Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 28 फ़रवरी 2034
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
आमलकी एकादशी
स्मार्त परंपरा में आमलकी एकादशी मंगल 28 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव बुध 1 मार्च को व्रत रखते हैं। मंगल 28 फ़रवरी क्यों?
आमलकी एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़28 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 28 फ़रवरी
- 05:11–06:00ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:49 से
- 11:13–12:41लाभ चौघड़िया
- 12:18–12:41अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:41–14:09अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:38–17:06शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:34 के बाद
- 20:06–21:37लाभ चौघड़िया
- 23:09–23:28शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:17–00:41 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:41–02:13 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:10–05:59 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:49–08:17रोगअशुभ
- 08:17–09:45उद्वेगअशुभ
- 09:45–11:13चरसामान्य
- 11:13–12:41लाभशुभ
- 12:41–14:09अमृतगुलिक काल में
- 14:09–15:38कालअशुभ
- 15:38–17:06शुभराहु काल में
- 17:06–18:34रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:34–20:06कालअशुभ
- 20:06–21:37लाभशुभ
- 21:37–23:09उद्वेगअशुभ
- 23:09–00:41 बुधशुभ
- 00:41–02:13 बुधअमृतशुभ
- 02:13–03:45 बुधचरसामान्य
- 03:45–05:16 बुधरोगअशुभ
- 05:16–06:48 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 28 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–06:00, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:49–08:17
- उद्वेग, अशुभ, 08:17–09:45
- चर, सामान्य, 09:45–11:13
- लाभ, शुभ, 11:13–12:41
- अमृत, शुभ, 12:41–14:09
- काल, अशुभ, 14:09–15:38
- शुभ, 15:38–17:06
- रोग, अशुभ, 17:06–18:34
- काल, अशुभ, 18:34–20:06
- लाभ, शुभ, 20:06–21:37
- उद्वेग, अशुभ, 21:37–23:09
- शुभ, 23:09–00:41 बुध
- अमृत, शुभ, 00:41–02:13 बुध
- चर, सामान्य, 02:13–03:45 बुध
- रोग, अशुभ, 03:45–05:16 बुध
- काल, अशुभ, 05:16–06:48 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:10–09:57, अशुभ
- यमगण्ड, 09:45–11:13, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:18–13:05, शुभ
- गुलिक काल, 12:41–14:09, अशुभ
- राहु काल, 15:38–17:06, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:28–00:17 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:10–05:59 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में आमलकी एकादशी मंगल 28 फ़रवरी को क्यों है?
स्मार्त परंपरा में आमलकी एकादशी मंगल 28 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव बुध 1 मार्च को व्रत रखते हैं।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 28 फ़रवरी को सूर्योदय पर है, 06:49: मंगल 28 फ़रवरी।
मंगल 28 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 120.1° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:49। दशमी उससे पहले 06:40 पर समाप्त हुई। एकादशी 05:59 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 19 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 28 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:11–06:00
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:11–06:00।
सोम 27 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:33 सोम से सूर्योदय 06:49 तक थी, 12 घं 16 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 28 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:18–13:05
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:18–13:05।
मंगल 28 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:10–09:57
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:10–09:57, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:28–00:17 बुध।
मंगल 28 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 23:28–00:17 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:10–09:57, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:28–00:17 बुध।
यहाँ दिन, 06:49 से 18:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:10–09:57 और 23:28–00:17 बुध।
मंगल 28 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:49–08:17 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:49 से 18:34, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:34 से 06:48 बुध, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 28 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 15:38–17:06
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:38–17:06।
मंगल 28 फ़रवरी को यमगंड कब है? 09:45–11:13
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:45–11:13।
मंगल 28 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 12:41–14:09
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:41–14:09।
यहाँ दिन 06:49 से 18:34 तक है, 11 घं 45 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 28 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:49, सूर्यास्त 18:34, 11 घं 45 मि का दिन।
मंगल 28 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:49, सूर्यास्त 18:34, 11 घं 45 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 28 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 75.3° पर था: आर्द्रा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 73°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:17 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
मंगल 28 फ़रवरी को कौन सा योग है? आयुष्मान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 390.5° थे, एक चक्कर और 30.5°: आयुष्मान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 315.2° + 75.3° = 390.5°, एक पूरा चक्कर और 30.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 22:45 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।
मंगल 28 फ़रवरी को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 120.1° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 18:16 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 05:59 बुध तक।
मंगल 28 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:49, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:49 से 06:48 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 28 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 19 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 15 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 20 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
मंगल 28 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।
मंगल 28 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955
विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 23:21 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 329.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 28 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:29
चंद्रमा यहाँ 14:29 पर उदय होता है।
मंगल 28 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:46 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:29 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:46 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:29 पर उदय हुआ; वह फिर 03:46 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।