tithika
English

हिन्दू कैलेंडर, Pāthardi, महाराष्ट्र अगस्त 2077

महाराष्ट्र, भारत

समय IST में · हर दिन के सूर्योदय की तिथि

अगस्त 2077 के त्योहार और व्रत

  1. सोम2
    प्रदोष व्रतव्रत

    प्रदोष पूजा मुहूर्त 19:04–21:16

  2. बुध4
    रक्षा बंधन

    रक्षा बंधन मुहूर्त 13:52–16:28

  3. पूर्णिमाव्रत

    पूर्णिमा तिथि 18:10 मंगल–15:17

  4. शुक्र6
    कजरी तीजव्रत

    तृतीया तिथि 08:41–05:18 शनि

  5. शनि7
    संकष्टी चतुर्थीव्रत

    चंद्रोदय 21:39

  6. मंगल10
    जन्माष्टमीव्रत

    स्मार्त: निशीथ पूजा मुहूर्त 00:12–00:56 बुध

    वैष्णव: बुध 11 अगस्त · निशीथ पूजा मुहूर्त 00:12–00:56 गुरु

  7. शनि14
    अजा एकादशीव्रत

    पारण 06:10–16:09 रवि

  8. रवि15
    प्रदोष व्रतव्रत

    प्रदोष पूजा मुहूर्त 18:56–21:11

  9. सोम16
    मासिक शिवरात्रिव्रत

    निशीथ पूजा मुहूर्त 00:10–00:55 मंगल

  10. बुध18
    अमावस्याव्रत

    अमावस्या तिथि 18:14 मंगल–19:48

  11. शनि21
    हरतालिका तीजव्रत

    हरतालिका पूजा मुहूर्त 06:11–08:43

  12. रवि22
    गणेश चतुर्थी

    गणेश पूजा मुहूर्त 11:15–13:47

  13. सोम30
    पार्श्व एकादशीव्रत

    पारण 06:14–08:46 मंगल

  14. मंगल31
    प्रदोष व्रतव्रत

    प्रदोष पूजा मुहूर्त 18:44–21:02

त्योहार लिस्ट 2077, Pāthardiव्रत लिस्ट 2077, Pāthardi

Tithika में खोलेंPāthardi को अपने स्थानों में रखें: उसके आने वाले महीने आपके डिवाइस पर सहेजे रहते हैं।

अगस्त 2077 का पंचांग: हर दिन की तिथि

हर दिन का चंद्रमा सूर्योदय की तिथि का चित्र है: हर तिथि एक कदम अधिक प्रकाशित, शुक्ल में दाईं ओर, कृष्ण में बाईं ओर

शुक्ल पक्ष

श्रावण (पूर्णिमान्त) · श्रावण (अमान्त)

रवि1
द्वादशी
22:16 तक · फिर त्रयोदशी
सोम2
त्रयोदशी
20:32 तक · फिर चतुर्दशी
मंगल3
चतुर्दशी
18:10 तक · फिर पूर्णिमा
बुध4
पूर्णिमा
15:17 तक · फिर प्रतिपदा

कृष्ण पक्ष

भाद्रपद (पूर्णिमान्त) · श्रावण (अमान्त)

गुरु5
प्रतिपदा
12:04 तक · फिर द्वितीया
शुक्र6
द्वितीया
08:41 तक · फिर तृतीया 05:18 शनि तक · फिर चतुर्थी
शनि7
चतुर्थी
02:05 रवि तक · फिर पञ्चमी
रवि8
पञ्चमी
23:09 तक · फिर षष्ठी
सोम9
षष्ठी
20:38 तक · फिर सप्तमी
मंगल10
सप्तमी
18:36 तक · फिर अष्टमी
बुध11
अष्टमी
17:06 तक · फिर नवमी
गुरु12
नवमी
16:07 तक · फिर दशमी
शुक्र13
दशमी
15:40 तक · फिर एकादशी
शनि14
एकादशी
15:42 तक · फिर द्वादशी
रवि15
द्वादशी
16:09 तक · फिर त्रयोदशी
सोम16
त्रयोदशी
17:00 तक · फिर चतुर्दशी
मंगल17
चतुर्दशी
18:14 तक · फिर अमावस्या
बुध18
अमावस्या
19:48 तक · फिर प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष

