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साटली, अज़रबैजान का पंचांग रवि 31 जनवरी 2021

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 18:55 तक

फिर चतुर्थी · 16:55 सोम तक

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
21:00

संकष्टी चतुर्थी रवि 31 जनवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। रवि 31 जनवरी क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:04 07:55 18:04अगला सूर्योदय 07:54 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:55–09:11उद्वेगअशुभ
  • 09:11–10:27चरसामान्य
  • 10:27–11:43लाभशुभ
  • 11:43–13:00अमृतशुभ
  • 13:00–14:16कालअशुभ
  • 14:16–15:32शुभ
  • 15:32–16:48रोगअशुभ
  • 16:48–18:04उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:04–19:48शुभ
  • 19:48–21:32अमृतशुभ
  • 21:32–23:15चरसामान्य
  • 23:15–00:59 सोमरोगअशुभ
  • 00:59–02:43 सोमकालअशुभ
  • 02:43–04:27 सोमलाभशुभ
  • 04:27–06:10 सोमउद्वेगअशुभ
  • 06:10–07:54 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 31 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:04–07:00, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 07:55–09:11
  • चर, सामान्य, 09:11–10:27
  • लाभ, शुभ, 10:27–11:43
  • अमृत, शुभ, 11:43–13:00
  • काल, अशुभ, 13:00–14:16
  • शुभ, 14:16–15:32
  • रोग, अशुभ, 15:32–16:48
  • उद्वेग, अशुभ, 16:48–18:04
  • शुभ, 18:04–19:48
  • अमृत, शुभ, 19:48–21:32
  • चर, सामान्य, 21:32–23:15
  • रोग, अशुभ, 23:15–00:59 सोम
  • काल, अशुभ, 00:59–02:43 सोम
  • लाभ, शुभ, 02:43–04:27 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 04:27–06:10 सोम
  • शुभ, 06:10–07:54 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:39–13:20, शुभ
  • यमगण्ड, 13:00–14:16, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:32–16:48, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:43–17:23, अशुभ
  • राहु काल, 16:48–18:04, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:04–06:59 सोम

हर मान कैसे निकलता है

साटली में संकष्टी चतुर्थी रवि 31 जनवरी को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी रवि 31 जनवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

चतुर्थी 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 रवि 31 जनवरी स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 21:00
चतुर्थी 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 रवि 31 जनवरी स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 21:00
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी रवि 31 जनवरी को 18:55 से सोम 1 फ़रवरी को 16:55 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल रवि 31 जनवरी को है, 21:00 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: साटली में हर तारीख़

रवि 31 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 210° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 210.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 210.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:55। द्वितीया उससे पहले 20:43 शनि पर समाप्त हुई। तृतीया 18:55 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 28 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

रवि 31 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:04–07:00

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:04–07:00।

सूर्यास्त 18:03 शनि सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 30 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:03 शनि सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 30 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 30 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:03 शनि से सूर्योदय 07:55 तक थी, 13 घं 52 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 31 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:39–13:20

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:39–13:20।

रवि 31 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 16:43–17:23

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:43–17:23।

सूर्योदय 07:55 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 07:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 07:55 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 07:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 07:55 से 18:04, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:43–17:23।

रवि 31 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:55–09:11 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:55 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 07:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 07:55 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 07:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:55 से 18:04, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:04 से 07:54 सोम, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 31 जनवरी को राहुकाल कब है? 16:48–18:04

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:48–18:04।

रवि 31 जनवरी को यमगंड कब है? 13:00–14:16

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:00–14:16।

रवि 31 जनवरी को गुलिक काल कब है? 15:32–16:48

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:32–16:48।

सूर्योदय 07:55 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 07:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:55 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 07:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 07:55 से 18:04 तक है, 10 घं 9 मि। इसे 1 घं 16 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 31 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:55

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:55, सूर्यास्त 18:04, 10 घं 9 मि का दिन।

रवि 31 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:04

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:55, सूर्यास्त 18:04, 10 घं 9 मि का दिन।

सूर्योदय 07:55 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 07:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:45 चंद्रोदय 21:00
सूर्योदय 07:55 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 07:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:45 चंद्रोदय 21:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 31 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 137.4° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 137.4° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 137.4° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 136°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:47 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।

रवि 31 जनवरी को कौन सा योग है? शोभन

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 424.7° थे, एक चक्कर और 64.7°: शोभन।

सूर्य 287.3° + चंद्रमा 137.4° = 424.7° एक चक्कर + 64.7° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 287.3° + चंद्रमा 137.4° = 424.7° एक चक्कर + 64.7° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 287.3° + 137.4° = 424.7°, एक पूरा चक्कर और 64.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 11:01 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।

रवि 31 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 210° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 210.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 210.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 07:50 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 18:55 तक है।

रवि 31 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 07:55, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 07:55 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 07:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 07:55 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 07:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:55 से 07:54 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 31 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 13 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 11 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

रवि 31 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल रवि 31 जनवरी अमावस्या 13 जन॰ पूर्णिमा 28 जन॰ अमावस्या 11 फ़र॰ पूर्णिमा 27 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल रवि 31 जनवरी अमावस्या 13 जन॰ पूर्णिमा 28 जन॰ अमावस्या 11 फ़र॰ पूर्णिमा 27 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।

रवि 31 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942

विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2020 13:28 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 31 जनवरी सूर्य 287.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2020 13:28 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 31 जनवरी सूर्य 287.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 13:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 307.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 31 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:00

चंद्रमा यहाँ 21:00 पर उदय होता है।

रवि 31 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:45

सूर्योदय 07:55 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 07:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:45 चंद्रोदय 21:00
सूर्योदय 07:55 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 07:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:45 चंद्रोदय 21:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:45 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:00 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:45 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:00 पर उदय होगा।