Polatlı, तुर्की का पंचांग गुरु 28 जनवरी 2021
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा गुरु 28 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। गुरु 28 जनवरी क्यों?
पूर्णिमा: Polatlı में हर तारीख़28 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 28 जनवरी
- 06:11–07:06ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 08:02 से
- 08:02–09:18शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:44–13:24अभिजीत मुहूर्त
- 13:04–14:20लाभ चौघड़िया
- 14:20–15:35अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:51–18:06शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:06 के बाद
- 18:06–19:51अमृत चौघड़िया
-
18:56–20:32अमृत कालपुष्य में
- 01:04–02:48 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:33–06:17 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 06:17–08:01 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 06:10–07:06 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 08:02–09:18शुभयमगण्ड में
- 09:18–10:33रोगअशुभ
- 10:33–11:49उद्वेगअशुभ
- 11:49–13:04चरसामान्य
- 13:04–14:20लाभशुभ
- 14:20–15:35अमृतराहु काल में
- 15:35–16:51कालअशुभ
- 16:51–18:06शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:06–19:51अमृतशुभ
- 19:51–21:35चरसामान्य
- 21:35–23:19रोगअशुभ
- 23:19–01:04 शुक्रकालअशुभ
- 01:04–02:48 शुक्रलाभशुभ
- 02:48–04:33 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 04:33–06:17 शुक्रशुभ
- 06:17–08:01 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 28 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:11–07:06, शुभ
- शुभ, 08:02–09:18
- रोग, अशुभ, 09:18–10:33
- उद्वेग, अशुभ, 10:33–11:49
- चर, सामान्य, 11:49–13:04
- लाभ, शुभ, 13:04–14:20
- अमृत, शुभ, 14:20–15:35
- काल, अशुभ, 15:35–16:51
- शुभ, 16:51–18:06
- अमृत, शुभ, 18:06–19:51
- चर, सामान्य, 19:51–21:35
- रोग, अशुभ, 21:35–23:19
- काल, अशुभ, 23:19–01:04 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:04–02:48 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:48–04:33 शुक्र
- शुभ, 04:33–06:17 शुक्र
- अमृत, शुभ, 06:17–08:01 शुक्र
- यमगण्ड, 08:02–09:18, अशुभ
- गुलिक काल, 10:33–11:49, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:24–12:04, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:44–13:24, शुभ
- राहु काल, 14:20–15:35, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:25–16:06, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:10–07:06 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Polatlı में पूर्णिमा गुरु 28 जनवरी को क्यों है?
पूर्णिमा गुरु 28 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 27 जनवरी को 22:47 से गुरु 28 जनवरी को 22:16 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 28 जनवरी के सूर्योदय (08:02) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 28 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 172.7° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:02। चतुर्दशी उससे पहले 22:47 बुध पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 22:16 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 13 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
गुरु 28 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:11–07:06
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:11–07:06।
बुध 27 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:05 बुध से सूर्योदय 08:02 तक थी, 13 घं 57 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 28 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:44–13:24
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:44–13:24।
गुरु 28 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:24–12:04
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:24–12:04 और 15:25–16:06।
गुरु 28 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 15:25–16:06
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:24–12:04 और 15:25–16:06।
यहाँ दिन, 08:02 से 18:06, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:24–12:04 और 15:25–16:06।
गुरु 28 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
08:02–09:18 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 08:02 से 18:06, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:06 से 08:01 शुक्र, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 28 जनवरी को राहुकाल कब है? 14:20–15:35
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:20–15:35।
गुरु 28 जनवरी को यमगंड कब है? 08:02–09:18
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 08:02–09:18।
गुरु 28 जनवरी को गुलिक काल कब है? 10:33–11:49
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:33–11:49।
यहाँ दिन 08:02 से 18:06 तक है, 10 घं 4 मि। इसे 1 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 28 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 08:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:02, सूर्यास्त 18:06, 10 घं 4 मि का दिन।
गुरु 28 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:06
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:02, सूर्यास्त 18:06, 10 घं 4 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 28 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य
सूर्योदय पर चंद्रमा 97° पर था: पुष्य, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 96°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 01:20 शुक्र को निकलेगा, अश्लेशा में।
गुरु 28 जनवरी को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 381.3° थे, एक चक्कर और 21.3°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 284.3° + 97° = 381.3°, एक पूरा चक्कर और 21.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 16:54 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
गुरु 28 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 172.7° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 10:36 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 22:16 तक।
गुरु 28 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 08:02, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:02 से 08:01 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 28 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 13 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 11 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
गुरु 28 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
गुरु 28 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942
विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 12:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 304.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 28 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:40
चंद्रमा यहाँ 17:40 पर उदय होता है।
चंद्रमा 17:40 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।