tithika
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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग सोम 4 मार्च 2030

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 12:04 तक

फिर प्रतिपदा · 12:36 मंगल तक

व्रत

अमावस्या

अमावस्या सोम 4 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। सोम 4 मार्च क्यों?

अमावस्या: Pāthardi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:09 06:46 18:35अगला सूर्योदय 06:45 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:46–08:15अमृतशुभ
  • 08:15–09:43कालअशुभ
  • 09:43–11:12शुभ
  • 11:12–12:41रोगअशुभ
  • 12:41–14:09उद्वेगअशुभ
  • 14:09–15:38चरसामान्य
  • 15:38–17:06लाभशुभ
  • 17:06–18:35अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:35–20:06चरसामान्य
  • 20:06–21:38रोगअशुभ
  • 21:38–23:09कालअशुभ
  • 23:09–00:40 मंगललाभशुभ
  • 00:40–02:11 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:11–03:43 मंगलशुभ
  • 03:43–05:14 मंगलअमृतशुभ
  • 05:14–06:45 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 4 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:09–05:57, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:46–08:15
  • काल, अशुभ, 08:15–09:43
  • शुभ, 09:43–11:12
  • रोग, अशुभ, 11:12–12:41
  • उद्वेग, अशुभ, 12:41–14:09
  • चर, सामान्य, 14:09–15:38
  • लाभ, शुभ, 15:38–17:06
  • अमृत, शुभ, 17:06–18:35
  • चर, सामान्य, 18:35–20:06
  • रोग, अशुभ, 20:06–21:38
  • काल, अशुभ, 21:38–23:09
  • लाभ, शुभ, 23:09–00:40 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:40–02:11 मंगल
  • शुभ, 02:11–03:43 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:43–05:14 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:14–06:45 मंगल
  • राहु काल, 08:15–09:43, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:12–12:41, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:17–13:04, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:04–13:51, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:09–15:38, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:26–16:13, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:08–05:57 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Pāthardi में अमावस्या सोम 4 मार्च को क्यों है?

अमावस्या सोम 4 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 रवि 3 मार्च सूर्योदय 06:47
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 रवि 3 मार्च सूर्योदय 06:47
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या रवि 3 मार्च को 12:01 से सोम 4 मार्च को 12:04 तक है, इसलिए वह केवल सोम 4 मार्च के सूर्योदय (06:46) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Pāthardi में हर तारीख़

सोम 4 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 357.4° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 357.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 357.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:46। चतुर्दशी उससे पहले 12:01 रवि पर समाप्त हुई। अमावस्या 12:04 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 18 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 4 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:09–05:57

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:09–05:57।

सूर्यास्त 18:35 रवि सूर्योदय 06:46 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:35 रवि सूर्योदय 06:46 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 3 मार्च की रात सूर्यास्त 18:35 रवि से सूर्योदय 06:46 तक थी, 12 घं 11 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 4 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:17–13:04

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:17–13:04।

सोम 4 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 13:04–13:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:04–13:51 और 15:26–16:13।

सोम 4 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 15:26–16:13

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:04–13:51 और 15:26–16:13।

सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:46 से 18:35, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:04–13:51 और 15:26–16:13।

सोम 4 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:46–08:15 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:46 से 18:35, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:35 से 06:45 मंगल, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 4 मार्च को राहुकाल कब है? 08:15–09:43

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:15–09:43।

सोम 4 मार्च को यमगंड कब है? 11:12–12:41

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:12–12:41।

सोम 4 मार्च को गुलिक काल कब है? 14:09–15:38

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:09–15:38।

सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:46 से 18:35 तक है, 11 घं 49 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 4 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:46

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 18:35, 11 घं 49 मि का दिन।

सोम 4 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:35

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 18:35, 11 घं 49 मि का दिन।

सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:44
सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:44
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 4 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा

सूर्योदय पर चंद्रमा 316.6° पर था: शतभिषा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 316.6° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 316.6° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 313°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:07 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।

सोम 4 मार्च को कौन सा योग है? सिद्ध

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 635.8° थे, एक चक्कर और 275.8°: सिद्ध।

सूर्य 319.2° + चंद्रमा 316.6° = 635.8° एक चक्कर + 275.8° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 319.2° + चंद्रमा 316.6° = 635.8° एक चक्कर + 275.8° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 319.2° + 316.6° = 635.8°, एक पूरा चक्कर और 275.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 14:00 को समाप्त होता है, फिर साध्य।

सोम 4 मार्च को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 357.4° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 357.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 357.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 23:59 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 12:04 तक है।

सोम 4 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:46, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:46 से 06:45 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 4 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 2 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 4 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

सोम 4 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।

अमान्त पूर्णिमान्त फाल्गुन माघ कृष्ण शुक्ल सोम 4 मार्च अमावस्या 2 फ़र॰ पूर्णिमा 18 फ़र॰ अमावस्या 4 मार्च पूर्णिमा 19 मार्च
अमान्त पूर्णिमान्त फाल्गुन माघ कृष्ण शुक्ल सोम 4 मार्च अमावस्या 2 फ़र॰ पूर्णिमा 18 फ़र॰ अमावस्या 4 मार्च पूर्णिमा 19 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।

सोम 4 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951

विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 09:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 मार्च सूर्य 319.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 09:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 मार्च सूर्य 319.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 09:49 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 348.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 4 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:44

चंद्रमा यहाँ 18:44 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:44
सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 06:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:44
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 18:44 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।