Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 4 सितंबर 2069
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी बुध 4 सितंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। बुध 4 सितंबर क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Pāthardi में हर तारीख़4 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 4 सितंबर
- 04:42–05:28ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:14 से
- 06:14–07:48लाभ चौघड़िया
- 07:48–09:21अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:54–12:28शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
-
14:50–16:18अमृत कालरेवती में
- 17:07–18:41लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:41 के बाद
- 20:07–21:34शुभ चौघड़िया
- 21:34–23:01अमृत चौघड़िया
- 03:21–04:48 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:42–05:28 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:14–07:48लाभशुभ
- 07:48–09:21अमृतयमगण्ड में
- 09:21–10:54कालअशुभ
- 10:54–12:28शुभगुलिक काल में
- 12:28–14:01रोगअशुभ
- 14:01–15:34उद्वेगअशुभ
- 15:34–17:07चरसामान्य
- 17:07–18:41लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:41–20:07उद्वेगअशुभ
- 20:07–21:34शुभ
- 21:34–23:01अमृतशुभ
- 23:01–00:28 गुरुचरसामान्य
- 00:28–01:54 गुरुरोगअशुभ
- 01:54–03:21 गुरुकालअशुभ
- 03:21–04:48 गुरुलाभशुभ
- 04:48–06:15 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 4 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:28, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:14–07:48
- अमृत, शुभ, 07:48–09:21
- काल, अशुभ, 09:21–10:54
- शुभ, 10:54–12:28
- रोग, अशुभ, 12:28–14:01
- उद्वेग, अशुभ, 14:01–15:34
- चर, सामान्य, 15:34–17:07
- लाभ, शुभ, 17:07–18:41
- उद्वेग, अशुभ, 18:41–20:07
- शुभ, 20:07–21:34
- अमृत, शुभ, 21:34–23:01
- चर, सामान्य, 23:01–00:28 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:28–01:54 गुरु
- काल, अशुभ, 01:54–03:21 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:21–04:48 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:48–06:15 गुरु
- यमगण्ड, 07:48–09:21, अशुभ
- गुलिक काल, 10:54–12:28, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:03–12:52, अशुभ
- राहु काल, 12:28–14:01, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:28 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में संकष्टी चतुर्थी बुध 4 सितंबर को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी बुध 4 सितंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी बुध 4 सितंबर को 05:58 से गुरु 5 सितंबर को 03:05 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल बुध 4 सितंबर को है, 20:56 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 4 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 216.2° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:14। तृतीया उससे पहले 05:58 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 03:05 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 1 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 4 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:28
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:28।
मंगल 3 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:42 मंगल से सूर्योदय 06:14 तक थी, 11 घं 32 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 4 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:03–12:52
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:03–12:52।
यहाँ दिन, 06:14 से 18:41, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:03–12:52: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 4 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:14–07:48 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:14 से 18:41, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:41 से 06:15 गुरु, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 4 सितंबर को राहुकाल कब है? 12:28–14:01
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:28–14:01।
बुध 4 सितंबर को यमगंड कब है? 07:48–09:21
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:48–09:21।
बुध 4 सितंबर को गुलिक काल कब है? 10:54–12:28
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:54–12:28।
यहाँ दिन 06:14 से 18:41 तक है, 12 घं 27 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 4 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:14
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:41, 12 घं 27 मि का दिन।
बुध 4 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:41, 12 घं 27 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 4 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 353.4° पर था: रेवती, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 353°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:01 को निकलेगा, अश्विनी में।
बुध 4 सितंबर को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 490.7° थे, एक चक्कर और 130.7°: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 137.3° + 353.4° = 490.7°, एक पूरा चक्कर और 130.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 10:17 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
बुध 4 सितंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 216.2° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 16:31 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 03:05 गुरु तक।
बुध 4 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:14, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:14 से 06:15 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 4 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 17 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 15 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
बुध 4 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
बुध 4 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2126 · शक 1991
विक्रम संवत 2126 23 मार्च 2069 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2069, 06:44 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 159.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2126 गिनता है; शक संवत 1991।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 4 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:56
चंद्रमा यहाँ 20:56 पर उदय होता है।
बुध 4 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:57
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:57 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:56 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:57 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:56 पर उदय होगा।