Polatlı, तुर्की का पंचांग सोम 6 अक्टूबर 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
त्योहार
शरद पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा सोम 6 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में पूर्णिमा है, और किसी रात नहीं। सोम 6 अक्टूबर क्यों?
शरद पूर्णिमा: Polatlı में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा सोम 6 अक्टूबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। सोम 6 अक्टूबर क्यों?
पूर्णिमा: Polatlı में हर तारीख़6 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 6 अक्टूबर
- 05:13–06:02ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:52 से
- 06:52–08:19अमृत चौघड़िया
- 09:46–11:12शुभ चौघड़िया
- 12:39–13:02अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:07–16:59लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:59–18:26अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:26 के बाद
-
21:10–22:37अमृत कालउत्तर भाद्रपद में
- 23:06–00:39 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:13–03:46 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:46–05:20 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:13–06:03 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:52–08:19अमृतशुभ
- 08:19–09:46कालअशुभ
- 09:46–11:12शुभ
- 11:12–12:39रोगअशुभ
- 12:39–14:06उद्वेगअशुभ
- 14:06–15:32चरसामान्य
- 15:32–16:59लाभशुभ
- 16:59–18:26अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:26–19:59चरसामान्य
- 19:59–21:32रोगअशुभ
- 21:32–23:06कालअशुभ
- 23:06–00:39 मंगललाभशुभ
- 00:39–02:13 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:13–03:46 मंगलशुभ
- 03:46–05:20 मंगलअमृतशुभ
- 05:20–06:53 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 6 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:13–06:02, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:52–08:19
- काल, अशुभ, 08:19–09:46
- शुभ, 09:46–11:12
- रोग, अशुभ, 11:12–12:39
- उद्वेग, अशुभ, 12:39–14:06
- चर, सामान्य, 14:06–15:32
- लाभ, शुभ, 15:32–16:59
- अमृत, शुभ, 16:59–18:26
- चर, सामान्य, 18:26–19:59
- रोग, अशुभ, 19:59–21:32
- काल, अशुभ, 21:32–23:06
- लाभ, शुभ, 23:06–00:39 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:39–02:13 मंगल
- शुभ, 02:13–03:46 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:46–05:20 मंगल
- चर, सामान्य, 05:20–06:53 मंगल
- राहु काल, 08:19–09:46, अशुभ
- यमगण्ड, 11:12–12:39, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:16–13:02, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:02–13:48, अशुभ
- गुलिक काल, 14:06–15:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:21–16:07, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:13–06:03 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Polatlı में शरद पूर्णिमा सोम 6 अक्टूबर को क्यों है?
शरद पूर्णिमा सोम 6 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में पूर्णिमा है, और किसी रात नहीं।
शरद पूर्णिमा की रात की पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। पूर्णिमा सोम 6 अक्टूबर को 09:54 से मंगल 7 अक्टूबर को 06:47 तक है, इसलिए केवल सोमवार की रात का निशीथ काल (00:14 मंगल–01:04 मंगल) उसके भीतर है। शरद पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
Polatlı में पूर्णिमा सोम 6 अक्टूबर को क्यों है?
पूर्णिमा सोम 6 अक्टूबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा सोम 6 अक्टूबर को 09:54 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और मंगल 7 अक्टूबर को 06:47 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: सोम 6 अक्टूबर। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 6 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 166.3° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:52। त्रयोदशी उससे पहले 12:34 रवि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 09:54 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 21 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पूर्णिमा क्षय क्यों है?
पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 09:54 को शुरू हुई और 06:47 मंगल को समाप्त, 06:52 और 06:53 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को चतुर्दशी है और मंगलवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।
सोम 6 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:13–06:02
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:13–06:02।
रवि 5 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:27 रवि से सूर्योदय 06:52 तक थी, 12 घं 25 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 6 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:16–13:02
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:16–13:02।
सोम 6 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:02–13:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:02–13:48 और 15:21–16:07।
सोम 6 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:21–16:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:02–13:48 और 15:21–16:07।
यहाँ दिन, 06:52 से 18:26, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:02–13:48 और 15:21–16:07।
सोम 6 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:52–08:19 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:52 से 18:26, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:26 से 06:53 मंगल, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 6 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 08:19–09:46
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:19–09:46।
सोम 6 अक्टूबर को यमगंड कब है? 11:12–12:39
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:12–12:39।
सोम 6 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 14:06–15:32
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:06–15:32।
यहाँ दिन 06:52 से 18:26 तक है, 11 घं 34 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 6 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:52, सूर्यास्त 18:26, 11 घं 34 मि का दिन।
सोम 6 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:26
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:52, सूर्यास्त 18:26, 11 घं 34 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 6 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 335.2° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 333°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:32 मंगल को निकलेगा, रेवती में।
सोम 6 अक्टूबर को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 504.1° थे, एक चक्कर और 144.1°: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 168.9° + 335.2° = 504.1°, एक पूरा चक्कर और 144.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 10:43 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
सोम 6 अक्टूबर को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 166.3° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 23:18 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 09:54 तक है।
सोम 6 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:52, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:52 से 06:53 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 6 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 21 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 21 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
सोम 6 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
सोम 6 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 13:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 184.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 6 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:57
चंद्रमा यहाँ 17:57 पर उदय होता है।
चंद्रमा 17:57 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।