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Progress, आमुर ओब्लास्ट, रूस का पंचांग गुरु 11 जून 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+9 में

व्रत

परमा एकादशी

पारण समय
07:21⁠–⁠20:28 शुक्र
शुक्र 12 जून
व्रत आरंभ
04:13

स्मार्त परंपरा में परमा एकादशी गुरु 11 जून को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 12 जून को व्रत रखते हैं। गुरु 11 जून क्यों?

परमा एकादशी: Progress में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:11 04:13 20:28अगला सूर्योदय 04:13 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:13–06:15शुभयमगण्ड में
  • 06:15–08:17रोगअशुभ
  • 08:17–10:19उद्वेगअशुभ
  • 10:19–12:20चरसामान्य
  • 12:20–14:22लाभशुभ
  • 14:22–16:24अमृतराहु काल में
  • 16:24–18:26कालअशुभ
  • 18:26–20:28शुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:28–21:26अमृतशुभ
  • 21:26–22:24चरसामान्य
  • 22:24–23:22रोगअशुभ
  • 23:22–00:20 शुक्रकालअशुभ
  • 00:20–01:18 शुक्रलाभशुभ
  • 01:18–02:17 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:17–03:15 शुक्रशुभ
  • 03:15–04:13 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 11 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:11–03:42, शुभ
  • शुभ, 04:13–06:15
  • रोग, अशुभ, 06:15–08:17
  • उद्वेग, अशुभ, 08:17–10:19
  • चर, सामान्य, 10:19–12:20
  • लाभ, शुभ, 12:20–14:22
  • अमृत, शुभ, 14:22–16:24
  • काल, अशुभ, 16:24–18:26
  • शुभ, 18:26–20:28
  • अमृत, शुभ, 20:28–21:26
  • चर, सामान्य, 21:26–22:24
  • रोग, अशुभ, 22:24–23:22
  • काल, अशुभ, 23:22–00:20 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:20–01:18 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:18–02:17 शुक्र
  • शुभ, 02:17–03:15 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 03:15–04:13 शुक्र
  • यमगण्ड, 04:13–06:15, अशुभ
  • गुलिक काल, 08:17–10:19, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:38–10:43, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:48–12:53, शुभ
  • राहु काल, 14:22–16:24, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:08–17:13, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:11–03:42 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Progress में परमा एकादशी गुरु 11 जून को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में परमा एकादशी गुरु 11 जून को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 12 जून को व्रत रखते हैं।

दशमी एकादशी 04:13 04:28 01:00 02:00 03:00 06:00 गुरु 11 जून स्मार्त अरुणोदय 02:37–04:13
दशमी एकादशी 04:13 04:28 01:00 03:00 गुरु 11 जून स्मार्त अरुणोदय 02:37–04:13
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+9)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह गुरु 11 जून को 04:28 पर, उस सूर्योदय (04:13) के बाद, लगती है और शुक्र 12 जून को 02:06 पर, अगले सूर्योदय (04:13 शुक्र) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 11 जून।

परमा एकादशी: Progress में हर तारीख़

गुरु 11 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 299.9° आगे था: कृष्ण दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 299.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 299.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:13। नवमी उससे पहले 06:05 बुध पर समाप्त हुई। दशमी 04:28 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 31 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 11 जून सुबह शुक्र 12 जून सुबह Progress UTC+9 04:28 02:06 04:13 दशमी 04:13 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 11 जून सुबह शुक्र 12 जून सुबह Progress UTC+9 04:28 02:06 04:13 दशमी 04:13 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 04:28 को शुरू हुई और 02:06 शुक्र को समाप्त, 04:13 और 04:13 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को दशमी है और शुक्रवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

नई दिल्ली में एकादशी क्यों है?

