Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग शनि 20 अगस्त 2033
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
अजा एकादशी
अजा एकादशी शनि 20 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। शनि 20 अगस्त क्यों?
अजा एकादशी: Pāthardi में हर तारीख़20 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 20 अगस्त
- 04:41–05:26ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:11 से
- 07:53–09:21शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:07–12:57अभिजीत मुहूर्त
- 14:07–15:42लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:42–17:18अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:53 के बाद
- 18:53–20:18लाभ चौघड़िया
- 21:43–23:07शुभ चौघड़िया
-
21:46–23:24अमृत कालआर्द्रा में
- 23:07–00:32 रविअमृत चौघड़िया
- 04:46–06:11 रविलाभ चौघड़िया
- 04:41–05:26 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:11–07:46कालअशुभ
- 07:46–09:21शुभ
- 09:21–10:57रोगअशुभ
- 10:57–12:32उद्वेगअशुभ
- 12:32–14:07चरसामान्य
- 14:07–15:42लाभयमगण्ड में
- 15:42–17:18अमृतशुभ
- 17:18–18:53कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:53–20:18लाभशुभ
- 20:18–21:43उद्वेगअशुभ
- 21:43–23:07शुभ
- 23:07–00:32 रविअमृतशुभ
- 00:32–01:57 रविचरसामान्य
- 01:57–03:22 रविरोगअशुभ
- 03:22–04:46 रविकालअशुभ
- 04:46–06:11 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 20 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:26, शुभ
- काल, अशुभ, 06:11–07:46
- शुभ, 07:46–09:21
- रोग, अशुभ, 09:21–10:57
- उद्वेग, अशुभ, 10:57–12:32
- चर, सामान्य, 12:32–14:07
- लाभ, शुभ, 14:07–15:42
- अमृत, शुभ, 15:42–17:18
- काल, अशुभ, 17:18–18:53
- लाभ, शुभ, 18:53–20:18
- उद्वेग, अशुभ, 20:18–21:43
- शुभ, 21:43–23:07
- अमृत, शुभ, 23:07–00:32 रवि
- चर, सामान्य, 00:32–01:57 रवि
- रोग, अशुभ, 01:57–03:22 रवि
- काल, अशुभ, 03:22–04:46 रवि
- लाभ, शुभ, 04:46–06:11 रवि
- गुलिक काल, 06:11–07:46, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:11–07:02, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:02–07:53, अशुभ
- राहु काल, 09:21–10:57, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:07–12:57, शुभ
- यमगण्ड, 14:07–15:42, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:26 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में अजा एकादशी शनि 20 अगस्त को क्यों है?
अजा एकादशी शनि 20 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 20 अगस्त को सूर्योदय पर है, 06:11: शनि 20 अगस्त। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 00:25 पर, उससे (04:35–06:11) पहले, समाप्त हुई।
शनि 20 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 302.9° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:11। दशमी उससे पहले 00:25 पर समाप्त हुई। एकादशी 00:04 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 10 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 20 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:41–05:26
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:41–05:26।
शुक्र 19 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:54 शुक्र से सूर्योदय 06:11 तक थी, 11 घं 17 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 20 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:07–12:57
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:07–12:57।
शनि 20 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 06:11–07:02
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:11–07:02 और 07:02–07:53।
शनि 20 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 07:02–07:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:11–07:02 और 07:02–07:53।
यहाँ दिन, 06:11 से 18:53, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:11–07:02 और 07:02–07:53।
शनि 20 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:11–07:46 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:11 से 18:53, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:53 से 06:11 रवि, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 20 अगस्त को राहुकाल कब है? 09:21–10:57
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:21–10:57।
शनि 20 अगस्त को यमगंड कब है? 14:07–15:42
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:07–15:42।
शनि 20 अगस्त को गुलिक काल कब है? 06:11–07:46
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:11–07:46।
यहाँ दिन 06:11 से 18:53 तक है, 12 घं 42 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 20 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 18:53, 12 घं 42 मि का दिन।
शनि 20 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:53
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 18:53, 12 घं 42 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 20 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 66° पर था: मृगशिरा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 63°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:28 को निकलेगा, आर्द्रा में।
शनि 20 अगस्त को कौन सा योग है? वज्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 189° थे: वज्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 123° + 66° = 189°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 01:00 रवि को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।
शनि 20 अगस्त को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 302.9° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 12:11 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 00:04 रवि तक।
शनि 20 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:11, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:11 से 06:11 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 20 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 26 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 25 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
शनि 20 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
शनि 20 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955
विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 23:21 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 137° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 20 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:54 रवि
चंद्रमा यहाँ 02:54 रवि पर उदय होता है।
शनि 20 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:21
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:21 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:54 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:21 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:54 रवि पर उदय होगा।