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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग शुक्र 31 अगस्त 2068

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

तृतीया

शुक्ल पक्ष · 07:16 तक

फिर चतुर्थी · 09:45 शनि तक

तृतीया यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

त्योहार

गणेश चतुर्थी

गणेश पूजा मुहूर्त
11:14⁠–⁠13:44
मध्याह्न 11:14⁠–⁠13:44

गणेश चतुर्थी शुक्र 31 अगस्त को है: उस दिन पूरे मध्याह्न में चतुर्थी है, और किसी दिन नहीं। शुक्र 31 अगस्त क्यों?

गणेश चतुर्थी: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:42 06:14 18:44अगला सूर्योदय 06:14 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:14–07:47चरसामान्य
  • 07:47–09:21लाभगुलिक काल में
  • 09:21–10:55अमृतशुभ
  • 10:55–12:29कालअशुभ
  • 12:29–14:03शुभ
  • 14:03–15:36रोगअशुभ
  • 15:36–17:10उद्वेगअशुभ
  • 17:10–18:44चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:44–20:10रोगअशुभ
  • 20:10–21:36कालअशुभ
  • 21:36–23:03लाभशुभ
  • 23:03–00:29 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:29–01:55 शनिशुभ
  • 01:55–03:21 शनिअमृतशुभ
  • 03:21–04:48 शनिचरसामान्य
  • 04:48–06:14 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 31 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:28, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:14–07:47
  • लाभ, शुभ, 07:47–09:21
  • अमृत, शुभ, 09:21–10:55
  • काल, अशुभ, 10:55–12:29
  • शुभ, 12:29–14:03
  • रोग, अशुभ, 14:03–15:36
  • उद्वेग, अशुभ, 15:36–17:10
  • चर, सामान्य, 17:10–18:44
  • रोग, अशुभ, 18:44–20:10
  • काल, अशुभ, 20:10–21:36
  • लाभ, शुभ, 21:36–23:03
  • उद्वेग, अशुभ, 23:03–00:29 शनि
  • शुभ, 00:29–01:55 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:55–03:21 शनि
  • चर, सामान्य, 03:21–04:48 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:48–06:14 शनि
  • गुलिक काल, 07:47–09:21, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:44–09:34, अशुभ
  • राहु काल, 10:55–12:29, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:04–12:54, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:54–13:44, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:36–17:10, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:28 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में गणेश चतुर्थी शुक्र 31 अगस्त को क्यों है?

गणेश चतुर्थी शुक्र 31 अगस्त को है: उस दिन पूरे मध्याह्न में चतुर्थी है, और किसी दिन नहीं।

चतुर्थी 09:00 11:00 13:00 15:00 शुक्र 31 अगस्त स्मार्त · वैष्णव मध्याह्न 11:14–13:44
चतुर्थी 09:00 11:00 13:00 15:00 शुक्र 31 अगस्त स्मार्त · वैष्णव मध्याह्न 11:14–13:44
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: मध्याह्न। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

गणेश पूजा मध्याह्न में होती है, दिन का बीच का पाँचवाँ भाग। चतुर्थी शुक्र 31 अगस्त को 07:16 से शनि 1 सितंबर को 09:45 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का मध्याह्न (11:14–13:44) उसके भीतर है।

गणेश चतुर्थी: Pāthardi में हर तारीख़

शुक्र 31 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 35.5° आगे था: शुक्ल तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 35.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 35.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:14। द्वितीया उससे पहले 04:43 गुरु पर समाप्त हुई। तृतीया 07:16 को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 27 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

तृतीया दो सूर्योदयों पर क्यों है?

तृतीया यहाँ गुरु 30 और शुक्र 31 अगस्त दोनों के सूर्योदय पर है।

द्वितीया तृतीया तृतीया चतुर्थी गुरु 30 अगस्त सुबह शुक्र 31 अगस्त सुबह Pāthardi IST 04:43 07:16 06:13 तृतीया 06:14 तृतीया तृतीया इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
द्वितीया तृतीया तृतीया चतुर्थी गुरु 30 अगस्त सुबह शुक्र 31 अगस्त सुबह Pāthardi IST 04:43 07:16 06:13 तृतीया 06:14 तृतीया तृतीया इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। तृतीया 04:43 गुरु को, सूर्योदय 06:13 गुरु से पहले, शुरू हुई और 07:16 को, अगले सूर्योदय 06:14 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन तृतीया है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

शुक्र 31 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:28

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:28।

सूर्यास्त 18:45 गुरु सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 30 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:45 गुरु सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 30 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 30 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:45 गुरु से सूर्योदय 06:14 तक थी, 11 घं 29 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 31 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:04–12:54

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:04–12:54।

शुक्र 31 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:44–09:34

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:44–09:34 और 12:54–13:44।

शुक्र 31 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:54–13:44

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:44–09:34 और 12:54–13:44।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:14 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:14 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:14 से 18:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:44–09:34 और 12:54–13:44।

शुक्र 31 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:14–07:47 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:14 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:14 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:14 से 18:44, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:44 से 06:14 शनि, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 31 अगस्त को राहुकाल कब है? 10:55–12:29

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:55–12:29।

शुक्र 31 अगस्त को यमगंड कब है? 15:36–17:10

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:36–17:10।

शुक्र 31 अगस्त को गुलिक काल कब है? 07:47–09:21

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:47–09:21।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:14 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:14 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:14 से 18:44 तक है, 12 घं 30 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 31 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:14

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:44, 12 घं 30 मि का दिन।

शुक्र 31 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:44, 12 घं 30 मि का दिन।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:14 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:44 चंद्रोदय 08:52
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:14 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:44 चंद्रोदय 08:52
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 169.2° पर था: हस्त, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 169.2° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 169.2° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 166°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 14:39 को निकलेगा, चित्रा में।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 302.9° थे: शुभ।

सूर्य 133.7° + चंद्रमा 169.2° = 302.9° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 133.7° + चंद्रमा 169.2° = 302.9° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 133.7° + 169.2° = 302.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 13:25 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 35.5° थी: तृतीया का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 35.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° गर 30°–36° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 35.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° गर 30°–36° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 17:59 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 30° हुई; गर 07:16 तक है।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:14, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:14 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:14 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:14 से 06:14 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 27 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 26 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शुक्र 31 अगस्त पूर्णिमा 13 अग॰ अमावस्या 27 अग॰ पूर्णिमा 11 सित॰ अमावस्या 26 सित॰
अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शुक्र 31 अगस्त पूर्णिमा 13 अग॰ अमावस्या 27 अग॰ पूर्णिमा 11 सित॰ अमावस्या 26 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2125 · शक 1990

विक्रम संवत 2125 2 अप्रैल 2068 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2068 14:22 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 31 अगस्त सूर्य 133.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2068 14:22 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 31 अगस्त सूर्य 133.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2068, 14:22 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 145.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2125 गिनता है; शक संवत 1990।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 31 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:52

चंद्रमा यहाँ 08:52 पर उदय होता है।

शुक्र 31 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:44

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:14 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:44 चंद्रोदय 08:52
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:14 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:44 चंद्रोदय 08:52
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:52 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:44 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:52 पर उदय हुआ; वह फिर 20:44 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।