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आज का पंचांग, रिशकानी, मॉल्डोवा शुक्र 6 नवंबर 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EET में

त्योहार

धनतेरस

धनतेरस पूजा मुहूर्त
17:05⁠–⁠18:46
प्रदोष काल 16:44⁠–⁠19:35

धनतेरस शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। शुक्र 6 नवंबर क्यों?

धनतेरस: रिशकानी में हर तारीख़ आज कौन सा व्रत है: रिशकानी, मॉल्डोवा

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
16:44⁠–⁠19:35
प्रदोष काल 16:44⁠–⁠19:35

प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। शुक्र 6 नवंबर क्यों?

प्रदोष व्रत: रिशकानी में हर तारीख़

व्रत का पारण

रमा एकादशी

पारण शुक्र 6 नवंबर, अरुणोदय 05:25 से 07:01 तक
रमा एकादशी: रिशकानी में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:07 07:01 16:44अगला सूर्योदय 07:03 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:01–08:14चरसामान्य
  • 08:14–09:27लाभगुलिक काल में
  • 09:27–10:40अमृतशुभ
  • 10:40–11:52कालअशुभ
  • 11:52–13:05शुभ
  • 13:05–14:18रोगअशुभ
  • 14:18–15:31उद्वेगअशुभ
  • 15:31–16:44चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 16:44–18:31रोगअशुभ
  • 18:31–20:18कालअशुभ
  • 20:18–22:06लाभशुभ
  • 22:06–23:53उद्वेगअशुभ
  • 23:53–01:41 शनिशुभ
  • 01:41–03:28 शनिअमृतशुभ
  • 03:28–05:15 शनिचरसामान्य
  • 05:15–07:03 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 6 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:07–06:04, शुभ
  • चर, सामान्य, 07:01–08:14
  • लाभ, शुभ, 08:14–09:27
  • अमृत, शुभ, 09:27–10:40
  • काल, अशुभ, 10:40–11:52
  • शुभ, 11:52–13:05
  • रोग, अशुभ, 13:05–14:18
  • उद्वेग, अशुभ, 14:18–15:31
  • चर, सामान्य, 15:31–16:44
  • रोग, अशुभ, 16:44–18:31
  • काल, अशुभ, 18:31–20:18
  • लाभ, शुभ, 20:18–22:06
  • उद्वेग, अशुभ, 22:06–23:53
  • शुभ, 23:53–01:41 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:41–03:28 शनि
  • चर, सामान्य, 03:28–05:15 शनि
  • रोग, अशुभ, 05:15–07:03 शनि
  • गुलिक काल, 08:14–09:27, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:58–09:37, अशुभ
  • राहु काल, 10:40–11:52, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:33–12:12, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:12–12:51, अशुभ
  • यमगण्ड, 14:18–15:31, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:08–06:05 शनि

रिशकानी में आने वाले त्योहार

हर मान कैसे निकलता है

रिशकानी में धनतेरस शुक्र 6 नवंबर को क्यों है?

धनतेरस शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

त्रयोदशी 15:00 17:00 19:00 21:00 शुक्र 6 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 16:44–19:35
त्रयोदशी 15:00 17:00 19:00 21:00 शुक्र 6 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 16:44–19:35
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 07:01 से शनि 7 नवंबर को 07:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (16:44–19:35) उसके भीतर है। धनतेरस का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 16:44–19:35। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 17:05 से 18:46 तक उदित रहता है।

धनतेरस: रिशकानी में हर तारीख़

रिशकानी में प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को क्यों है?

प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

त्रयोदशी 15:00 17:00 19:00 21:00 शुक्र 6 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 16:44–19:35
त्रयोदशी 15:00 17:00 19:00 21:00 शुक्र 6 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 16:44–19:35
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 07:01 से शनि 7 नवंबर को 07:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (16:44–19:35) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: रिशकानी में हर तारीख़

आज कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 324° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 324.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:01। द्वादशी उससे पहले 07:01 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 07:18 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 26 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

त्रयोदशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

त्रयोदशी यहाँ शुक्र 6 और शनि 7 नवंबर दोनों के सूर्योदय पर है।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी शुक्र 6 नवंबर सुबह शनि 7 नवंबर सुबह रिशकानी UTC+2 07:01 07:18 07:01 त्रयोदशी 07:03 त्रयोदशी त्रयोदशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी शुक्र 6 नवंबर सुबह शनि 7 नवंबर सुबह रिशकानी UTC+2 07:01 07:18 07:01 त्रयोदशी 07:03 त्रयोदशी त्रयोदशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 07:01 को, सूर्योदय 07:01 से पहले, शुरू हुई और 07:18 शनि को, अगले सूर्योदय 07:03 शनि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन त्रयोदशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?

