tithika
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Pendleton, औरिगन, संयुक्त राज्य अमेरिका का पंचांग शुक्र 4 अगस्त 2017

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PDT में

द्वादशी

शुक्ल पक्ष · 06:22 तक

फिर त्रयोदशी · 08:21 शनि तक

द्वादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
20:19⁠–⁠22:12
प्रदोष काल 20:19⁠–⁠22:12

प्रदोष व्रत शुक्र 4 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। शुक्र 4 अगस्त क्यों?

प्रदोष व्रत: Pendleton में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:27 05:42 20:19अगला सूर्योदय 05:43 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:42–07:32चरसामान्य
  • 07:32–09:21लाभगुलिक काल में
  • 09:21–11:11अमृतशुभ
  • 11:11–13:00कालअशुभ
  • 13:00–14:50शुभ
  • 14:50–16:40रोगअशुभ
  • 16:40–18:29उद्वेगअशुभ
  • 18:29–20:19चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 20:19–21:29रोगअशुभ
  • 21:29–22:40कालअशुभ
  • 22:40–23:50लाभशुभ
  • 23:50–01:01 शनिउद्वेगअशुभ
  • 01:01–02:12 शनिशुभ
  • 02:12–03:22 शनिअमृतशुभ
  • 03:22–04:33 शनिचरसामान्य
  • 04:33–05:43 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 4 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:27–05:05, शुभ
  • चर, सामान्य, 05:42–07:32
  • लाभ, शुभ, 07:32–09:21
  • अमृत, शुभ, 09:21–11:11
  • काल, अशुभ, 11:11–13:00
  • शुभ, 13:00–14:50
  • रोग, अशुभ, 14:50–16:40
  • उद्वेग, अशुभ, 16:40–18:29
  • चर, सामान्य, 18:29–20:19
  • रोग, अशुभ, 20:19–21:29
  • काल, अशुभ, 21:29–22:40
  • लाभ, शुभ, 22:40–23:50
  • उद्वेग, अशुभ, 23:50–01:01 शनि
  • शुभ, 01:01–02:12 शनि
  • अमृत, शुभ, 02:12–03:22 शनि
  • चर, सामान्य, 03:22–04:33 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:33–05:43 शनि
  • गुलिक काल, 07:32–09:21, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:37–09:36, अशुभ
  • राहु काल, 11:11–13:00, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:31–13:30, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:30–14:28, अशुभ
  • यमगण्ड, 16:40–18:29, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:06 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Pendleton में प्रदोष व्रत शुक्र 4 अगस्त को क्यों है?

प्रदोष व्रत शुक्र 4 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 गुरु 3 अगस्त प्रदोष काल 20:20–22:12
द्वादशी 19:00 21:00 23:00 गुरु 3 अगस्त प्रदोष काल 20:20–22:12
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−7)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 4 अगस्त को 06:22 से शनि 5 अगस्त को 08:21 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (20:19–22:12) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Pendleton में हर तारीख़

शुक्र 4 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 143.7° आगे था: शुक्ल द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 143.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 143.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:42। एकादशी उससे पहले 04:07 गुरु पर समाप्त हुई। द्वादशी 06:22 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 23 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

द्वादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

द्वादशी यहाँ गुरु 3 और शुक्र 4 अगस्त दोनों के सूर्योदय पर है।

एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी गुरु 3 अगस्त सुबह शुक्र 4 अगस्त सुबह Pendleton UTC−7 04:07 06:22 05:41 द्वादशी 05:42 द्वादशी द्वादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी गुरु 3 अगस्त सुबह शुक्र 4 अगस्त सुबह Pendleton UTC−7 04:07 06:22 05:41 द्वादशी 05:42 द्वादशी द्वादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 04:07 गुरु को, सूर्योदय 05:41 गुरु से पहले, शुरू हुई और 06:22 को, अगले सूर्योदय 05:42 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

शुक्र 4 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:27–05:05

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:27–05:05।

सूर्यास्त 20:20 गुरु सूर्योदय 05:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 3 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:20 गुरु सूर्योदय 05:42 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 3 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 3 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:20 गुरु से सूर्योदय 05:42 तक थी, 9 घं 22 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 4 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:31–13:30

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:31–13:30।

शुक्र 4 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:37–09:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:37–09:36 और 13:30–14:28।

शुक्र 4 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 13:30–14:28

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:37–09:36 और 13:30–14:28।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 20:19 सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 20:19 सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 05:42 से 20:19, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:37–09:36 और 13:30–14:28।

शुक्र 4 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:42–07:32 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 20:19 सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 20:19 सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:42 से 20:19, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:19 से 05:43 शनि, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 4 अगस्त को राहुकाल कब है? 11:11–13:00

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:11–13:00।

शुक्र 4 अगस्त को यमगंड कब है? 16:40–18:29

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:40–18:29।

शुक्र 4 अगस्त को गुलिक काल कब है? 07:32–09:21

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:32–09:21।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 20:19 सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 20:19 सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 05:42 से 20:19 तक है, 14 घं 37 मि। इसे 1 घं 49 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 4 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:42

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 20:19, 14 घं 37 मि का दिन।

शुक्र 4 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:19

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 20:19, 14 घं 37 मि का दिन।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 20:19 सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:46 शनि चंद्रोदय 18:17
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 20:19 सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:46 शनि चंद्रोदय 18:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 4 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? मूल

सूर्योदय पर चंद्रमा 251.9° पर था: मूल, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 251.9° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 251.9° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 250° पर उसके पद 4 में आया। वह 08:32 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।

शुक्र 4 अगस्त को कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 360.1° थे, एक चक्कर और 0.1°: विष्कम्भ।

सूर्य 108.2° + चंद्रमा 251.9° = 360.1° एक चक्कर + 0.1° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 108.2° + चंद्रमा 251.9° = 360.1° एक चक्कर + 0.1° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 108.2° + 251.9° = 360.1°, एक पूरा चक्कर और 0.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 06:03 शनि को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

शुक्र 4 अगस्त को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 143.7° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 143.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बालव 138°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 143.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बालव 138°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 17:16 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 06:22 तक है।

शुक्र 4 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:42, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 20:19 सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 20:19 सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:42 से 05:43 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 4 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 23 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 21 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

शुक्र 4 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल शुक्र 4 अगस्त पूर्णिमा 8 जुल॰ अमावस्या 23 जुल॰ पूर्णिमा 7 अग॰ अमावस्या 21 अग॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल शुक्र 4 अगस्त पूर्णिमा 8 जुल॰ अमावस्या 23 जुल॰ पूर्णिमा 7 अग॰ अमावस्या 21 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।

शुक्र 4 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2074 · शक 1939

विक्रम संवत 2074 27 मार्च 2017 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 27 मार्च 2017 19:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 4 अगस्त सूर्य 108.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 27 मार्च 2017 19:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 4 अगस्त सूर्य 108.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 27 मार्च 2017, 19:57 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 124.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2074 गिनता है; शक संवत 1939।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 4 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:17

चंद्रमा यहाँ 18:17 पर उदय होता है।

शुक्र 4 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:46 शनि

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 20:19 सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:46 शनि चंद्रोदय 18:17
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 20:19 सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:46 शनि चंद्रोदय 18:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:17 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:46 शनि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:17 पर उदय हुआ; वह फिर 03:46 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।