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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 1 मई 2075

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:31 06:01 18:51अगला सूर्योदय 06:00 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:01–07:37लाभशुभ
  • 07:37–09:13अमृतयमगण्ड में
  • 09:13–10:50कालअशुभ
  • 10:50–12:26शुभगुलिक काल में
  • 12:26–14:02रोगअशुभ
  • 14:02–15:39उद्वेगअशुभ
  • 15:39–17:15चरसामान्य
  • 17:15–18:51लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:51–20:15उद्वेगअशुभ
  • 20:15–21:38शुभ
  • 21:38–23:02अमृतशुभ
  • 23:02–00:26 गुरुचरसामान्य
  • 00:26–01:49 गुरुरोगअशुभ
  • 01:49–03:13 गुरुकालअशुभ
  • 03:13–04:37 गुरुलाभशुभ
  • 04:37–06:00 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 1 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:16, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:01–07:37
  • अमृत, शुभ, 07:37–09:13
  • काल, अशुभ, 09:13–10:50
  • शुभ, 10:50–12:26
  • रोग, अशुभ, 12:26–14:02
  • उद्वेग, अशुभ, 14:02–15:39
  • चर, सामान्य, 15:39–17:15
  • लाभ, शुभ, 17:15–18:51
  • उद्वेग, अशुभ, 18:51–20:15
  • शुभ, 20:15–21:38
  • अमृत, शुभ, 21:38–23:02
  • चर, सामान्य, 23:02–00:26 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:26–01:49 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:49–03:13 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:13–04:37 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:37–06:00 गुरु
  • यमगण्ड, 07:37–09:13, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:50–12:26, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:00–12:52, अशुभ
  • राहु काल, 12:26–14:02, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:16 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

बुध 1 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 183.4° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 183.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 183.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:01। पूर्णिमा उससे पहले 00:08 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 21:00 को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 1 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

बुध 1 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:31–05:16

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:31–05:16।

सूर्यास्त 18:51 मंगल सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 30 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:51 मंगल सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 30 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 30 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:51 मंगल से सूर्योदय 06:01 तक थी, 11 घं 10 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 1 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:00–12:52

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:00–12:52।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:51 सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:51 सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:01 से 18:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:00–12:52: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 1 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:01–07:37 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:51 सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:51 सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:01 से 18:51, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:51 से 06:00 गुरु, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 1 मई को राहुकाल कब है? 12:26–14:02

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:26–14:02।

बुध 1 मई को यमगंड कब है? 07:37–09:13

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:37–09:13।

बुध 1 मई को गुलिक काल कब है? 10:50–12:26

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:50–12:26।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:51 सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:51 सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:01 से 18:51 तक है, 12 घं 50 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 1 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:51, 12 घं 50 मि का दिन।

बुध 1 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:51

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:51, 12 घं 50 मि का दिन।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:51 सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:28 चंद्रोदय 19:36
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:51 सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:28 चंद्रोदय 19:36
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 1 मई को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 199.3° पर था: स्वाती, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 199.3° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 199.3° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 196°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:12 को निकलेगा, विशाखा में।

बुध 1 मई को कौन सा योग है? व्यतीपात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 215.2° थे: व्यतीपात।

सूर्य 15.9° + चंद्रमा 199.3° = 215.2° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 15.9° + चंद्रमा 199.3° = 215.2° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 15.9° + 199.3° = 215.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 23:31 को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।

बुध 1 मई को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 183.4° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 183.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° बालव 180°–186° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 183.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° बालव 180°–186° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 10:35 तक है, जब बढ़त 186° होगी; कौलव 21:00 तक।

बुध 1 मई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:01, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:51 सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:51 सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:01 से 06:00 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 1 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख (अधिक)

15 अप्रैल और 15 मई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 अप्रैल 14:26 सोम से 15 मई 04:53 बुध तक सूर्य मेष में रहा; वृषभ में वह अमावस्या के बाद 15 मई 19:39 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक वैशाख है, जो वैशाख से पहले आता है।

बुध 1 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख (अधिक) का है।

अमान्त वैशाख (अधिक) पूर्णिमान्त वैशाख (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 1 मई अमावस्या 15 अप्रैल पूर्णिमा 1 मई अमावस्या 15 मई पूर्णिमा 30 मई
अमान्त वैशाख (अधिक) पूर्णिमान्त वैशाख (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 1 मई अमावस्या 15 अप्रैल पूर्णिमा 1 मई अमावस्या 15 मई पूर्णिमा 30 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख (अधिक) है, और अमान्त गणना में वैशाख (अधिक)।

बुध 1 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2132 · शक 1997

विक्रम संवत 2132 17 मार्च 2075 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2075 00:56 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 1 मई सूर्य 15.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2075 00:56 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 1 मई सूर्य 15.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2075, 00:56 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 44.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2132 गिनता है; शक संवत 1997।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 1 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:36

चंद्रमा यहाँ 19:36 पर उदय होता है।

बुध 1 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:28

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:51 सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:28 चंद्रोदय 19:36
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:51 सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:28 चंद्रोदय 19:36
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:28 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:36 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:28 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:36 पर उदय होगा।