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साटली, अज़रबैजान का पंचांग शुक्र 31 जुलाई 2015

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

पूर्णिमा

शुक्ल पक्ष · 15:42 तक

फिर प्रतिपदा · 12:37 शनि तक

त्योहार

गुरु पूर्णिमा

गुरु पूर्णिमा शुक्र 31 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शुक्र 31 जुलाई क्यों?

गुरु पूर्णिमा: साटली में हर तारीख़

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा शुक्र 31 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शुक्र 31 जुलाई क्यों?

पूर्णिमा: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:26 06:43 21:01अगला सूर्योदय 06:44 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:43–08:30चरसामान्य
  • 08:30–10:18लाभगुलिक काल में
  • 10:18–12:05अमृतशुभ
  • 12:05–13:52कालअशुभ
  • 13:52–15:39शुभ
  • 15:39–17:27रोगअशुभ
  • 17:27–19:14उद्वेगअशुभ
  • 19:14–21:01चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 21:01–22:14रोगअशुभ
  • 22:14–23:27कालअशुभ
  • 23:27–00:40 शनिलाभशुभ
  • 00:40–01:52 शनिउद्वेगअशुभ
  • 01:52–03:05 शनिशुभ
  • 03:05–04:18 शनिअमृतशुभ
  • 04:18–05:31 शनिचरसामान्य
  • 05:31–06:44 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 31 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:26–06:04, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:43–08:30
  • लाभ, शुभ, 08:30–10:18
  • अमृत, शुभ, 10:18–12:05
  • काल, अशुभ, 12:05–13:52
  • शुभ, 13:52–15:39
  • रोग, अशुभ, 15:39–17:27
  • उद्वेग, अशुभ, 17:27–19:14
  • चर, सामान्य, 19:14–21:01
  • रोग, अशुभ, 21:01–22:14
  • काल, अशुभ, 22:14–23:27
  • लाभ, शुभ, 23:27–00:40 शनि
  • उद्वेग, अशुभ, 00:40–01:52 शनि
  • शुभ, 01:52–03:05 शनि
  • अमृत, शुभ, 03:05–04:18 शनि
  • चर, सामान्य, 04:18–05:31 शनि
  • रोग, अशुभ, 05:31–06:44 शनि
  • गुलिक काल, 08:30–10:18, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:35–10:32, अशुभ
  • राहु काल, 12:05–13:52, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:23–14:21, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:21–15:18, अशुभ
  • यमगण्ड, 17:27–19:14, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:26–06:05 शनि

हर मान कैसे निकलता है

साटली में गुरु पूर्णिमा शुक्र 31 जुलाई को क्यों है?

गुरु पूर्णिमा शुक्र 31 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 30 जुलाई सूर्योदय 06:42
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 30 जुलाई सूर्योदय 06:42
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

गुरु पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा गुरु 30 जुलाई को 18:30 से शुक्र 31 जुलाई को 15:42 तक है, इसलिए वह केवल शुक्र 31 जुलाई के सूर्योदय (06:43) पर है। गुरु पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

गुरु पूर्णिमा: साटली में हर तारीख़

साटली में पूर्णिमा शुक्र 31 जुलाई को क्यों है?

पूर्णिमा शुक्र 31 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 30 जुलाई सूर्योदय 06:42
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 30 जुलाई सूर्योदय 06:42
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा गुरु 30 जुलाई को 18:30 से शुक्र 31 जुलाई को 15:42 तक है, इसलिए वह केवल शुक्र 31 जुलाई के सूर्योदय (06:43) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: साटली में हर तारीख़

शुक्र 31 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 174.9° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।

सूर्य अमावस्या 0° 174.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 174.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:43। चतुर्दशी उससे पहले 18:30 गुरु पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 15:42 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 16 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शुक्र 31 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:26–06:04

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:26–06:04।

सूर्यास्त 21:02 गुरु सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 30 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:02 गुरु सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 30 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 30 जुलाई की रात सूर्यास्त 21:02 गुरु से सूर्योदय 06:43 तक थी, 9 घं 41 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 31 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:23–14:21

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:23–14:21।

शुक्र 31 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 09:35–10:32

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:35–10:32 और 14:21–15:18।

शुक्र 31 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 14:21–15:18

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:35–10:32 और 14:21–15:18।

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:01 सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:01 सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:43 से 21:01, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:35–10:32 और 14:21–15:18।

शुक्र 31 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:43–08:30 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:01 सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:01 सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:43 से 21:01, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:01 से 06:44 शनि, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 31 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:05–13:52

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:05–13:52।

शुक्र 31 जुलाई को यमगंड कब है? 17:27–19:14

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:27–19:14।

शुक्र 31 जुलाई को गुलिक काल कब है? 08:30–10:18

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:30–10:18।

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:01 सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:01 सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:43 से 21:01 तक है, 14 घं 18 मि। इसे 1 घं 47 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 31 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:43

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:43, सूर्यास्त 21:01, 14 घं 18 मि का दिन।

शुक्र 31 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:43, सूर्यास्त 21:01, 14 घं 18 मि का दिन।

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:01 सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 20:47
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:01 सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 20:47
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 31 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 278.4° पर था: उत्तराषाढा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 278.4° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 278.4° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 276°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:23 को निकलेगा, श्रवण में।

शुक्र 31 जुलाई को कौन सा योग है? प्रीति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 381.9° थे, एक चक्कर और 21.9°: प्रीति।

सूर्य 103.5° + चंद्रमा 278.4° = 381.9° एक चक्कर + 21.9° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 103.5° + चंद्रमा 278.4° = 381.9° एक चक्कर + 21.9° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 103.5° + 278.4° = 381.9°, एक पूरा चक्कर और 21.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 14:06 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।

शुक्र 31 जुलाई को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 174.9° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 174.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° बव 174°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 174.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° बव 174°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 05:09 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 15:42 तक है।

शुक्र 31 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:43, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:01 सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:01 सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:43 से 06:44 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 31 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 16 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 17 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 14 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

शुक्र 31 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल शुक्र 31 जुलाई पूर्णिमा 2 जुल॰ अमावस्या 16 जुल॰ पूर्णिमा 31 जुल॰ अमावस्या 14 अग॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल शुक्र 31 जुलाई पूर्णिमा 2 जुल॰ अमावस्या 16 जुल॰ पूर्णिमा 31 जुल॰ अमावस्या 14 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।

शुक्र 31 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937

विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 13:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 31 जुलाई सूर्य 103.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 13:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 31 जुलाई सूर्य 103.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 13:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 128.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 31 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:47

चंद्रमा यहाँ 20:47 पर उदय होता है।

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:01 सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 20:47
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:01 सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 20:47
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 20:47 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।