Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग शनि 1 मई 2032
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
1 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 1 मई
- 04:31–05:16ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:00 से
- 07:43–09:13शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:00–12:52अभिजीत मुहूर्त
- 14:02–15:39लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:39–17:15अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:51 के बाद
- 18:51–20:15लाभ चौघड़िया
- 21:38–23:02शुभ चौघड़िया
- 23:02–00:26 रविअमृत चौघड़िया
-
01:09–02:40 रविअमृत कालउत्तराषाढा में
- 04:36–06:00 रविलाभ चौघड़िया
- 04:31–05:15 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:00–07:37कालअशुभ
- 07:37–09:13शुभ
- 09:13–10:50रोगअशुभ
- 10:50–12:26उद्वेगअशुभ
- 12:26–14:02चरसामान्य
- 14:02–15:39लाभयमगण्ड में
- 15:39–17:15अमृतशुभ
- 17:15–18:51कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:51–20:15लाभशुभ
- 20:15–21:38उद्वेगअशुभ
- 21:38–23:02शुभ
- 23:02–00:26 रविअमृतशुभ
- 00:26–01:49 रविचरसामान्य
- 01:49–03:13 रविरोगअशुभ
- 03:13–04:36 रविकालअशुभ
- 04:36–06:00 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 1 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:16, शुभ
- काल, अशुभ, 06:00–07:37
- शुभ, 07:37–09:13
- रोग, अशुभ, 09:13–10:50
- उद्वेग, अशुभ, 10:50–12:26
- चर, सामान्य, 12:26–14:02
- लाभ, शुभ, 14:02–15:39
- अमृत, शुभ, 15:39–17:15
- काल, अशुभ, 17:15–18:51
- लाभ, शुभ, 18:51–20:15
- उद्वेग, अशुभ, 20:15–21:38
- शुभ, 21:38–23:02
- अमृत, शुभ, 23:02–00:26 रवि
- चर, सामान्य, 00:26–01:49 रवि
- रोग, अशुभ, 01:49–03:13 रवि
- काल, अशुभ, 03:13–04:36 रवि
- लाभ, शुभ, 04:36–06:00 रवि
- गुलिक काल, 06:00–07:37, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:00–06:52, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:52–07:43, अशुभ
- राहु काल, 09:13–10:50, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:00–12:52, शुभ
- यमगण्ड, 14:02–15:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:15 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 1 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 248.3° आगे था: कृष्ण षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:00। पञ्चमी उससे पहले 14:51 शुक्र पर समाप्त हुई। षष्ठी 12:50 को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 25 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 1 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:31–05:16
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:31–05:16।
शुक्र 30 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:51 शुक्र से सूर्योदय 06:00 तक थी, 11 घं 9 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 1 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:00–12:52
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:00–12:52।
शनि 1 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:00–06:52
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:00–06:52 और 06:52–07:43।
शनि 1 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:52–07:43
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:00–06:52 और 06:52–07:43।
यहाँ दिन, 06:00 से 18:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:00–06:52 और 06:52–07:43।
शनि 1 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:00–07:37 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:00 से 18:51, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:51 से 06:00 रवि, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 1 मई को राहुकाल कब है? 09:13–10:50
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:13–10:50।
शनि 1 मई को यमगंड कब है? 14:02–15:39
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:02–15:39।
शनि 1 मई को गुलिक काल कब है? 06:00–07:37
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:00–07:37।
यहाँ दिन 06:00 से 18:51 तक है, 12 घं 51 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 1 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:00
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 18:51, 12 घं 51 मि का दिन।
शनि 1 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:51
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 18:51, 12 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 1 मई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 265.2° पर था: पूर्वाषाढा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 263°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:35 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
शनि 1 मई को कौन सा योग है? साध्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 282.1° थे: साध्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 16.9° + 265.2° = 282.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 23:56 को समाप्त होता है, फिर शुभ।
शनि 1 मई को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 248.3° थी: षष्ठी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 01:52 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 246° हुई; वणिज 12:50 तक है।
शनि 1 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:00, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:00 से 06:00 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 1 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 10 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 9 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
शनि 1 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।
शनि 1 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2089 · शक 1954
विक्रम संवत 2089 10 अप्रैल 2032 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2032, 08:09 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 20.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2089 गिनता है; शक संवत 1954।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 1 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:15 रवि
चंद्रमा यहाँ 00:15 रवि पर उदय होता है।
शनि 1 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:59
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:59 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:15 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:59 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:15 रवि पर उदय होगा।