Polatlı, तुर्की का पंचांग रवि 15 जनवरी 2017
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी रवि 15 जनवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। रवि 15 जनवरी क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Polatlı में हर तारीख़15 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 15 जनवरी
- 06:15–07:13ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 08:10 से
- 10:35–11:48लाभ चौघड़िया
- 11:48–13:01अमृत चौघड़िया
- 12:41–13:01अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:13–15:26शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:51 के बाद
- 17:51–19:39शुभ चौघड़िया
-
17:51–19:25अमृत कालराहु काल छोड़कर · मघा में
- 19:39–21:26अमृत चौघड़िया
- 02:48–04:35 सोमलाभ चौघड़िया
- 06:22–08:10 सोमशुभ चौघड़िया
- 06:15–07:12 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 08:10–09:23उद्वेगअशुभ
- 09:23–10:35चरसामान्य
- 10:35–11:48लाभशुभ
- 11:48–13:01अमृतशुभ
- 13:01–14:13कालअशुभ
- 14:13–15:26शुभ
- 15:26–16:39रोगअशुभ
- 16:39–17:51उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:51–19:39शुभ
- 19:39–21:26अमृतशुभ
- 21:26–23:13चरसामान्य
- 23:13–01:01 सोमरोगअशुभ
- 01:01–02:48 सोमकालअशुभ
- 02:48–04:35 सोमलाभशुभ
- 04:35–06:22 सोमउद्वेगअशुभ
- 06:22–08:10 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 15 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:15–07:13, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 08:10–09:23
- चर, सामान्य, 09:23–10:35
- लाभ, शुभ, 10:35–11:48
- अमृत, शुभ, 11:48–13:01
- काल, अशुभ, 13:01–14:13
- शुभ, 14:13–15:26
- रोग, अशुभ, 15:26–16:39
- उद्वेग, अशुभ, 16:39–17:51
- शुभ, 17:51–19:39
- अमृत, शुभ, 19:39–21:26
- चर, सामान्य, 21:26–23:13
- रोग, अशुभ, 23:13–01:01 सोम
- काल, अशुभ, 01:01–02:48 सोम
- लाभ, शुभ, 02:48–04:35 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 04:35–06:22 सोम
- शुभ, 06:22–08:10 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:41–13:20, शुभ
- यमगण्ड, 13:01–14:13, अशुभ
- गुलिक काल, 15:26–16:39, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:34–17:13, अशुभ
- राहु काल, 16:39–17:51, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:15–07:12 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Polatlı में संकष्टी चतुर्थी रवि 15 जनवरी को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी रवि 15 जनवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी रवि 15 जनवरी को 09:09 से सोम 16 जनवरी को 08:45 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल रवि 15 जनवरी को है, 21:20 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 15 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 215.5° आगे था: कृष्ण तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:10। द्वितीया उससे पहले 10:19 शनि पर समाप्त हुई। तृतीया 09:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 12 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
रवि 15 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:15–07:13
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:15–07:13।
शनि 14 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:50 शनि से सूर्योदय 08:10 तक थी, 14 घं 20 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 15 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:41–13:20
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:41–13:20।
रवि 15 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 16:34–17:13
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:34–17:13।
यहाँ दिन, 08:10 से 17:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:34–17:13।
रवि 15 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
08:10–09:23 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 08:10 से 17:51, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:51 से 08:10 सोम, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 15 जनवरी को राहुकाल कब है? 16:39–17:51
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:39–17:51।
रवि 15 जनवरी को यमगंड कब है? 13:01–14:13
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:01–14:13।
रवि 15 जनवरी को गुलिक काल कब है? 15:26–16:39
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:26–16:39।
यहाँ दिन 08:10 से 17:51 तक है, 9 घं 41 मि। इसे 1 घं 12 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 15 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 08:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:10, सूर्यास्त 17:51, 9 घं 41 मि का दिन।
रवि 15 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:51
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:10, सूर्यास्त 17:51, 9 घं 41 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 41 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 41 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 15 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 126.6° पर था: मघा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 123°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:13 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
रवि 15 जनवरी को कौन सा योग है? आयुष्मान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 397.7° थे, एक चक्कर और 37.7°: आयुष्मान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 271.1° + 126.6° = 397.7°, एक पूरा चक्कर और 37.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 11:51 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।
रवि 15 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 215.5° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 21:38 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 09:09 तक है।
रवि 15 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 08:10, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:10 से 08:10 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 15 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 29 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 28 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
रवि 15 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
रवि 15 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938
विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 14:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 277.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 15 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:20
चंद्रमा यहाँ 21:20 पर उदय होता है।
रवि 15 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:01
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:01 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:20 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:01 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:20 पर उदय होगा।