Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 18 दिसंबर 2029
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत मंगल 18 दिसंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 18 दिसंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Pāthardi में हर तारीख़18 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 18 दिसंबर
- 05:12–06:04ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:56 से
- 11:03–12:25लाभ चौघड़िया
- 12:03–12:25अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:25–13:48अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:10–16:32शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:55 के बाद
- 19:32–21:10लाभ चौघड़िया
- 22:48–23:07शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:00–00:26 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
00:00–01:44 बुधअमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · कृत्तिका में
- 00:26–02:03 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:12–06:04 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:56–08:18रोगअशुभ
- 08:18–09:41उद्वेगअशुभ
- 09:41–11:03चरसामान्य
- 11:03–12:25लाभशुभ
- 12:25–13:48अमृतगुलिक काल में
- 13:48–15:10कालअशुभ
- 15:10–16:32शुभराहु काल में
- 16:32–17:55रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:55–19:32कालअशुभ
- 19:32–21:10लाभशुभ
- 21:10–22:48उद्वेगअशुभ
- 22:48–00:26 बुधशुभ
- 00:26–02:03 बुधअमृतशुभ
- 02:03–03:41 बुधचरसामान्य
- 03:41–05:19 बुधरोगअशुभ
- 05:19–06:57 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 18 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:12–06:04, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:56–08:18
- उद्वेग, अशुभ, 08:18–09:41
- चर, सामान्य, 09:41–11:03
- लाभ, शुभ, 11:03–12:25
- अमृत, शुभ, 12:25–13:48
- काल, अशुभ, 13:48–15:10
- शुभ, 15:10–16:32
- रोग, अशुभ, 16:32–17:55
- काल, अशुभ, 17:55–19:32
- लाभ, शुभ, 19:32–21:10
- उद्वेग, अशुभ, 21:10–22:48
- शुभ, 22:48–00:26 बुध
- अमृत, शुभ, 00:26–02:03 बुध
- चर, सामान्य, 02:03–03:41 बुध
- रोग, अशुभ, 03:41–05:19 बुध
- काल, अशुभ, 05:19–06:57 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:08–09:52, अशुभ
- यमगण्ड, 09:41–11:03, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:03–12:47, शुभ
- गुलिक काल, 12:25–13:48, अशुभ
- राहु काल, 15:10–16:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:07–00:00 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:12–06:04 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में प्रदोष व्रत मंगल 18 दिसंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत मंगल 18 दिसंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 17 दिसंबर को 21:55 से बुध 19 दिसंबर को 00:21 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (17:55–20:31) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 18 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 148.1° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:56। द्वादशी उससे पहले 21:55 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 00:21 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 5 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 18 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:12–06:04
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:12–06:04।
सोम 17 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:54 सोम से सूर्योदय 06:56 तक थी, 13 घं 2 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 18 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:03–12:47
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:03–12:47।
मंगल 18 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:08–09:52
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:08–09:52, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:07–00:00 बुध।
मंगल 18 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:07–00:00 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:08–09:52, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:07–00:00 बुध।
यहाँ दिन, 06:56 से 17:55, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:08–09:52 और 23:07–00:00 बुध।
मंगल 18 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:56–08:18 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:56 से 17:55, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:55 से 06:57 बुध, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 18 दिसंबर को राहुकाल कब है? 15:10–16:32
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:10–16:32।
मंगल 18 दिसंबर को यमगंड कब है? 09:41–11:03
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:41–11:03।
मंगल 18 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 12:25–13:48
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:25–13:48।
यहाँ दिन 06:56 से 17:55 तक है, 10 घं 59 मि। इसे 1 घं 22 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 18 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:56, सूर्यास्त 17:55, 10 घं 59 मि का दिन।
मंगल 18 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:56, सूर्यास्त 17:55, 10 घं 59 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 18 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 30.2° पर था: कृत्तिका, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 30° पर उसके पद 2 में आया। वह 02:38 बुध को निकलेगा, रोहिणी में।
मंगल 18 दिसंबर को कौन सा योग है? सिद्ध
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 272.3° थे: सिद्ध।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 242.1° + 30.2° = 272.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 21:10 को समाप्त होता है, फिर साध्य।
मंगल 18 दिसंबर को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 148.1° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 11:10 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 00:21 बुध तक।
मंगल 18 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:56, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:56 से 06:57 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 18 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 5 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 4 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
मंगल 18 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
मंगल 18 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 09:49 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 271.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 18 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:52
चंद्रमा यहाँ 15:52 पर उदय होता है।
मंगल 18 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:24 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:52 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:24 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:52 पर उदय हुआ; वह फिर 05:24 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।