tithika
English

साटली, अज़रबैजान का पंचांग मंगल 12 जून 2018

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 06:04 तक

फिर चतुर्दशी · 03:04 बुध तक

यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं कारण जानें

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:28⁠–⁠01:04 बुध
निशीथ काल 00:28⁠–⁠01:04 बुध

मासिक शिवरात्रि मंगल 12 जून को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 12 जून क्यों?

मासिक शिवरात्रि: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:05 05:17 20:15अगला सूर्योदय 05:17 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:17–07:09रोगअशुभ
  • 07:09–09:01उद्वेगअशुभ
  • 09:01–10:54चरसामान्य
  • 10:54–12:46लाभशुभ
  • 12:46–14:38अमृतगुलिक काल में
  • 14:38–16:30कालअशुभ
  • 16:30–18:23शुभराहु काल में
  • 18:23–20:15रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:15–21:23कालअशुभ
  • 21:23–22:30लाभशुभ
  • 22:30–23:38उद्वेगअशुभ
  • 23:38–00:46 बुधशुभ
  • 00:46–01:54 बुधअमृतशुभ
  • 01:54–03:01 बुधचरसामान्य
  • 03:01–04:09 बुधरोगअशुभ
  • 04:09–05:17 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 12 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:41, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:17–07:09
  • उद्वेग, अशुभ, 07:09–09:01
  • चर, सामान्य, 09:01–10:54
  • लाभ, शुभ, 10:54–12:46
  • अमृत, शुभ, 12:46–14:38
  • काल, अशुभ, 14:38–16:30
  • शुभ, 16:30–18:23
  • रोग, अशुभ, 18:23–20:15
  • काल, अशुभ, 20:15–21:23
  • लाभ, शुभ, 21:23–22:30
  • उद्वेग, अशुभ, 22:30–23:38
  • शुभ, 23:38–00:46 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:46–01:54 बुध
  • चर, सामान्य, 01:54–03:01 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:01–04:09 बुध
  • काल, अशुभ, 04:09–05:17 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:16–09:16, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:01–10:54, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:16–13:16, शुभ
  • गुलिक काल, 12:46–14:38, अशुभ
  • राहु काल, 16:30–18:23, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:52–00:28 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:41 बुध

हर मान कैसे निकलता है

साटली में मासिक शिवरात्रि मंगल 12 जून को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि मंगल 12 जून को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 23:00 00:00 01:00 02:00 03:00 04:00 सोम 11 जून निशीथ काल 00:27–01:04 मंगल
त्रयोदशी 23:00 01:00 03:00 सोम 11 जून निशीथ काल 00:27–01:04 मंगल
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 12 जून को 06:04 से बुध 13 जून को 03:04 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (00:28 बुध–01:04 बुध) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: साटली में हर तारीख़

मंगल 12 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 335.6° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 335.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 335.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:17। द्वादशी उससे पहले 08:34 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 06:04 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 29 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

चतुर्दशी क्षय क्यों है?

चतुर्दशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं होता।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या मंगल 12 जून सुबह बुध 13 जून सुबह साटली UTC+4 06:04 03:04 05:17 त्रयोदशी 05:17 अमावस्या चतुर्दशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या मंगल 12 जून सुबह बुध 13 जून सुबह साटली UTC+4 06:04 03:04 05:17 त्रयोदशी 05:17 अमावस्या चतुर्दशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्दशी 06:04 को शुरू हुई और 03:04 बुध को समाप्त, 05:17 और 05:17 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को त्रयोदशी है और बुधवार को अमावस्या: चतुर्दशी यहाँ क्षय तिथि है।

मंगल 12 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:05–04:41

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:05–04:41।

सूर्यास्त 20:14 सोम सूर्योदय 05:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 11 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:14 सोम सूर्योदय 05:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 11 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 11 जून की रात सूर्यास्त 20:14 सोम से सूर्योदय 05:17 तक थी, 9 घं 3 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 12 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:16–13:16

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:16–13:16।

मंगल 12 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 08:16–09:16

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:16–09:16, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:52–00:28 बुध।

मंगल 12 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 23:52–00:28 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:16–09:16, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:52–00:28 बुध।

सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:15 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:15 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:17 से 20:15, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:16–09:16 और 23:52–00:28 बुध।

मंगल 12 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:17–07:09 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:15 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:15 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:17 से 20:15, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:15 से 05:17 बुध, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 12 जून को राहुकाल कब है? 16:30–18:23

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:30–18:23।

मंगल 12 जून को यमगंड कब है? 09:01–10:54

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:01–10:54।

मंगल 12 जून को गुलिक काल कब है? 12:46–14:38

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:46–14:38।

सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:15 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:15 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:17 से 20:15 तक है, 14 घं 58 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 12 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:17

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:17, सूर्यास्त 20:15, 14 घं 58 मि का दिन।

मंगल 12 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:15

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:17, सूर्यास्त 20:15, 14 घं 58 मि का दिन।

सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:15 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:34 चंद्रोदय 05:00 बुध
सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:15 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:34 चंद्रोदय 05:00 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 12 जून को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 32.5° पर था: कृत्तिका, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 32.5° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 32.5° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 30° पर उसके पद 2 में आया। वह 17:36 को निकलेगा, रोहिणी में।

मंगल 12 जून को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 89.4° थे: सुकर्मा।

सूर्य 56.9° + चंद्रमा 32.5° = 89.4° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 56.9° + चंद्रमा 32.5° = 89.4° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 56.9° + 32.5° = 89.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 11:18 को समाप्त होता है, फिर धृति।

मंगल 12 जून को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 335.6° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 335.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 335.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 19:23 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 06:04 तक है।

मंगल 12 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:17, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:15 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:15 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:17 से 05:17 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 12 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

15 मई और 13 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 मई 15:47 मंगल से 13 जून 23:43 बुध तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 10:06 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।

मंगल 12 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 12 जून अमावस्या 15 मई पूर्णिमा 29 मई अमावस्या 13 जून पूर्णिमा 28 जून
अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 12 जून अमावस्या 15 मई पूर्णिमा 29 मई अमावस्या 13 जून पूर्णिमा 28 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ (अधिक) है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ (अधिक)।

मंगल 12 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940

विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 17:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 12 जून सूर्य 56.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 17:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 12 जून सूर्य 56.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 17:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 84.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 12 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:00 बुध

चंद्रमा यहाँ 05:00 बुध पर उदय होता है।

मंगल 12 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:34

सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:15 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:34 चंद्रोदय 05:00 बुध
सूर्योदय 05:17 सूर्यास्त 20:15 सूर्योदय 05:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:34 चंद्रोदय 05:00 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:34 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:00 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:34 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:00 बुध पर उदय होगा।