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Polatlı, तुर्की का पंचांग गुरु 19 मार्च 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 02:22 शुक्र तक

फिर द्वितीया · 00:01 शनि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

त्योहार

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना

घटस्थापना मुहूर्त
06:57⁠–⁠09:22
प्रातःकाल 06:57⁠–⁠09:22

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना गुरु 19 मार्च को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। गुरु 19 मार्च क्यों?

चैत्र नवरात्रि: Polatlı में हर तारीख़

त्योहार

नव संवत्सर

नव संवत्सर गुरु 19 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2083 आरंभ होता है। गुरु 19 मार्च क्यों?

नव संवत्सर: Polatlı में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:21 06:57 19:02अगला सूर्योदय 06:55 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:57–08:27शुभयमगण्ड में
  • 08:27–09:58रोगअशुभ
  • 09:58–11:29उद्वेगअशुभ
  • 11:29–12:59चरसामान्य
  • 12:59–14:30लाभशुभ
  • 14:30–16:01अमृतराहु काल में
  • 16:01–17:31कालअशुभ
  • 17:31–19:02शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:02–20:31अमृतशुभ
  • 20:31–22:00चरसामान्य
  • 22:00–23:29रोगअशुभ
  • 23:29–00:58 शुक्रकालअशुभ
  • 00:58–02:28 शुक्रलाभशुभ
  • 02:28–03:57 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:57–05:26 शुक्रशुभ
  • 05:26–06:55 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 19 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:21–06:09, शुभ
  • शुभ, 06:57–08:27
  • रोग, अशुभ, 08:27–09:58
  • उद्वेग, अशुभ, 09:58–11:29
  • चर, सामान्य, 11:29–12:59
  • लाभ, शुभ, 12:59–14:30
  • अमृत, शुभ, 14:30–16:01
  • काल, अशुभ, 16:01–17:31
  • शुभ, 17:31–19:02
  • अमृत, शुभ, 19:02–20:31
  • चर, सामान्य, 20:31–22:00
  • रोग, अशुभ, 22:00–23:29
  • काल, अशुभ, 23:29–00:58 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:58–02:28 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:28–03:57 शुक्र
  • शुभ, 03:57–05:26 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:26–06:55 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:57–08:27, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:58–11:29, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:58–11:47, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:35–13:23, शुभ
  • राहु काल, 14:30–16:01, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:48–16:37, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:20–06:07 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Polatlı में चैत्र नवरात्रि गुरु 19 मार्च को क्यों है?

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना गुरु 19 मार्च को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।

प्रतिपदा 06:57 04:23 06:00 08:00 10:00 गुरु 19 मार्च स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:57–09:22 अमावस्या 04:23 तक
प्रतिपदा 06:57 04:23 06:00 08:00 10:00 गुरु 19 मार्च स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:57–09:22 अमावस्या 04:23 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा गुरु 19 मार्च को 04:23 से शुक्र 20 मार्च को 02:22 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रातःकाल (06:57–09:22) उसके भीतर है। चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

चैत्र नवरात्रि: Polatlı में हर तारीख़

Polatlı में नव संवत्सर गुरु 19 मार्च को क्यों है?

नव संवत्सर गुरु 19 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2083 आरंभ होता है।

चतुर्दशी अमावस्या 05:55 04:00 05:00 07:00 08:00 बुध 18 मार्च सूर्योदय 06:58
चतुर्दशी अमावस्या 05:55 04:00 05:00 07:00 08:00 बुध 18 मार्च सूर्योदय 06:58
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

विक्रम संवत् 2083 उस दिन आरंभ होता है जिस दिन सूर्योदय पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हो: गुरु 19 मार्च, 06:57 पर। प्रतिपदा 02:22 शुक्र तक है।

नव संवत्सर: Polatlı में हर तारीख़

गुरु 19 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 1.4° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 1.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 1.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:57। अमावस्या उससे पहले 04:23 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 02:22 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 19 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?

