:00

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:48–09:00।

गुरु 1 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 10:11–11:23

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:11–11:23।

सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 07:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 07:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 07:48 से 17:22 तक है, 9 घं 34 मि। इसे 1 घं 11 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 1 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:48

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:48, सूर्यास्त 17:22, 9 घं 34 मि का दिन।

गुरु 1 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:48, सूर्यास्त 17:22, 9 घं 34 मि का दिन।

सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 07:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 01:37 शुक्र चंद्रोदय 14:01
सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 07:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 01:37 शुक्र चंद्रोदय 14:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 1 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 321.8° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 321.8° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 321.8° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 320° पर उसके पद 1 में आया। वह 04:13 शुक्र को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

गुरु 1 दिसंबर को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 546.5° थे, एक चक्कर और 186.5°: हर्षण।

सूर्य 224.7° + चंद्रमा 321.8° = 546.5° एक चक्कर + 186.5° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 224.7° + चंद्रमा 321.8° = 546.5° एक चक्कर + 186.5° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 224.7° + 321.8° = 546.5°, एक पूरा चक्कर और 186.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 08:03 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

गुरु 1 दिसंबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 97° थी: नवमी का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 97.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° बालव 96°–102° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 97.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° बालव 96°–102° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 17:14 तक है, जब बढ़त 102° होगी; कौलव 04:45 शुक्र तक।

गुरु 1 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:48, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 07:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 07:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:48 से 07:49 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 1 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 24 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 23 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

गुरु 1 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल गुरु 1 दिसंबर पूर्णिमा 8 नव॰ अमावस्या 24 नव॰ पूर्णिमा 8 दिस॰ अमावस्या 23 दिस॰
अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल गुरु 1 दिसंबर पूर्णिमा 8 नव॰ अमावस्या 24 नव॰ पूर्णिमा 8 दिस॰ अमावस्या 23 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।

गुरु 1 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944

विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 10:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 1 दिसंबर सूर्य 224.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 10:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 1 दिसंबर सूर्य 224.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 10:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 237.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 1 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:01

चंद्रमा यहाँ 14:01 पर उदय होता है।

गुरु 1 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:37 शुक्र

सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 07:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 01:37 शुक्र चंद्रोदय 14:01
सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 07:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 01:37 शुक्र चंद्रोदय 14:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:01 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:37 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:01 पर उदय हुआ; वह फिर 01:37 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।