रिसीफ़ी, पेरनाम्बुको, ब्राज़िल का पंचांग शुक्र 6 नवंबर 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
त्योहार
धनतेरस
धनतेरस शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। शुक्र 6 नवंबर क्यों?
धनतेरस: रिसीफ़ी में हर तारीख़व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। शुक्र 6 नवंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: रिसीफ़ी में हर तारीख़6 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 6 नवंबर
- 03:17–04:04ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:50 से
- 06:23–07:56लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 08:09–09:30अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:03–11:28अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:03–11:28शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:17–12:36शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 17:16 के बाद
- 20:09–21:36लाभ चौघड़िया
- 23:03–00:29 शनिशुभ चौघड़िया
- 00:29–01:56 शनिअमृत चौघड़िया
- 03:17–04:03 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:50–06:23चरसामान्य
- 06:23–07:56लाभगुलिक काल में
- 07:56–09:30अमृतशुभ
- 09:30–11:03कालअशुभ
- 11:03–12:36शुभ
- 12:36–14:09रोगअशुभ
- 14:09–15:42उद्वेगअशुभ
- 15:42–17:16चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 17:16–18:42रोगअशुभ
- 18:42–20:09कालअशुभ
- 20:09–21:36लाभशुभ
- 21:36–23:03उद्वेगअशुभ
- 23:03–00:29 शनिशुभ
- 00:29–01:56 शनिअमृतशुभ
- 01:56–03:23 शनिचरसामान्य
- 03:23–04:50 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 6 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 03:17–04:04, शुभ
- चर, सामान्य, 04:50–06:23
- लाभ, शुभ, 06:23–07:56
- अमृत, शुभ, 07:56–09:30
- काल, अशुभ, 09:30–11:03
- शुभ, 11:03–12:36
- रोग, अशुभ, 12:36–14:09
- उद्वेग, अशुभ, 14:09–15:42
- चर, सामान्य, 15:42–17:16
- रोग, अशुभ, 17:16–18:42
- काल, अशुभ, 18:42–20:09
- लाभ, शुभ, 20:09–21:36
- उद्वेग, अशुभ, 21:36–23:03
- शुभ, 23:03–00:29 शनि
- अमृत, शुभ, 00:29–01:56 शनि
- चर, सामान्य, 01:56–03:23 शनि
- रोग, अशुभ, 03:23–04:50 शनि
- गुलिक काल, 06:23–07:56, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:19–08:09, अशुभ
- राहु काल, 09:30–11:03, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 10:38–11:28, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:28–12:17, अशुभ
- यमगण्ड, 14:09–15:42, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:17–04:03 शनि
हर मान कैसे निकलता है
रिसीफ़ी में धनतेरस शुक्र 6 नवंबर को क्यों है?
धनतेरस शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 02:01 से शनि 7 नवंबर को 02:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (17:16–19:35) उसके भीतर है। धनतेरस का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:16–19:35। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 17:53 से 19:35 तक उदित रहता है।
रिसीफ़ी में प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 02:01 से शनि 7 नवंबर को 02:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (17:16–19:35) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
शुक्र 6 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 325.4° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:50। द्वादशी उससे पहले 02:01 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 02:18 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 26 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, रिसीफ़ी में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:36, द्वादशी की समाप्ति 10:31 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।
रिसीफ़ी · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 04:50, द्वादशी की समाप्ति 02:01 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
शुक्र 6 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:17–04:04
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:17–04:04।
गुरु 5 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:15 गुरु से सूर्योदय 04:50 तक थी, 11 घं 35 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 6 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 10:38–11:28
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 10:38–11:28।
शुक्र 6 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:19–08:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:19–08:09 और 11:28–12:17।
शुक्र 6 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:28–12:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:19–08:09 और 11:28–12:17।
यहाँ दिन, 04:50 से 17:16, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 07:19–08:09 और 11:28–12:17।
शुक्र 6 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:50–06:23 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:50 से 17:16, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:16 से 04:50 शनि, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 6 नवंबर को राहुकाल कब है? 09:30–11:03
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 09:30–11:03।
शुक्र 6 नवंबर को यमगंड कब है? 14:09–15:42
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:09–15:42।
शुक्र 6 नवंबर को गुलिक काल कब है? 06:23–07:56
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:23–07:56।
यहाँ दिन 04:50 से 17:16 तक है, 12 घं 26 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 6 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 04:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:50, सूर्यास्त 17:16, 12 घं 26 मि का दिन।
शुक्र 6 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:16
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:50, सूर्यास्त 17:16, 12 घं 26 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 6 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 165.1° पर था: हस्त, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 163°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:13 को निकलेगा, चित्रा में।
शुक्र 6 नवंबर को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 364.8° थे, एक चक्कर और 4.8°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 199.7° + 165.1° = 364.8°, एक पूरा चक्कर और 4.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 19:40 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
शुक्र 6 नवंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 325.4° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 14:06 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 02:18 शनि तक।
शुक्र 6 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 04:50, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:50 से 04:50 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 6 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 10 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 9 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
शुक्र 6 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
शुक्र 6 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 18 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 2026, 22:23 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 225.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 6 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:19 शनि
चंद्रमा यहाँ 03:19 शनि पर उदय होता है।
शुक्र 6 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:09
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:09 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:19 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:09 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:19 शनि पर उदय होगा।