नई दिल्ली में अमावस्या है, Polatlı में प्रतिपदा।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया गुरु 19 मार्च सुबह शुक्र 20 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Polatlı UTC+3 06:53 04:23 04:52 02:22 06:26 अमावस्या 06:25 द्वितीया 06:57 प्रतिपदा 06:55 द्वितीया
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया गुरु 19 मार्च सुबह शुक्र 20 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Polatlı UTC+3 06:53 04:23 04:52 02:22 06:26 अमावस्या 06:25 द्वितीया 06:57 प्रतिपदा 06:55 द्वितीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:26, अमावस्या की समाप्ति 06:53 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है। प्रतिपदा अगले सूर्योदय से पहले, 04:52 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता: वह क्षय है।

Polatlı · UTC+3

यहाँ सूर्योदय, 06:57, अमावस्या की समाप्ति 04:23 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

गुरु 19 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:21–06:09

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:21–06:09।

सूर्यास्त 19:01 बुध सूर्योदय 06:57 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 18 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:01 बुध सूर्योदय 06:57 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 18 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 18 मार्च की रात सूर्यास्त 19:01 बुध से सूर्योदय 06:57 तक थी, 11 घं 56 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 19 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:35–13:23

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:35–13:23।

गुरु 19 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 10:58–11:47

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:58–11:47 और 15:48–16:37।

गुरु 19 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 15:48–16:37

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:58–11:47 और 15:48–16:37।

सूर्योदय 06:57 सूर्यास्त 19:02 सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:57 सूर्यास्त 19:02 सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:57 से 19:02, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:58–11:47 और 15:48–16:37।

गुरु 19 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:57–08:27 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:57 सूर्यास्त 19:02 सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:57 सूर्यास्त 19:02 सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:57 से 19:02, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:02 से 06:55 शुक्र, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 19 मार्च को राहुकाल कब है? 14:30–16:01

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:30–16:01।

गुरु 19 मार्च को यमगंड कब है? 06:57–08:27

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:57–08:27।

गुरु 19 मार्च को गुलिक काल कब है? 09:58–11:29

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:58–11:29।

सूर्योदय 06:57 सूर्यास्त 19:02 सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:57 सूर्यास्त 19:02 सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:57 से 19:02 तक है, 12 घं 5 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 19 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:57

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:57, सूर्यास्त 19:02, 12 घं 5 मि का दिन।

गुरु 19 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:02

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:57, सूर्यास्त 19:02, 12 घं 5 मि का दिन।

सूर्योदय 06:57 सूर्यास्त 19:02 सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:42
सूर्योदय 06:57 सूर्यास्त 19:02 सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 19 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 335.7° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 335.7° अगला: रेवती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 335.7° अगला: रेवती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 333°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:35 शुक्र को निकलेगा, रेवती में।

गुरु 19 मार्च को कौन सा योग है? शुक्ल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 670° थे, एक चक्कर और 310°: शुक्ल।

सूर्य 334.3° + चंद्रमा 335.7° = 670.0° एक चक्कर + 310.0° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 334.3° + चंद्रमा 335.7° = 670.0° एक चक्कर + 310.0° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 334.3° + 335.7° = 670°, एक पूरा चक्कर और 310°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 22:47 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।

गुरु 19 मार्च को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न

सूर्योदय पर बढ़त 1.4° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।

सूर्य अमावस्या 0° 1.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 1.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 15:26 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 02:22 शुक्र तक।

गुरु 19 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:57, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:57 सूर्यास्त 19:02 सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:57 सूर्यास्त 19:02 सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:57 से 06:55 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 19 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 19 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 17 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

गुरु 19 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र चैत्र कृष्ण शुक्ल गुरु 19 मार्च पूर्णिमा 3 मार्च अमावस्या 19 मार्च पूर्णिमा 2 अप्रैल अमावस्या 17 अप्रैल
अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र चैत्र कृष्ण शुक्ल गुरु 19 मार्च पूर्णिमा 3 मार्च अमावस्या 19 मार्च पूर्णिमा 2 अप्रैल अमावस्या 17 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

गुरु 19 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 04:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 19 मार्च सूर्य 334.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 04:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 19 मार्च सूर्य 334.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 04:23। तब से सूर्य तारों के बीच 0.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 19 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:42

चंद्रमा यहाँ 19:42 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 06:57 सूर्यास्त 19:02 सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:42
सूर्योदय 06:57 सूर्यास्त 19:02 सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 19:42 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।