Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 15 अक्टूबर 2069
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या मंगल 15 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 15 अक्टूबर क्यों?
अमावस्या: Pāthardi में हर तारीख़15 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 15 अक्टूबर
- 04:45–05:34ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:23 से
- 10:46–12:14लाभ चौघड़िया
- 11:51–12:14अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:14–13:42अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:10–16:38शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:05 के बाद
- 19:38–21:10लाभ चौघड़िया
-
20:48–22:36अमृत कालचित्रा में
- 22:42–23:01शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:50–00:14 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:14–01:47 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:45–05:34 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:23–07:51रोगअशुभ
- 07:51–09:19उद्वेगअशुभ
- 09:19–10:46चरसामान्य
- 10:46–12:14लाभशुभ
- 12:14–13:42अमृतगुलिक काल में
- 13:42–15:10कालअशुभ
- 15:10–16:38शुभराहु काल में
- 16:38–18:05रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:05–19:38कालअशुभ
- 19:38–21:10लाभशुभ
- 21:10–22:42उद्वेगअशुभ
- 22:42–00:14 बुधशुभ
- 00:14–01:47 बुधअमृतशुभ
- 01:47–03:19 बुधचरसामान्य
- 03:19–04:51 बुधरोगअशुभ
- 04:51–06:23 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 15 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:45–05:34, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:23–07:51
- उद्वेग, अशुभ, 07:51–09:19
- चर, सामान्य, 09:19–10:46
- लाभ, शुभ, 10:46–12:14
- अमृत, शुभ, 12:14–13:42
- काल, अशुभ, 13:42–15:10
- शुभ, 15:10–16:38
- रोग, अशुभ, 16:38–18:05
- काल, अशुभ, 18:05–19:38
- लाभ, शुभ, 19:38–21:10
- उद्वेग, अशुभ, 21:10–22:42
- शुभ, 22:42–00:14 बुध
- अमृत, शुभ, 00:14–01:47 बुध
- चर, सामान्य, 01:47–03:19 बुध
- रोग, अशुभ, 03:19–04:51 बुध
- काल, अशुभ, 04:51–06:23 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:44–09:30, अशुभ
- यमगण्ड, 09:19–10:46, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:51–12:38, शुभ
- गुलिक काल, 12:14–13:42, अशुभ
- राहु काल, 15:10–16:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:01–23:50, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:45–05:34 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में अमावस्या मंगल 15 अक्टूबर को क्यों है?
अमावस्या मंगल 15 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 14 अक्टूबर को 07:15 से मंगल 15 अक्टूबर को 09:34 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 15 अक्टूबर के सूर्योदय (06:23) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 15 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 358.6° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:23। चतुर्दशी उससे पहले 07:15 सोम पर समाप्त हुई। अमावस्या 09:34 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 30 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 15 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:45–05:34
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:45–05:34।
सोम 14 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:06 सोम से सूर्योदय 06:23 तक थी, 12 घं 17 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 15 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:51–12:38
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:51–12:38।
मंगल 15 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:44–09:30
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:44–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:01–23:50।
मंगल 15 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:01–23:50
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:44–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:01–23:50।
यहाँ दिन, 06:23 से 18:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:44–09:30 और 23:01–23:50।
मंगल 15 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:23–07:51 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:23 से 18:05, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:05 से 06:23 बुध, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 15 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:10–16:38
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:10–16:38।
मंगल 15 अक्टूबर को यमगंड कब है? 09:19–10:46
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:19–10:46।
मंगल 15 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 12:14–13:42
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:14–13:42।
यहाँ दिन 06:23 से 18:05 तक है, 11 घं 42 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 15 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:23
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:23, सूर्यास्त 18:05, 11 घं 42 मि का दिन।
मंगल 15 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:23, सूर्यास्त 18:05, 11 घं 42 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 176° पर था: चित्रा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 173°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 04:00 बुध को निकलेगा, स्वाती में।
मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा योग है? वैधृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 353.4° थे: वैधृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 177.4° + 176° = 353.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 18:39 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।
मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 358.6° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 20:22 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 09:34 तक है।
मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:23, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:23 से 06:23 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 15 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 15 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2126 · शक 1991
विक्रम संवत 2126 23 मार्च 2069 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2069, 06:44 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 199.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2126 गिनता है; शक संवत 1991।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 15 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:12
चंद्रमा यहाँ 18:12 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:12 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।