साटली, अज़रबैजान का पंचांग शनि 16 सितंबर 2017
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
इंदिरा एकादशी
इंदिरा एकादशी शनि 16 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। शनि 16 सितंबर क्यों?
इंदिरा एकादशी: साटली में हर तारीख़16 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 16 सितंबर
- 04:55–05:42ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:28 से
- 08:07–09:34शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:16–13:05अभिजीत मुहूर्त
- 14:14–15:47लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:47–17:20अमृत चौघड़िया
-
17:30–19:01अमृत कालपुष्य में
- सूर्यास्त 18:53 के बाद
- 18:53–20:20लाभ चौघड़िया
- 21:47–23:14शुभ चौघड़िया
- 23:14–00:41 रविअमृत चौघड़िया
- 05:02–06:29 रविलाभ चौघड़िया
- 04:56–05:42 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:28–08:01कालअशुभ
- 08:01–09:34शुभ
- 09:34–11:07रोगअशुभ
- 11:07–12:40उद्वेगअशुभ
- 12:40–14:14चरसामान्य
- 14:14–15:47लाभयमगण्ड में
- 15:47–17:20अमृतशुभ
- 17:20–18:53कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:53–20:20लाभशुभ
- 20:20–21:47उद्वेगअशुभ
- 21:47–23:14शुभ
- 23:14–00:41 रविअमृतशुभ
- 00:41–02:08 रविचरसामान्य
- 02:08–03:35 रविरोगअशुभ
- 03:35–05:02 रविकालअशुभ
- 05:02–06:29 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 16 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:55–05:42, शुभ
- काल, अशुभ, 06:28–08:01
- शुभ, 08:01–09:34
- रोग, अशुभ, 09:34–11:07
- उद्वेग, अशुभ, 11:07–12:40
- चर, सामान्य, 12:40–14:14
- लाभ, शुभ, 14:14–15:47
- अमृत, शुभ, 15:47–17:20
- काल, अशुभ, 17:20–18:53
- लाभ, शुभ, 18:53–20:20
- उद्वेग, अशुभ, 20:20–21:47
- शुभ, 21:47–23:14
- अमृत, शुभ, 23:14–00:41 रवि
- चर, सामान्य, 00:41–02:08 रवि
- रोग, अशुभ, 02:08–03:35 रवि
- काल, अशुभ, 03:35–05:02 रवि
- लाभ, शुभ, 05:02–06:29 रवि
- गुलिक काल, 06:28–08:01, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:28–07:17, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:17–08:07, अशुभ
- राहु काल, 09:34–11:07, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:16–13:05, शुभ
- यमगण्ड, 14:14–15:47, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:42 रवि
हर मान कैसे निकलता है
साटली में इंदिरा एकादशी शनि 16 सितंबर को क्यों है?
इंदिरा एकादशी शनि 16 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 16 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:28: शनि 16 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 17:00 शुक्र पर, उससे (04:52–06:28) पहले, समाप्त हुई।
शनि 16 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 307.4° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:28। दशमी उससे पहले 17:00 शुक्र पर समाप्त हुई। एकादशी 15:00 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 6 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 16 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:55–05:42
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:55–05:42।
शुक्र 15 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:55 शुक्र से सूर्योदय 06:28 तक थी, 11 घं 33 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 16 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:16–13:05
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:16–13:05।
शनि 16 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:28–07:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:28–07:17 और 07:17–08:07।
शनि 16 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:17–08:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:28–07:17 और 07:17–08:07।
यहाँ दिन, 06:28 से 18:53, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:28–07:17 और 07:17–08:07।
शनि 16 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:28–08:01 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:28 से 18:53, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:53 से 06:29 रवि, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 16 सितंबर को राहुकाल कब है? 09:34–11:07
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:34–11:07।
शनि 16 सितंबर को यमगंड कब है? 14:14–15:47
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:14–15:47।
शनि 16 सितंबर को गुलिक काल कब है? 06:28–08:01
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:28–08:01।
यहाँ दिन 06:28 से 18:53 तक है, 12 घं 25 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 16 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 18:53, 12 घं 25 मि का दिन।
शनि 16 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:53
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 18:53, 12 घं 25 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 16 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य
सूर्योदय पर चंद्रमा 96.7° पर था: पुष्य, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 96°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:35 को निकलेगा, अश्लेशा में।
शनि 16 सितंबर को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 246° थे: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 149.3° + 96.7° = 246°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 18:12 को समाप्त होता है, फिर शिव।
शनि 16 सितंबर को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 307.4° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 03:59 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 15:00 तक है।
शनि 16 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:28, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:28 से 06:29 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 16 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 21 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 20 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
शनि 16 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 सितंबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
शनि 16 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2074 · शक 1939
विक्रम संवत 2074 28 मार्च 2017 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 2017, 06:57 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 165.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2074 गिनता है; शक संवत 1939।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 16 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:07 रवि
चंद्रमा यहाँ 03:07 रवि पर उदय होता है।
शनि 16 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:37
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:37 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:07 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:37 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:07 रवि पर उदय होगा।