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Progress, आमुर ओब्लास्ट, रूस का पंचांग रवि 10 जनवरी 2016

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+9 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 10:30 तक

फिर प्रतिपदा · 09:10 सोम तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

अमावस्या

अमावस्या रवि 10 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। रवि 10 जनवरी क्यों?

अमावस्या: Progress में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:11 08:16 16:40अगला सूर्योदय 08:15 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 08:16–09:19उद्वेगअशुभ
  • 09:19–10:22चरसामान्य
  • 10:22–11:25लाभशुभ
  • 11:25–12:28अमृतशुभ
  • 12:28–13:31कालअशुभ
  • 13:31–14:34शुभ
  • 14:34–15:37रोगअशुभ
  • 15:37–16:40उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:40–18:37शुभ
  • 18:37–20:34अमृतशुभ
  • 20:34–22:31चरसामान्य
  • 22:31–00:28 सोमरोगअशुभ
  • 00:28–02:25 सोमकालअशुभ
  • 02:25–04:22 सोमलाभशुभ
  • 04:22–06:18 सोमउद्वेगअशुभ
  • 06:18–08:15 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 10 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:11–07:13, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 08:16–09:19
  • चर, सामान्य, 09:19–10:22
  • लाभ, शुभ, 10:22–11:25
  • अमृत, शुभ, 11:25–12:28
  • काल, अशुभ, 12:28–13:31
  • शुभ, 13:31–14:34
  • रोग, अशुभ, 14:34–15:37
  • उद्वेग, अशुभ, 15:37–16:40
  • शुभ, 16:40–18:37
  • अमृत, शुभ, 18:37–20:34
  • चर, सामान्य, 20:34–22:31
  • रोग, अशुभ, 22:31–00:28 सोम
  • काल, अशुभ, 00:28–02:25 सोम
  • लाभ, शुभ, 02:25–04:22 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 04:22–06:18 सोम
  • शुभ, 06:18–08:15 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:11–12:45, शुभ
  • यमगण्ड, 12:28–13:31, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:34–15:37, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:33–16:07, अशुभ
  • राहु काल, 15:37–16:40, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:11–07:13 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Progress में अमावस्या रवि 10 जनवरी को क्यों है?

अमावस्या रवि 10 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 07:00 08:00 09:00 10:00 11:00 शनि 9 जनवरी सूर्योदय 08:16
चतुर्दशी 07:00 08:00 09:00 10:00 11:00 शनि 9 जनवरी सूर्योदय 08:16
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+9)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शनि 9 जनवरी को 11:24 से रवि 10 जनवरी को 10:30 तक है, इसलिए वह केवल रवि 10 जनवरी के सूर्योदय (08:16) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Progress में हर तारीख़

रवि 10 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 358.8° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 358.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 358.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:16। चतुर्दशी उससे पहले 11:24 शनि पर समाप्त हुई। अमावस्या 10:30 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 25 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?

नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Progress में अमावस्या।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया रवि 10 जनवरी सुबह सोम 11 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Progress UTC+9 07:00 10:30 05:40 09:10 07:15 प्रतिपदा 07:15 द्वितीया 08:16 अमावस्या 08:15 प्रतिपदा
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया रवि 10 जनवरी सुबह सोम 11 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Progress UTC+9 07:00 10:30 05:40 09:10 07:15 प्रतिपदा 07:15 द्वितीया 08:16 अमावस्या 08:15 प्रतिपदा
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:15, अमावस्या की समाप्ति 07:00 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

Progress · UTC+9

यहाँ सूर्योदय, 08:16, अमावस्या की समाप्ति 10:30 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है।

रवि 10 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:11–07:13

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:11–07:13।

सूर्यास्त 16:39 शनि सूर्योदय 08:16 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 9 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:39 शनि सूर्योदय 08:16 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 9 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 9 जनवरी की रात सूर्यास्त 16:39 शनि से सूर्योदय 08:16 तक थी, 15 घं 37 मि। इसे 1 घं 2 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 10 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:11–12:45

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:11–12:45।

रवि 10 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 15:33–16:07

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 15:33–16:07।

सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 16:40 सूर्योदय 08:15 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 16:40 सूर्योदय 08:15 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 08:16 से 16:40, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 33 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 15:33–16:07।

रवि 10 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

08:16–09:19 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 16:40 सूर्योदय 08:15 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 16:40 सूर्योदय 08:15 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:16 से 16:40, 1 घं 3 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:40 से 08:15 सोम, 1 घं 56 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 10 जनवरी को राहुकाल कब है? 15:37–16:40

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 15:37–16:40।

रवि 10 जनवरी को यमगंड कब है? 12:28–13:31

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:28–13:31।

रवि 10 जनवरी को गुलिक काल कब है? 14:34–15:37

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:34–15:37।

सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 16:40 सूर्योदय 08:15 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 16:40 सूर्योदय 08:15 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 08:16 से 16:40 तक है, 8 घं 24 मि। इसे 1 घं 3 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 10 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 08:16

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:16, सूर्यास्त 16:40, 8 घं 24 मि का दिन।

रवि 10 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:40

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:16, सूर्यास्त 16:40, 8 घं 24 मि का दिन।

सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 16:40 सूर्योदय 08:15 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:14
सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 16:40 सूर्योदय 08:15 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:14
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 10 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 263.9° पर था: पूर्वाषाढा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 263.9° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 263.9° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 263°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 13:11 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

रवि 10 जनवरी को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 528.9° थे, एक चक्कर और 168.9°: व्याघात।

सूर्य 265.0° + चंद्रमा 263.9° = 528.9° एक चक्कर + 168.9° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 265.0° + चंद्रमा 263.9° = 528.9° एक चक्कर + 168.9° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 265° + 263.9° = 528.9°, एक पूरा चक्कर और 168.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 15:30 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

रवि 10 जनवरी को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 358.8° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 358.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 358.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 23:01 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 10:30 तक है।

रवि 10 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 08:16, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 16:40 सूर्योदय 08:15 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 16:40 सूर्योदय 08:15 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:16 से 08:15 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 10 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 11 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 10 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

रवि 10 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।

अमान्त पूर्णिमान्त पौष मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल रवि 10 जनवरी अमावस्या 11 दिस॰ पूर्णिमा 25 दिस॰ अमावस्या 10 जन॰ पूर्णिमा 24 जन॰
अमान्त पूर्णिमान्त पौष मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल रवि 10 जनवरी अमावस्या 11 दिस॰ पूर्णिमा 25 दिस॰ अमावस्या 10 जन॰ पूर्णिमा 24 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 जनवरी की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।

रवि 10 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937

विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 18:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 10 जनवरी सूर्य 265.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 18:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 10 जनवरी सूर्य 265.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 18:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 289.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 10 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:14

चंद्रमा यहाँ 17:14 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 16:40 सूर्योदय 08:15 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:14
सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 16:40 सूर्योदय 08:15 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:14
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 17:14 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।