नई दिल्ली में एकादशी है, Progress में दशमी।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 11 जून सुबह शुक्र 12 जून सुबह नई दिल्ली IST Progress UTC+9 00:58 04:28 22:36 02:06 05:22 एकादशी 05:22 द्वादशी 04:13 दशमी 04:13 द्वादशी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 11 जून सुबह शुक्र 12 जून सुबह नई दिल्ली IST Progress UTC+9 00:58 04:28 22:36 02:06 05:22 एकादशी 05:22 द्वादशी 04:13 दशमी 04:13 द्वादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:22, दशमी की समाप्ति 00:58 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।

Progress · UTC+9

यहाँ सूर्योदय, 04:13, दशमी की समाप्ति 04:28 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है। एकादशी अगले सूर्योदय से पहले, 02:06 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता: वह क्षय है।

गुरु 11 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:11–03:42

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:11–03:42।

सूर्यास्त 20:27 बुध सूर्योदय 04:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 10 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:27 बुध सूर्योदय 04:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 10 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 10 जून की रात सूर्यास्त 20:27 बुध से सूर्योदय 04:13 तक थी, 7 घं 46 मि। इसे 31 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 11 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:48–12:53

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:48–12:53।

गुरु 11 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 09:38–10:43

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:38–10:43 और 16:08–17:13।

गुरु 11 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 16:08–17:13

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:38–10:43 और 16:08–17:13।

सूर्योदय 04:13 सूर्यास्त 20:28 सूर्योदय 04:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 04:13 सूर्यास्त 20:28 सूर्योदय 04:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 04:13 से 20:28, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 5 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:38–10:43 और 16:08–17:13।

गुरु 11 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:13–06:15 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 04:13 सूर्यास्त 20:28 सूर्योदय 04:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 04:13 सूर्यास्त 20:28 सूर्योदय 04:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:13 से 20:28, 2 घं 1 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:28 से 04:13 शुक्र, 58 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 11 जून को राहुकाल कब है? 14:22–16:24

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:22–16:24।

गुरु 11 जून को यमगंड कब है? 04:13–06:15

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 04:13–06:15।

गुरु 11 जून को गुलिक काल कब है? 08:17–10:19

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:17–10:19।

सूर्योदय 04:13 सूर्यास्त 20:28 सूर्योदय 04:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:13 सूर्यास्त 20:28 सूर्योदय 04:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 04:13 से 20:28 तक है, 16 घं 15 मि। इसे 2 घं 1 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 11 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:13

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:13, सूर्यास्त 20:28, 16 घं 15 मि का दिन।

गुरु 11 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:28

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:13, सूर्यास्त 20:28, 16 घं 15 मि का दिन।

सूर्योदय 04:13 सूर्यास्त 20:28 सूर्योदय 04:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:42 चंद्रोदय 01:35 शुक्र
सूर्योदय 04:13 सूर्यास्त 20:28 सूर्योदय 04:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:42 चंद्रोदय 01:35 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 11 जून को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 355.6° पर था: रेवती, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 355.6° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 355.6° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 353°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 11:46 को निकलेगा, अश्विनी में।

गुरु 11 जून को कौन सा योग है? सौभाग्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 411.3° थे, एक चक्कर और 51.3°: सौभाग्य।

सूर्य 55.7° + चंद्रमा 355.6° = 411.3° एक चक्कर + 51.3° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 55.7° + चंद्रमा 355.6° = 411.3° एक चक्कर + 51.3° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 55.7° + 355.6° = 411.3°, एक पूरा चक्कर और 51.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 07:33 को समाप्त होता है, फिर शोभन।

गुरु 11 जून को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 299.9° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 299.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 299.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 17:22 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 04:28 तक है।

गुरु 11 जून को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 04:13, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 04:13 सूर्यास्त 20:28 सूर्योदय 04:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 04:13 सूर्यास्त 20:28 सूर्योदय 04:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:13 से 04:13 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 11 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

17 मई और 15 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 मई 05:01 रवि से 15 जून 11:54 सोम तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 16:22 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।

गुरु 11 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 11 जून अमावस्या 17 मई पूर्णिमा 31 मई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 30 जून
अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 11 जून अमावस्या 17 मई पूर्णिमा 31 मई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 30 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ (अधिक) है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ (अधिक)।

गुरु 11 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 10:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 11 जून सूर्य 55.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 10:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 11 जून सूर्य 55.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 10:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 81.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 11 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:35 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 01:35 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 11 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:42

सूर्योदय 04:13 सूर्यास्त 20:28 सूर्योदय 04:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:42 चंद्रोदय 01:35 शुक्र
सूर्योदय 04:13 सूर्यास्त 20:28 सूर्योदय 04:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:42 चंद्रोदय 01:35 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:42 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:35 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:42 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:35 शुक्र पर उदय होगा।