भाद्रपद (पूर्णिमान्त) · भाद्रपद (अमान्त)

गुरु19
प्रतिपदा
21:42 तक · फिर द्वितीया
शुक्र20
द्वितीया
23:54 तक · फिर तृतीया
शनि21
तृतीया
02:19 रवि तक · फिर चतुर्थी
रवि22
चतुर्थी
04:51 सोम तक · फिर पञ्चमी
सोम23
पञ्चमी
07:20 मंगल तक · मंगलवार के सूर्योदय पर भी
मंगल24
पञ्चमी
07:20 तक · फिर षष्ठी
बुध25
षष्ठी
09:35 तक · फिर सप्तमी
गुरु26
सप्तमी
11:22 तक · फिर अष्टमी
शुक्र27
अष्टमी
12:30 तक · फिर नवमी
शनि28
नवमी
12:51 तक · फिर दशमी
रवि29
दशमी
12:20 तक · फिर एकादशी
सोम30
एकादशी
10:57 तक · फिर द्वादशी
मंगल31
द्वादशी
08:46 तक · फिर त्रयोदशी 05:56 बुध तक · फिर चतुर्दशी
रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
1 द्वादशी 22:16 तक फिर त्रयोदशी 2 त्रयोदशी 20:32 तक फिर चतुर्दशी व्रत · प्रदोष व्रत 3 चतुर्दशी 18:10 तक फिर पूर्णिमा 4 पूर्णिमा 15:17 तक फिर प्रतिपदा रक्षा बंधन व्रत · पूर्णिमा 5 प्रतिपदा 12:04 तक फिर द्वितीया 6 द्वितीया 08:41 तक फिर तृतीया 05:18 शनि तक फिर चतुर्थी कजरी तीज 7 चतुर्थी 02:05 रवि तक फिर पञ्चमी व्रत · संकष्टी चतुर्थी
8 पञ्चमी 23:09 तक फिर षष्ठी 9 षष्ठी 20:38 तक फिर सप्तमी 10 सप्तमी 18:36 तक फिर अष्टमी जन्माष्टमी 11 अष्टमी 17:06 तक फिर नवमी 12 नवमी 16:07 तक फिर दशमी 13 दशमी 15:40 तक फिर एकादशी 14 एकादशी 15:42 तक फिर द्वादशी व्रत · अजा एकादशी
15 द्वादशी 16:09 तक फिर त्रयोदशी व्रत · प्रदोष व्रत 16 त्रयोदशी 17:00 तक फिर चतुर्दशी व्रत · मासिक शिवरात्रि 17 चतुर्दशी 18:14 तक फिर अमावस्या 18 अमावस्या 19:48 तक फिर प्रतिपदा व्रत · अमावस्या 19 प्रतिपदा 21:42 तक फिर द्वितीया 20 द्वितीया 23:54 तक फिर तृतीया 21 तृतीया 02:19 रवि तक फिर चतुर्थी हरतालिका तीज
22 चतुर्थी 04:51 सोम तक फिर पञ्चमी गणेश चतुर्थी 23 पञ्चमी 07:20 मंगल तक मंगलवार के सूर्योदय पर भी 24 पञ्चमी 07:20 तक फिर षष्ठी 25 षष्ठी 09:35 तक फिर सप्तमी 26 सप्तमी 11:22 तक फिर अष्टमी 27 अष्टमी 12:30 तक फिर नवमी 28 नवमी 12:51 तक फिर दशमी
29 दशमी 12:20 तक फिर एकादशी 30 एकादशी 10:57 तक फिर द्वादशी व्रत · पार्श्व एकादशी 31 द्वादशी 08:46 तक फिर त्रयोदशी 05:56 बुध तक फिर चतुर्दशी व्रत · प्रदोष व्रत

दूसरे महीने