Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 5 जुलाई 2034
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी बुध 5 जुलाई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। बुध 5 जुलाई क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Pāthardi में हर तारीख़5 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 5 जुलाई
- 04:30–05:13ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:56 से
- 05:56–07:35लाभ चौघड़िया
- 07:35–09:15अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:54–12:33शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:31–19:11लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:11 के बाद
- 20:31–21:52शुभ चौघड़िया
- 21:52–23:13अमृत चौघड़िया
- 03:15–04:35 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:30–05:13 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:56–07:35लाभशुभ
- 07:35–09:15अमृतयमगण्ड में
- 09:15–10:54कालअशुभ
- 10:54–12:33शुभगुलिक काल में
- 12:33–14:13रोगअशुभ
- 14:13–15:52उद्वेगअशुभ
- 15:52–17:31चरसामान्य
- 17:31–19:11लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:11–20:31उद्वेगअशुभ
- 20:31–21:52शुभ
- 21:52–23:13अमृतशुभ
- 23:13–00:33 गुरुचरसामान्य
- 00:33–01:54 गुरुरोगअशुभ
- 01:54–03:15 गुरुकालअशुभ
- 03:15–04:35 गुरुलाभशुभ
- 04:35–05:56 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 5 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:13, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:56–07:35
- अमृत, शुभ, 07:35–09:15
- काल, अशुभ, 09:15–10:54
- शुभ, 10:54–12:33
- रोग, अशुभ, 12:33–14:13
- उद्वेग, अशुभ, 14:13–15:52
- चर, सामान्य, 15:52–17:31
- लाभ, शुभ, 17:31–19:11
- उद्वेग, अशुभ, 19:11–20:31
- शुभ, 20:31–21:52
- अमृत, शुभ, 21:52–23:13
- चर, सामान्य, 23:13–00:33 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:33–01:54 गुरु
- काल, अशुभ, 01:54–03:15 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:15–04:35 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:35–05:56 गुरु
- यमगण्ड, 07:35–09:15, अशुभ
- गुलिक काल, 10:54–12:33, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:07–13:00, अशुभ
- राहु काल, 12:33–14:13, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:13 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में संकष्टी चतुर्थी बुध 5 जुलाई को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी बुध 5 जुलाई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी बुध 5 जुलाई को 00:15 से बुध 5 जुलाई को 23:50 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल बुध 5 जुलाई को है, 21:55 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 5 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 218.9° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:56। तृतीया उससे पहले 00:15 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 23:50 को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 1 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 5 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:30–05:13
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:30–05:13।
मंगल 4 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:11 मंगल से सूर्योदय 05:56 तक थी, 10 घं 45 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 5 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:07–13:00
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:07–13:00।
यहाँ दिन, 05:56 से 19:11, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:07–13:00: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 5 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:56–07:35 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:56 से 19:11, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:11 से 05:56 गुरु, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 5 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:33–14:13
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:33–14:13।
बुध 5 जुलाई को यमगंड कब है? 07:35–09:15
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:35–09:15।
बुध 5 जुलाई को गुलिक काल कब है? 10:54–12:33
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:54–12:33।
यहाँ दिन 05:56 से 19:11 तक है, 13 घं 15 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 5 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 19:11, 13 घं 15 मि का दिन।
बुध 5 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 19:11, 13 घं 15 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 5 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 297.6° पर था: धनिष्ठा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 296°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:23 को निकलेगा, शतभिषा में।
बुध 5 जुलाई को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 376.4° थे, एक चक्कर और 16.4°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 78.8° + 297.6° = 376.4°, एक पूरा चक्कर और 16.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 23:22 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
बुध 5 जुलाई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 218.9° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 12:05 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 23:50 तक।
बुध 5 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:56, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:56 से 05:56 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 5 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)
16 जून और 15 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जून 15:55 शुक्र से 15 जुलाई 23:45 शनि तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 17 जुलाई 00:47 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।
बुध 5 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ (अधिक) है, और अमान्त गणना में आषाढ़ (अधिक)।
बुध 5 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2091 · शक 1956
विक्रम संवत 2091 20 मार्च 2034 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2034, 15:44 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 103.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2091 गिनता है; शक संवत 1956।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 5 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:55
चंद्रमा यहाँ 21:55 पर उदय होता है।
बुध 5 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:00
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:00 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:55 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:00 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:55 पर उदय होगा।