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साटली, अज़रबैजान का पंचांग शनि 19 अगस्त 2017

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 03:08 रवि तक

फिर चतुर्दशी · 00:40 सोम तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
19:37⁠–⁠21:42
प्रदोष काल 19:37⁠–⁠21:42

प्रदोष व्रत शनि 19 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। शनि 19 अगस्त क्यों?

प्रदोष व्रत: साटली में हर तारीख़

व्रत का पारण

अजा एकादशी

पारण शनि 19 अगस्त, अरुणोदय 04:25 से 05:47 तक
अजा एकादशी: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:38 06:01 19:37अगला सूर्योदय 06:02 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:01–07:43कालअशुभ
  • 07:43–09:25शुभ
  • 09:25–11:07रोगअशुभ
  • 11:07–12:49उद्वेगअशुभ
  • 12:49–14:31चरसामान्य
  • 14:31–16:13लाभयमगण्ड में
  • 16:13–17:55अमृतशुभ
  • 17:55–19:37कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:37–20:55लाभशुभ
  • 20:55–22:13उद्वेगअशुभ
  • 22:13–23:31शुभ
  • 23:31–00:50 रविअमृतशुभ
  • 00:50–02:08 रविचरसामान्य
  • 02:08–03:26 रविरोगअशुभ
  • 03:26–04:44 रविकालअशुभ
  • 04:44–06:02 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 19 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:38–05:20, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:01–07:43
  • शुभ, 07:43–09:25
  • रोग, अशुभ, 09:25–11:07
  • उद्वेग, अशुभ, 11:07–12:49
  • चर, सामान्य, 12:49–14:31
  • लाभ, शुभ, 14:31–16:13
  • अमृत, शुभ, 16:13–17:55
  • काल, अशुभ, 17:55–19:37
  • लाभ, शुभ, 19:37–20:55
  • उद्वेग, अशुभ, 20:55–22:13
  • शुभ, 22:13–23:31
  • अमृत, शुभ, 23:31–00:50 रवि
  • चर, सामान्य, 00:50–02:08 रवि
  • रोग, अशुभ, 02:08–03:26 रवि
  • काल, अशुभ, 03:26–04:44 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:44–06:02 रवि
  • गुलिक काल, 06:01–07:43, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:01–06:56, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:56–07:50, अशुभ
  • राहु काल, 09:25–11:07, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:16, शुभ
  • यमगण्ड, 14:31–16:13, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:21 रवि

हर मान कैसे निकलता है

साटली में प्रदोष व्रत शनि 19 अगस्त को क्यों है?

प्रदोष व्रत शनि 19 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 शुक्र 18 अगस्त प्रदोष काल 19:38–21:43
द्वादशी 18:00 20:00 22:00 शुक्र 18 अगस्त प्रदोष काल 19:38–21:43
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शनि 19 अगस्त को 05:47 से रवि 20 अगस्त को 03:08 तक है, इसलिए केवल शनिवार का प्रदोष काल (19:37–21:42) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: साटली में हर तारीख़

शनि 19 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 324.1° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 324.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:01। द्वादशी उससे पहले 05:47 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 03:08 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 7 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?

नई दिल्ली में द्वादशी है, साटली में त्रयोदशी।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी शनि 19 अगस्त सुबह रवि 20 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST साटली UTC+4 07:17 05:47 04:38 03:08 05:52 द्वादशी 05:53 चतुर्दशी 06:01 त्रयोदशी 06:02 चतुर्दशी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी शनि 19 अगस्त सुबह रवि 20 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST साटली UTC+4 07:17 05:47 04:38 03:08 05:52 द्वादशी 05:53 चतुर्दशी 06:01 त्रयोदशी 06:02 चतुर्दशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:52, द्वादशी की समाप्ति 07:17 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है। त्रयोदशी अगले सूर्योदय से पहले, 04:38 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता: वह क्षय है।

साटली · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 06:01, द्वादशी की समाप्ति 05:47 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

शनि 19 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:38–05:20

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:38–05:20।

सूर्यास्त 19:38 शुक्र सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 18 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:38 शुक्र सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 18 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 18 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:38 शुक्र से सूर्योदय 06:01 तक थी, 10 घं 23 मि। इसे 41 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 19 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:16

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:16।

शनि 19 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 06:01–06:56

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:01–06:56 और 06:56–07:50।

शनि 19 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 06:56–07:50

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:01–06:56 और 06:56–07:50।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:37 सूर्योदय 06:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:37 सूर्योदय 06:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:01 से 19:37, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 54 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:01–06:56 और 06:56–07:50।

शनि 19 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:01–07:43 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:37 सूर्योदय 06:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:37 सूर्योदय 06:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:01 से 19:37, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:37 से 06:02 रवि, 1 घं 18 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 19 अगस्त को राहुकाल कब है? 09:25–11:07

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:25–11:07।

शनि 19 अगस्त को यमगंड कब है? 14:31–16:13

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:31–16:13।

शनि 19 अगस्त को गुलिक काल कब है? 06:01–07:43

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:01–07:43।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:37 सूर्योदय 06:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:37 सूर्योदय 06:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:01 से 19:37 तक है, 13 घं 36 मि। इसे 1 घं 42 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 19 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 19:37, 13 घं 36 मि का दिन।

शनि 19 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:37

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 19:37, 13 घं 36 मि का दिन।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:37 सूर्योदय 06:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:54 चंद्रोदय 04:14 रवि
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:37 सूर्योदय 06:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:54 चंद्रोदय 04:14 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 19 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 86.3° पर था: पुनर्वसु, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 86.3° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 86.3° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 83°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 17:38 को निकलेगा, पुष्य में।

शनि 19 अगस्त को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 208.5° थे: सिद्धि।

सूर्य 122.2° + चंद्रमा 86.3° = 208.5° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 122.2° + चंद्रमा 86.3° = 208.5° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 122.2° + 86.3° = 208.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 13:30 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

शनि 19 अगस्त को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 324.1° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 324.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 16:26 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 03:08 रवि तक।

शनि 19 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:01, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:37 सूर्योदय 06:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:37 सूर्योदय 06:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:01 से 06:02 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 19 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 23 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 21 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

शनि 19 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल शनि 19 अगस्त अमावस्या 23 जुल॰ पूर्णिमा 7 अग॰ अमावस्या 21 अग॰ पूर्णिमा 6 सित॰
अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद श्रावण कृष्ण शुक्ल शनि 19 अगस्त अमावस्या 23 जुल॰ पूर्णिमा 7 अग॰ अमावस्या 21 अग॰ पूर्णिमा 6 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

शनि 19 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2074 · शक 1939

विक्रम संवत 2074 28 मार्च 2017 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 2017 06:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 19 अगस्त सूर्य 122.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 2017 06:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 19 अगस्त सूर्य 122.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 2017, 06:57 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 138.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2074 गिनता है; शक संवत 1939।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 19 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:14 रवि

चंद्रमा यहाँ 04:14 रवि पर उदय होता है।

शनि 19 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:54

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:37 सूर्योदय 06:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:54 चंद्रोदय 04:14 रवि
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 19:37 सूर्योदय 06:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:54 चंद्रोदय 04:14 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:54 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:14 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:54 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:14 रवि पर उदय होगा।