साटली, अज़रबैजान का पंचांग मंगल 2 अगस्त 2016
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या मंगल 2 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 2 अगस्त क्यों?
अमावस्या: साटली में हर तारीख़2 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 2 अगस्त
- 04:27–05:06ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:46 से
- 11:05–12:52लाभ चौघड़िया
- 12:23–12:52अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:52–14:38अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:25–18:12शुभ चौघड़ियाराहु काल में
-
18:12–19:37अमृत कालराहु काल छोड़कर · पुष्य में
- सूर्यास्त 19:58 के बाद
- 21:12–22:25लाभ चौघड़िया
- 23:39–23:53शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:33–00:52 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:52–02:06 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:28–05:07 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:46–07:32रोगअशुभ
- 07:32–09:19उद्वेगअशुभ
- 09:19–11:05चरसामान्य
- 11:05–12:52लाभशुभ
- 12:52–14:38अमृतगुलिक काल में
- 14:38–16:25कालअशुभ
- 16:25–18:12शुभराहु काल में
- 18:12–19:58रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:58–21:12कालअशुभ
- 21:12–22:25लाभशुभ
- 22:25–23:39उद्वेगअशुभ
- 23:39–00:52 बुधशुभ
- 00:52–02:06 बुधअमृतशुभ
- 02:06–03:19 बुधचरसामान्य
- 03:19–04:33 बुधरोगअशुभ
- 04:33–05:47 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 2 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:27–05:06, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:46–07:32
- उद्वेग, अशुभ, 07:32–09:19
- चर, सामान्य, 09:19–11:05
- लाभ, शुभ, 11:05–12:52
- अमृत, शुभ, 12:52–14:38
- काल, अशुभ, 14:38–16:25
- शुभ, 16:25–18:12
- रोग, अशुभ, 18:12–19:58
- काल, अशुभ, 19:58–21:12
- लाभ, शुभ, 21:12–22:25
- उद्वेग, अशुभ, 22:25–23:39
- शुभ, 23:39–00:52 बुध
- अमृत, शुभ, 00:52–02:06 बुध
- चर, सामान्य, 02:06–03:19 बुध
- रोग, अशुभ, 03:19–04:33 बुध
- काल, अशुभ, 04:33–05:47 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:36–09:33, अशुभ
- यमगण्ड, 09:19–11:05, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:23–13:20, शुभ
- गुलिक काल, 12:52–14:38, अशुभ
- राहु काल, 16:25–18:12, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:53–00:33 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:07 बुध
हर मान कैसे निकलता है
साटली में अमावस्या मंगल 2 अगस्त को क्यों है?
अमावस्या मंगल 2 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 2 अगस्त को 01:44 से बुध 3 अगस्त को 00:44 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 2 अगस्त के सूर्योदय (05:46) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 2 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 350.1° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:46। चतुर्दशी उससे पहले 01:44 पर समाप्त हुई। अमावस्या 00:44 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 20 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 2 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:27–05:06
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:27–05:06।
सोम 1 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:59 सोम से सूर्योदय 05:46 तक थी, 9 घं 47 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 2 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:23–13:20
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:23–13:20।
मंगल 2 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:36–09:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:36–09:33, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:53–00:33 बुध।
मंगल 2 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 23:53–00:33 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:36–09:33, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:53–00:33 बुध।
यहाँ दिन, 05:46 से 19:58, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:36–09:33 और 23:53–00:33 बुध।
मंगल 2 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:46–07:32 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:46 से 19:58, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:58 से 05:47 बुध, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 2 अगस्त को राहुकाल कब है? 16:25–18:12
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:25–18:12।
मंगल 2 अगस्त को यमगंड कब है? 09:19–11:05
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:19–11:05।
मंगल 2 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:52–14:38
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:52–14:38।
यहाँ दिन 05:46 से 19:58 तक है, 14 घं 12 मि। इसे 1 घं 46 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 2 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:46
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:46, सूर्यास्त 19:58, 14 घं 12 मि का दिन।
मंगल 2 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:46, सूर्यास्त 19:58, 14 घं 12 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 2 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य
सूर्योदय पर चंद्रमा 96.2° पर था: पुष्य, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 93°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 00:22 बुध को निकलेगा, अश्लेशा में।
मंगल 2 अगस्त को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 202.3° थे: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 106.1° + 96.2° = 202.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 00:02 बुध को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
मंगल 2 अगस्त को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 350.1° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 13:10 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 00:44 बुध तक।
मंगल 2 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:46, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:46 से 05:47 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 2 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 4 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 3 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
मंगल 2 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
मंगल 2 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938
विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 15:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 112.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 2 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:30
चंद्रमा यहाँ 19:30 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 19:30 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।