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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 11 नवंबर 2099

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

चतुर्दशी

कृष्ण पक्ष · 20:13 तक

फिर अमावस्या · 17:01 गुरु तक

त्योहार

दीवाली · लक्ष्मी पूजा

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
18:09⁠–⁠20:09
प्रदोष काल 17:51⁠–⁠20:24

दीवाली · लक्ष्मी पूजा बुध 11 नवंबर को है: उस शाम अमावस्या प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। बुध 11 नवंबर क्यों?

दीवाली: Pāthardi में हर तारीख़

त्योहार

नरक चतुर्दशी

अभ्यंग स्नान मुहूर्त
04:58⁠–⁠06:34
अरुणोदय 04:58⁠–⁠06:34

नरक चतुर्दशी बुध 11 नवंबर को है: उस सुबह पूरे अरुणोदय में चतुर्दशी है, और किसी सुबह नहीं। बुध 11 नवंबर क्यों?

नरक चतुर्दशी: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:52 06:34 17:51अगला सूर्योदय 06:35 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:34–07:59लाभशुभ
  • 07:59–09:23अमृतयमगण्ड में
  • 09:23–10:48कालअशुभ
  • 10:48–12:13शुभगुलिक काल में
  • 12:13–13:37रोगअशुभ
  • 13:37–15:02उद्वेगअशुभ
  • 15:02–16:26चरसामान्य
  • 16:26–17:51लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:51–19:27उद्वेगअशुभ
  • 19:27–21:02शुभ
  • 21:02–22:37अमृतशुभ
  • 22:37–00:13 गुरुचरसामान्य
  • 00:13–01:48 गुरुरोगअशुभ
  • 01:48–03:24 गुरुकालअशुभ
  • 03:24–04:59 गुरुलाभशुभ
  • 04:59–06:35 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 11 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:52–05:43, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:34–07:59
  • अमृत, शुभ, 07:59–09:23
  • काल, अशुभ, 09:23–10:48
  • शुभ, 10:48–12:13
  • रोग, अशुभ, 12:13–13:37
  • उद्वेग, अशुभ, 13:37–15:02
  • चर, सामान्य, 15:02–16:26
  • लाभ, शुभ, 16:26–17:51
  • उद्वेग, अशुभ, 17:51–19:27
  • शुभ, 19:27–21:02
  • अमृत, शुभ, 21:02–22:37
  • चर, सामान्य, 22:37–00:13 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:13–01:48 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:48–03:24 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:24–04:59 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:59–06:35 गुरु
  • यमगण्ड, 07:59–09:23, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:48–12:13, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:50–12:35, अशुभ
  • राहु काल, 12:13–13:37, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:44 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में दीवाली बुध 11 नवंबर को क्यों है?

दीवाली · लक्ष्मी पूजा बुध 11 नवंबर को है: उस शाम अमावस्या प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।

चतुर्दशी अमावस्या 20:13 16:00 18:00 22:00 बुध 11 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 17:51–20:24
चतुर्दशी अमावस्या 20:13 16:00 18:00 22:00 बुध 11 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 17:51–20:24
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या बुध 11 नवंबर को 20:13 से गुरु 12 नवंबर को 17:01 तक है, इसलिए वह केवल बुधवार के प्रदोष काल (17:51–20:24) को छूती है। हर मत यही दिन लेता है।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:51–20:24। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:09 से 20:09 तक उदित रहता है।

दीवाली: Pāthardi में हर तारीख़

Pāthardi में नरक चतुर्दशी बुध 11 नवंबर को क्यों है?

नरक चतुर्दशी बुध 11 नवंबर को है: उस सुबह पूरे अरुणोदय में चतुर्दशी है, और किसी सुबह नहीं।

चतुर्दशी 06:34 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 बुध 11 नवंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:58–06:34
चतुर्दशी 06:34 03:00 05:00 07:00 बुध 11 नवंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:58–06:34
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

अभ्यंग स्नान अरुणोदय में होता है, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। चतुर्दशी मंगल 10 नवंबर को 23:30 से बुध 11 नवंबर को 20:13 तक है, इसलिए केवल बुधवार का अरुणोदय (04:58–06:34) उसके भीतर है। नरक चतुर्दशी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अरुणोदय Tithika की परिपाटी है।

नरक चतुर्दशी: Pāthardi में हर तारीख़

बुध 11 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 340.1° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 340.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 340.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:34। त्रयोदशी उससे पहले 23:30 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 20:13 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 29 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

बुध 11 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:52–05:43

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:52–05:43।

सूर्यास्त 17:51 मंगल सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 10 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:51 मंगल सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 10 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 10 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:51 मंगल से सूर्योदय 06:34 तक थी, 12 घं 43 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 11 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:50–12:35

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:50–12:35।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:34 से 17:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:50–12:35: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 11 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:34–07:59 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:34 से 17:51, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:51 से 06:35 गुरु, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 11 नवंबर को राहुकाल कब है? 12:13–13:37

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:13–13:37।

बुध 11 नवंबर को यमगंड कब है? 07:59–09:23

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:59–09:23।

बुध 11 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:48–12:13

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:48–12:13।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:34 से 17:51 तक है, 11 घं 17 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 11 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:34

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 17:51, 11 घं 17 मि का दिन।

बुध 11 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:51

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 17:51, 11 घं 17 मि का दिन।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:49 चंद्रोदय 06:12 गुरु
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:49 चंद्रोदय 06:12 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 11 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 183.8° पर था: चित्रा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 183.8° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 183.8° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 183°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:12 को निकलेगा, स्वाती में।

बुध 11 नवंबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 387.5° थे, एक चक्कर और 27.5°: आयुष्मान्।

सूर्य 203.7° + चंद्रमा 183.8° = 387.5° एक चक्कर + 27.5° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 203.7° + चंद्रमा 183.8° = 387.5° एक चक्कर + 27.5° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 203.7° + 183.8° = 387.5°, एक पूरा चक्कर और 27.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 01:27 गुरु को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।

बुध 11 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 340.1° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 340.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 340.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 09:51 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 20:13 तक।

बुध 11 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:34, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:34 से 06:35 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 11 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 14 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 18 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 12 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

बुध 11 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 11 नवंबर अमावस्या 14 अक्टू॰ पूर्णिमा 29 अक्टू॰ अमावस्या 12 नव॰ पूर्णिमा 28 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 11 नवंबर अमावस्या 14 अक्टू॰ पूर्णिमा 29 अक्टू॰ अमावस्या 12 नव॰ पूर्णिमा 28 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

बुध 11 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2156 · शक 2021

विक्रम संवत 2156 22 मार्च 2099 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2099 04:18 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 11 नवंबर सूर्य 203.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2099 04:18 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 11 नवंबर सूर्य 203.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2099, 04:18 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 227.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2156 गिनता है; शक संवत 2021।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 11 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:12 गुरु

चंद्रमा यहाँ 06:12 गुरु पर उदय होता है।

बुध 11 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:49

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:49 चंद्रोदय 06:12 गुरु
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:49 चंद्रोदय 06:12 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:49 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:12 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:49 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:12 गुरु पर उदय होगा।