tithika
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Progress, आमुर ओब्लास्ट, रूस का पंचांग शुक्र 17 जनवरी 2025

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+9 में

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
20:35

संकष्टी चतुर्थी शुक्र 17 जनवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। शुक्र 17 जनवरी क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Progress में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:08 08:11 16:51अगला सूर्योदय 08:10 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 08:11–09:16चरसामान्य
  • 09:16–10:21लाभगुलिक काल में
  • 10:21–11:26अमृतशुभ
  • 11:26–12:31कालअशुभ
  • 12:31–13:36शुभ
  • 13:36–14:41रोगअशुभ
  • 14:41–15:46उद्वेगअशुभ
  • 15:46–16:51चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 16:51–18:46रोगअशुभ
  • 18:46–20:41कालअशुभ
  • 20:41–22:36लाभशुभ
  • 22:36–00:31 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:31–02:25 शनिशुभ
  • 02:25–04:20 शनिअमृतशुभ
  • 04:20–06:15 शनिचरसामान्य
  • 06:15–08:10 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 17 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:08–07:09, शुभ
  • चर, सामान्य, 08:11–09:16
  • लाभ, शुभ, 09:16–10:21
  • अमृत, शुभ, 10:21–11:26
  • काल, अशुभ, 11:26–12:31
  • शुभ, 12:31–13:36
  • रोग, अशुभ, 13:36–14:41
  • उद्वेग, अशुभ, 14:41–15:46
  • चर, सामान्य, 15:46–16:51
  • रोग, अशुभ, 16:51–18:46
  • काल, अशुभ, 18:46–20:41
  • लाभ, शुभ, 20:41–22:36
  • उद्वेग, अशुभ, 22:36–00:31 शनि
  • शुभ, 00:31–02:25 शनि
  • अमृत, शुभ, 02:25–04:20 शनि
  • चर, सामान्य, 04:20–06:15 शनि
  • रोग, अशुभ, 06:15–08:10 शनि
  • गुलिक काल, 09:16–10:21, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:55–10:29, अशुभ
  • राहु काल, 11:26–12:31, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:14–12:48, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:48–13:23, अशुभ
  • यमगण्ड, 14:41–15:46, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:07–07:09 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Progress में संकष्टी चतुर्थी शुक्र 17 जनवरी को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी शुक्र 17 जनवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 गुरु 16 जनवरी चंद्रोदय 19:22
तृतीया 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 गुरु 16 जनवरी चंद्रोदय 19:22
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+9)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी शुक्र 17 जनवरी को 07:36 से शनि 18 जनवरी को 09:00 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल शुक्र 17 जनवरी को है, 20:35 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Progress में हर तारीख़

शुक्र 17 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 216.3° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 216.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 216.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:11। तृतीया उससे पहले 07:36 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 09:00 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 14 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

चतुर्थी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

चतुर्थी यहाँ शुक्र 17 और शनि 18 जनवरी दोनों के सूर्योदय पर है।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी शुक्र 17 जनवरी सुबह शनि 18 जनवरी सुबह Progress UTC+9 07:36 09:00 08:11 चतुर्थी 08:10 चतुर्थी चतुर्थी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी शुक्र 17 जनवरी सुबह शनि 18 जनवरी सुबह Progress UTC+9 07:36 09:00 08:11 चतुर्थी 08:10 चतुर्थी चतुर्थी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 07:36 को, सूर्योदय 08:11 से पहले, शुरू हुई और 09:00 शनि को, अगले सूर्योदय 08:10 शनि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्थी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

शुक्र 17 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:08–07:09

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:08–07:09।

सूर्यास्त 16:50 गुरु सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 16 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:50 गुरु सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 16 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 16 जनवरी की रात सूर्यास्त 16:50 गुरु से सूर्योदय 08:11 तक थी, 15 घं 21 मि। इसे 1 घं 1 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 17 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:14–12:48

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:14–12:48।

शुक्र 17 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:55–10:29

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:55–10:29 और 12:48–13:23।

शुक्र 17 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:48–13:23

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:55–10:29 और 12:48–13:23।

सूर्योदय 08:11 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 08:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 08:11 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 08:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 08:11 से 16:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 34 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:55–10:29 और 12:48–13:23।

शुक्र 17 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

08:11–09:16 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 08:11 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 08:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 08:11 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 08:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:11 से 16:51, 1 घं 5 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:51 से 08:10 शनि, 1 घं 54 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 17 जनवरी को राहुकाल कब है? 11:26–12:31

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:26–12:31।

शुक्र 17 जनवरी को यमगंड कब है? 14:41–15:46

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:41–15:46।

शुक्र 17 जनवरी को गुलिक काल कब है? 09:16–10:21

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:16–10:21।

सूर्योदय 08:11 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 08:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 08:11 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 08:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 08:11 से 16:51 तक है, 8 घं 40 मि। इसे 1 घं 5 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 17 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 08:11

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:11, सूर्यास्त 16:51, 8 घं 40 मि का दिन।

शुक्र 17 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:51

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:11, सूर्यास्त 16:51, 8 घं 40 मि का दिन।

सूर्योदय 08:11 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 08:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:59 चंद्रोदय 20:35
सूर्योदय 08:11 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 08:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:59 चंद्रोदय 20:35
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? मघा

सूर्योदय पर चंद्रमा 129.1° पर था: मघा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 129.1° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 129.1° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 126°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:15 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा योग है? सौभाग्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 402° थे, एक चक्कर और 42°: सौभाग्य।

सूर्य 272.9° + चंद्रमा 129.1° = 402.0° एक चक्कर + 42.0° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 272.9° + चंद्रमा 129.1° = 402.0° एक चक्कर + 42.0° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 272.9° + 129.1° = 402°, एक पूरा चक्कर और 42°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 04:26 शनि को समाप्त होता है, फिर शोभन।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 216.3° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 216.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 216.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 20:13 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 09:00 शनि तक।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 08:11, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 08:11 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 08:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 08:11 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 08:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:11 से 08:10 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 31 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 29 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल शुक्र 17 जनवरी अमावस्या 31 दिस॰ पूर्णिमा 14 जन॰ अमावस्या 29 जन॰ पूर्णिमा 12 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल शुक्र 17 जनवरी अमावस्या 31 दिस॰ पूर्णिमा 14 जन॰ अमावस्या 29 जन॰ पूर्णिमा 12 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।

शुक्र 17 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 9 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2024 03:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 17 जनवरी सूर्य 272.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2024 03:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 17 जनवरी सूर्य 272.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2024, 03:20 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 277.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 17 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:35

चंद्रमा यहाँ 20:35 पर उदय होता है।

शुक्र 17 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:59

सूर्योदय 08:11 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 08:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:59 चंद्रोदय 20:35
सूर्योदय 08:11 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 08:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:59 चंद्रोदय 20:35
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:59 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:35 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:59 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:35 पर उदय होगा।