Polatlı, तुर्की का पंचांग मंगल 26 मई 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
व्रत
पद्मिनी एकादशी
पद्मिनी एकादशी मंगल 26 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 26 मई क्यों?
पद्मिनी एकादशी: Polatlı में हर तारीख़26 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 26 मई
- 04:14–04:51ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:29 से
- 10:58–12:48लाभ चौघड़िया
- 12:19–12:48अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:48–14:38अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:28–18:18शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 20:08 के बाद
-
20:59–22:43अमृत कालहस्त में
- 21:18–22:28लाभ चौघड़िया
- 23:38–23:52शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:29–00:48 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:48–01:58 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:13–04:51 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:29–07:19रोगअशुभ
- 07:19–09:09उद्वेगअशुभ
- 09:09–10:58चरसामान्य
- 10:58–12:48लाभशुभ
- 12:48–14:38अमृतगुलिक काल में
- 14:38–16:28कालअशुभ
- 16:28–18:18शुभराहु काल में
- 18:18–20:08रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:08–21:18कालअशुभ
- 21:18–22:28लाभशुभ
- 22:28–23:38उद्वेगअशुभ
- 23:38–00:48 बुधशुभ
- 00:48–01:58 बुधअमृतशुभ
- 01:58–03:08 बुधचरसामान्य
- 03:08–04:18 बुधरोगअशुभ
- 04:18–05:28 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 26 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:14–04:51, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:29–07:19
- उद्वेग, अशुभ, 07:19–09:09
- चर, सामान्य, 09:09–10:58
- लाभ, शुभ, 10:58–12:48
- अमृत, शुभ, 12:48–14:38
- काल, अशुभ, 14:38–16:28
- शुभ, 16:28–18:18
- रोग, अशुभ, 18:18–20:08
- काल, अशुभ, 20:08–21:18
- लाभ, शुभ, 21:18–22:28
- उद्वेग, अशुभ, 22:28–23:38
- शुभ, 23:38–00:48 बुध
- अमृत, शुभ, 00:48–01:58 बुध
- चर, सामान्य, 01:58–03:08 बुध
- रोग, अशुभ, 03:08–04:18 बुध
- काल, अशुभ, 04:18–05:28 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:25–09:23, अशुभ
- यमगण्ड, 09:09–10:58, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:19–13:18, शुभ
- गुलिक काल, 12:48–14:38, अशुभ
- राहु काल, 16:28–18:18, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:52–00:29 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:13–04:51 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Polatlı में पद्मिनी एकादशी मंगल 26 मई को क्यों है?
पद्मिनी एकादशी मंगल 26 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 26 मई को सूर्योदय पर है, 05:29: मंगल 26 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 02:41 पर, उससे (03:53–05:29) पहले, समाप्त हुई।
मंगल 26 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 121.3° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:29। दशमी उससे पहले 02:41 पर समाप्त हुई। एकादशी 03:52 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 16 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 26 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:14–04:51
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:14–04:51।
सोम 25 मई की रात सूर्यास्त 20:07 सोम से सूर्योदय 05:29 तक थी, 9 घं 22 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 26 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:19–13:18
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:19–13:18।
मंगल 26 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:25–09:23
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:25–09:23, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:52–00:29 बुध।
मंगल 26 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:52–00:29 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:25–09:23, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:52–00:29 बुध।
यहाँ दिन, 05:29 से 20:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:25–09:23 और 23:52–00:29 बुध।
मंगल 26 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:29–07:19 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:29 से 20:08, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:08 से 05:28 बुध, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 26 मई को राहुकाल कब है? 16:28–18:18
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:28–18:18।
मंगल 26 मई को यमगंड कब है? 09:09–10:58
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:09–10:58।
मंगल 26 मई को गुलिक काल कब है? 12:48–14:38
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:48–14:38।
यहाँ दिन 05:29 से 20:08 तक है, 14 घं 39 मि। इसे 1 घं 49 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 26 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 20:08, 14 घं 39 मि का दिन।
मंगल 26 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 20:08, 14 घं 39 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 26 मई को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 162° पर था: हस्त, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 160° पर उसके पद 1 में आया। वह 03:26 बुध को निकलेगा, चित्रा में।
मंगल 26 मई को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 202.7° थे: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 40.7° + 162° = 202.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 00:40 बुध को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
मंगल 26 मई को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 121.3° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 15:13 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 03:52 बुध तक।
मंगल 26 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:29, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:29 से 05:28 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 26 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
16 मई और 15 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 मई 23:01 शनि से 15 जून 05:54 सोम तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 10:22 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।
मंगल 26 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ (अधिक) है।
मंगल 26 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 04:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 66.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 26 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:37
चंद्रमा यहाँ 15:37 पर उदय होता है।
मंगल 26 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:57 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:37 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:57 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:37 पर उदय हुआ; वह फिर 02:57 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।