Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 8 सितंबर 2032
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
त्योहार
गणेश चतुर्थी
गणेश चतुर्थी बुध 8 सितंबर को है: उस दिन पूरे मध्याह्न में चतुर्थी है, और किसी दिन नहीं। बुध 8 सितंबर क्यों?
गणेश चतुर्थी: Pāthardi में हर तारीख़त्योहार
हरतालिका तीज
हरतालिका तीज बुध 8 सितंबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में तृतीया है। बुध 8 सितंबर क्यों?
हरतालिका तीज: Pāthardi में हर तारीख़8 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 8 सितंबर
- 04:42–05:29ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:15 से
- 06:15–07:48लाभ चौघड़िया
- 07:48–09:21अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:53–12:26शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:04–18:37लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:37 के बाद
-
19:46–21:31अमृत कालचित्रा में
- 20:04–21:32शुभ चौघड़िया
- 21:32–22:59अमृत चौघड़िया
- 03:21–04:48 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:42–05:29 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:15–07:48लाभशुभ
- 07:48–09:21अमृतयमगण्ड में
- 09:21–10:53कालअशुभ
- 10:53–12:26शुभगुलिक काल में
- 12:26–13:59रोगअशुभ
- 13:59–15:32उद्वेगअशुभ
- 15:32–17:04चरसामान्य
- 17:04–18:37लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:37–20:04उद्वेगअशुभ
- 20:04–21:32शुभ
- 21:32–22:59अमृतशुभ
- 22:59–00:26 गुरुचरसामान्य
- 00:26–01:53 गुरुरोगअशुभ
- 01:53–03:21 गुरुकालअशुभ
- 03:21–04:48 गुरुलाभशुभ
- 04:48–06:15 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 8 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:29, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:15–07:48
- अमृत, शुभ, 07:48–09:21
- काल, अशुभ, 09:21–10:53
- शुभ, 10:53–12:26
- रोग, अशुभ, 12:26–13:59
- उद्वेग, अशुभ, 13:59–15:32
- चर, सामान्य, 15:32–17:04
- लाभ, शुभ, 17:04–18:37
- उद्वेग, अशुभ, 18:37–20:04
- शुभ, 20:04–21:32
- अमृत, शुभ, 21:32–22:59
- चर, सामान्य, 22:59–00:26 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:26–01:53 गुरु
- काल, अशुभ, 01:53–03:21 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:21–04:48 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:48–06:15 गुरु
- यमगण्ड, 07:48–09:21, अशुभ
- गुलिक काल, 10:53–12:26, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:01–12:51, अशुभ
- राहु काल, 12:26–13:59, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:29 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में गणेश चतुर्थी बुध 8 सितंबर को क्यों है?
गणेश चतुर्थी बुध 8 सितंबर को है: उस दिन पूरे मध्याह्न में चतुर्थी है, और किसी दिन नहीं।
गणेश पूजा मध्याह्न में होती है, दिन का बीच का पाँचवाँ भाग। चतुर्थी बुध 8 सितंबर को 09:10 से गुरु 9 सितंबर को 10:51 तक है, इसलिए केवल बुधवार का मध्याह्न (11:12–13:40) उसके भीतर है।
Pāthardi में हरतालिका तीज बुध 8 सितंबर को क्यों है?
हरतालिका तीज बुध 8 सितंबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में तृतीया है।
हरतालिका तीज की पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। तृतीया मंगल 7 सितंबर को 07:08 से बुध 8 सितंबर को 09:10 तक है, और दोनों सुबह प्रातःकाल को छूती है। निर्णयसिंधु वह सुबह लेता है जिसका प्रातःकाल उसमें अधिक है: बुध 8 सितंबर। हरतालिका तीज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
बुध 8 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 34.6° आगे था: शुक्ल तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। द्वितीया उससे पहले 07:08 मंगल पर समाप्त हुई। तृतीया 09:10 को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 5 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 8 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:29
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:29।
मंगल 7 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:38 मंगल से सूर्योदय 06:15 तक थी, 11 घं 37 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 8 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:01–12:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:01–12:51।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:37, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:01–12:51: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 8 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:15–07:48 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:37, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:37 से 06:15 गुरु, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 8 सितंबर को राहुकाल कब है? 12:26–13:59
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:26–13:59।
बुध 8 सितंबर को यमगंड कब है? 07:48–09:21
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:48–09:21।
बुध 8 सितंबर को गुलिक काल कब है? 10:53–12:26
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:53–12:26।
यहाँ दिन 06:15 से 18:37 तक है, 12 घं 22 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 8 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:37, 12 घं 22 मि का दिन।
बुध 8 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:37
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:37, 12 घं 22 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 8 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 176.3° पर था: चित्रा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 173°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:48 गुरु को निकलेगा, स्वाती में।
बुध 8 सितंबर को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 317.9° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 141.6° + 176.3° = 317.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 10:08 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
बुध 8 सितंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 34.6° थी: तृतीया का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 20:11 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 30° हुई; गर 09:10 तक है।
बुध 8 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:15 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 8 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 5 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 4 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
बुध 8 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
बुध 8 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2089 · शक 1954
विक्रम संवत 2089 10 अप्रैल 2032 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2032, 08:09 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 145.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2089 गिनता है; शक संवत 1954।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 8 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:51
चंद्रमा यहाँ 08:51 पर उदय होता है।
बुध 8 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:43
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:51 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:43 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:51 पर उदय हुआ; वह फिर 20:43 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।