साटली, अज़रबैजान का पंचांग मंगल 12 जनवरी 2021
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
12 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 12 जनवरी
- 06:11–07:09ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 08:07 से
- 11:42–12:54लाभ चौघड़िया
- 12:35–12:54अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:54–14:06अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:18–16:30शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:42 के बाद
- 19:30–21:18लाभ चौघड़िया
- 23:06–23:28शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:25–00:54 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
00:25–01:49 बुधअमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · पूर्वाषाढा में
- 00:54–02:42 बुधअमृत चौघड़िया
- 06:11–07:09 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 08:07–09:19रोगअशुभ
- 09:19–10:31उद्वेगअशुभ
- 10:31–11:42चरसामान्य
- 11:42–12:54लाभशुभ
- 12:54–14:06अमृतगुलिक काल में
- 14:06–15:18कालअशुभ
- 15:18–16:30शुभराहु काल में
- 16:30–17:42रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:42–19:30कालअशुभ
- 19:30–21:18लाभशुभ
- 21:18–23:06उद्वेगअशुभ
- 23:06–00:54 बुधशुभ
- 00:54–02:42 बुधअमृतशुभ
- 02:42–04:30 बुधचरसामान्य
- 04:30–06:18 बुधरोगअशुभ
- 06:18–08:06 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 12 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:11–07:09, शुभ
- रोग, अशुभ, 08:07–09:19
- उद्वेग, अशुभ, 09:19–10:31
- चर, सामान्य, 10:31–11:42
- लाभ, शुभ, 11:42–12:54
- अमृत, शुभ, 12:54–14:06
- काल, अशुभ, 14:06–15:18
- शुभ, 15:18–16:30
- रोग, अशुभ, 16:30–17:42
- काल, अशुभ, 17:42–19:30
- लाभ, शुभ, 19:30–21:18
- उद्वेग, अशुभ, 21:18–23:06
- शुभ, 23:06–00:54 बुध
- अमृत, शुभ, 00:54–02:42 बुध
- चर, सामान्य, 02:42–04:30 बुध
- रोग, अशुभ, 04:30–06:18 बुध
- काल, अशुभ, 06:18–08:06 बुध
- दुर्मुहूर्त, 10:02–10:40, अशुभ
- यमगण्ड, 10:31–11:42, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:35–13:14, शुभ
- गुलिक काल, 12:54–14:06, अशुभ
- राहु काल, 15:18–16:30, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:28–00:25 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:11–07:09 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 12 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 346.5° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:07। त्रयोदशी उससे पहले 13:02 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 10:52 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 30 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 12 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:11–07:09
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:11–07:09।
सोम 11 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:41 सोम से सूर्योदय 08:07 तक थी, 14 घं 26 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 12 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:35–13:14
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:35–13:14।
मंगल 12 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 10:02–10:40
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 10:02–10:40, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:28–00:25 बुध।
मंगल 12 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 23:28–00:25 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 10:02–10:40, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:28–00:25 बुध।
यहाँ दिन, 08:07 से 17:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 10:02–10:40 और 23:28–00:25 बुध।
मंगल 12 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
08:07–09:19 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 08:07 से 17:42, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:42 से 08:06 बुध, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 12 जनवरी को राहुकाल कब है? 15:18–16:30
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:18–16:30।
मंगल 12 जनवरी को यमगंड कब है? 10:31–11:42
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:31–11:42।
मंगल 12 जनवरी को गुलिक काल कब है? 12:54–14:06
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:54–14:06।
यहाँ दिन 08:07 से 17:42 तक है, 9 घं 35 मि। इसे 1 घं 11 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 12 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 08:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:07, सूर्यास्त 17:42, 9 घं 35 मि का दिन।
मंगल 12 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:07, सूर्यास्त 17:42, 9 घं 35 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 12 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 254.5° पर था: पूर्वाषाढा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 253°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 04:51 बुध को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
मंगल 12 जनवरी को कौन सा योग है? व्याघात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 522.5° थे, एक चक्कर और 162.5°: व्याघात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 268° + 254.5° = 522.5°, एक पूरा चक्कर और 162.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 01:17 बुध को समाप्त होता है, फिर हर्षण।
मंगल 12 जनवरी को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 346.5° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 23:56 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 10:52 तक है।
मंगल 12 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 08:07, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:07 से 08:06 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 12 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 14 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 13 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
मंगल 12 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 जनवरी की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
मंगल 12 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942
विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 13:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 287.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 12 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:46
चंद्रमा यहाँ 16:46 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 16:46 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।