नई दिल्ली में द्वादशी है, रिशकानी में त्रयोदशी।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी शुक्र 6 नवंबर सुबह शनि 7 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST रिशकानी UTC+2 10:31 07:01 10:48 07:18 06:36 द्वादशी 06:37 त्रयोदशी 07:01 त्रयोदशी 07:03 त्रयोदशी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी शुक्र 6 नवंबर सुबह शनि 7 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST रिशकानी UTC+2 10:31 07:01 10:48 07:18 06:36 द्वादशी 06:37 त्रयोदशी 07:01 त्रयोदशी 07:03 त्रयोदशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:36, द्वादशी की समाप्ति 10:31 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।

रिशकानी · UTC+2

यहाँ सूर्योदय, 07:01, द्वादशी की समाप्ति 07:01 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

आज ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? शनि 7 नवंबर, 05:08–06:05 शुक्र 6 नवंबर, 05:07–06:04

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:07–06:04।

सूर्यास्त 16:45 गुरु सूर्योदय 07:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 5 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:45 गुरु सूर्योदय 07:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 5 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 5 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:45 गुरु से सूर्योदय 07:01 तक थी, 14 घं 16 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

ब्रह्म मुहूर्त का समय आज और कल, रिशकानी, मॉल्डोवा

दिन के 15 मुहूर्त

आज अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:33–12:12

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:33–12:12।

आज दुर्मुहूर्त कब है? 08:58–09:37

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:58–09:37 और 12:12–12:51।

आज दुर्मुहूर्त कब है? 12:12–12:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:58–09:37 और 12:12–12:51।

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 07:01 से 16:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:58–09:37 और 12:12–12:51।

अभिजीत मुहूर्त आज, रिशकानी, मॉल्डोवा

आज का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:01–08:14 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:01 से 16:44, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:44 से 07:03 शनि, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

आज का चौघड़िया, रिशकानी, मॉल्डोवा

दिन के 8 भाग

आज राहुकाल कब है? 10:40–11:52

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:40–11:52।

आज यमगंड कब है? 14:18–15:31

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:18–15:31।

आज गुलिक काल कब है? 08:14–09:27

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:14–09:27।

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 07:01 से 16:44 तक है, 9 घं 43 मि। इसे 1 घं 12 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

राहु काल आज, रिशकानी, मॉल्डोवा

सूर्योदय और सूर्यास्त

आज सूर्योदय कितने बजे है? 07:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:01, सूर्यास्त 16:44, 9 घं 43 मि का दिन।

आज सूर्यास्त कितने बजे है? 16:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:01, सूर्यास्त 16:44, 9 घं 43 मि का दिन।

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:08 चंद्रोदय 05:02 शनि
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:08 चंद्रोदय 05:02 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

आज कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 163.6° पर था: हस्त, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 163.6° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 163.6° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 163°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 01:13 शनि को निकलेगा, चित्रा में।

आज कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 363.2° थे, एक चक्कर और 3.2°: विष्कम्भ।

सूर्य 199.6° + चंद्रमा 163.6° = 363.2° एक चक्कर + 3.2° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 199.6° + चंद्रमा 163.6° = 363.2° एक चक्कर + 3.2° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 199.6° + 163.6° = 363.2°, एक पूरा चक्कर और 3.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 00:40 शनि को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

आज कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 324° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 324.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 19:06 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 07:18 शनि तक।

आज कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:01, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:01 से 07:03 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

कौन सा हिंदू महीना चल रहा है (अमांत)? आश्विन

यह मास 10 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 9 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

कौन सा हिंदू महीना चल रहा है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल शुक्र 6 नवंबर अमावस्या 10 अक्टू॰ पूर्णिमा 26 अक्टू॰ अमावस्या 9 नव॰ पूर्णिमा 24 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल शुक्र 6 नवंबर अमावस्या 10 अक्टू॰ पूर्णिमा 26 अक्टू॰ अमावस्या 9 नव॰ पूर्णिमा 24 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

कौन सा संवत चल रहा है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 03:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 6 नवंबर सूर्य 199.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 03:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 6 नवंबर सूर्य 199.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 03:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 225.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

आज चंद्रोदय कितने बजे है? 05:02 शनि

चंद्रमा यहाँ 05:02 शनि पर उदय होता है।

आज चंद्रास्त कितने बजे है? 15:08

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:08 चंद्रोदय 05:02 शनि
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:08 चंद्रोदय 05:02 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:08 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:02 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:08 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:02 शनि पर उदय होगा।