Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 8 सितंबर 2083
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
अजा एकादशी
अजा एकादशी बुध 8 सितंबर को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है। बुध 8 सितंबर क्यों?
अजा एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़8 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 8 सितंबर
- 04:42–05:29ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:15 से
- 06:15–07:48लाभ चौघड़िया
- 07:48–09:21अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:53–12:26शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:05–18:38लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:38 के बाद
- 20:05–21:32शुभ चौघड़िया
- 21:32–22:59अमृत चौघड़िया
-
02:45–04:26 गुरुअमृत कालपुष्य में
- 03:21–04:48 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:42–05:29 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:15–07:48लाभशुभ
- 07:48–09:21अमृतयमगण्ड में
- 09:21–10:53कालअशुभ
- 10:53–12:26शुभगुलिक काल में
- 12:26–13:59रोगअशुभ
- 13:59–15:32उद्वेगअशुभ
- 15:32–17:05चरसामान्य
- 17:05–18:38लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:38–20:05उद्वेगअशुभ
- 20:05–21:32शुभ
- 21:32–22:59अमृतशुभ
- 22:59–00:26 गुरुचरसामान्य
- 00:26–01:54 गुरुरोगअशुभ
- 01:54–03:21 गुरुकालअशुभ
- 03:21–04:48 गुरुलाभशुभ
- 04:48–06:15 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 8 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:29, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:15–07:48
- अमृत, शुभ, 07:48–09:21
- काल, अशुभ, 09:21–10:53
- शुभ, 10:53–12:26
- रोग, अशुभ, 12:26–13:59
- उद्वेग, अशुभ, 13:59–15:32
- चर, सामान्य, 15:32–17:05
- लाभ, शुभ, 17:05–18:38
- उद्वेग, अशुभ, 18:38–20:05
- शुभ, 20:05–21:32
- अमृत, शुभ, 21:32–22:59
- चर, सामान्य, 22:59–00:26 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:26–01:54 गुरु
- काल, अशुभ, 01:54–03:21 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:21–04:48 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:48–06:15 गुरु
- यमगण्ड, 07:48–09:21, अशुभ
- गुलिक काल, 10:53–12:26, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:02–12:51, अशुभ
- राहु काल, 12:26–13:59, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:29 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में अजा एकादशी बुध 8 सितंबर को क्यों है?
अजा एकादशी बुध 8 सितंबर को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, मंगल 7 सितंबर को 06:15 और बुध 8 सितंबर को 06:15। एकादशी (मंगल 7 सितंबर 05:23 से बुध 8 सितंबर 06:46 तक) और द्वादशी (बुध 8 सितंबर 06:46 से गुरु 9 सितंबर 07:31 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: बुध 8 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: मंगल 7 सितंबर को दशमी 05:23 तक है, उसके भीतर (04:39–06:15); बुध 8 सितंबर को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
बुध 8 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 311.8° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। दशमी उससे पहले 05:23 मंगल पर समाप्त हुई। एकादशी 06:46 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 27 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
एकादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
एकादशी यहाँ मंगल 7 और बुध 8 सितंबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 05:23 मंगल को, सूर्योदय 06:15 मंगल से पहले, शुरू हुई और 06:46 को, अगले सूर्योदय 06:15 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन एकादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
बुध 8 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:29
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:29।
मंगल 7 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:38 मंगल से सूर्योदय 06:15 तक थी, 11 घं 37 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 8 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:02–12:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:02–12:51।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:38, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:02–12:51: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 8 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:15–07:48 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:38, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:38 से 06:15 गुरु, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 8 सितंबर को राहुकाल कब है? 12:26–13:59
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:26–13:59।
बुध 8 सितंबर को यमगंड कब है? 07:48–09:21
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:48–09:21।
बुध 8 सितंबर को गुलिक काल कब है? 10:53–12:26
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:53–12:26।
यहाँ दिन 06:15 से 18:38 तक है, 12 घं 23 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 8 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:38, 12 घं 23 मि का दिन।
बुध 8 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:38
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:38, 12 घं 23 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 8 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 92.3° पर था: पुनर्वसु, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 90° पर उसके पद 4 में आया। वह 08:11 को निकलेगा, पुष्य में।
बुध 8 सितंबर को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 232.9° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 140.6° + 92.3° = 232.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 18:51 को समाप्त होता है, फिर परिघ।
बुध 8 सितंबर को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 311.8° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 18:09 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 06:46 तक है।
बुध 8 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:15 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 8 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 13 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 12 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
बुध 8 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
बुध 8 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2140 · शक 2005
विक्रम संवत 2140 18 मार्च 2083 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 2083, 15:28 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 167.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2140 गिनता है; शक संवत 2005।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 8 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:34 गुरु
चंद्रमा यहाँ 03:34 गुरु पर उदय होता है।
बुध 8 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:06
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:06 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:34 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:06 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:34 गुरु पर उदय होगा।