Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग मंगल 6 नवंबर 2029
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
त्योहार
गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा मंगल 6 नवंबर को है: प्रतिपदा किसी भी सुबह प्रातःकाल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है। मंगल 6 नवंबर क्यों?
गोवर्धन पूजा: Pāthardi में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या मंगल 6 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 6 नवंबर क्यों?
अमावस्या: Pāthardi में हर तारीख़6 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 6 नवंबर
- 04:50–05:41ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:32 से
- 10:47–12:12लाभ चौघड़िया
- 11:50–12:12अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:12–13:37अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:03–16:28शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:53 के बाद
- 19:28–21:03लाभ चौघड़िया
- 22:38–22:57शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:47–00:12 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
23:47–00:58 बुधअमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · विशाखा में
- 00:12–01:47 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:51–05:41 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:32–07:57रोगअशुभ
- 07:57–09:22उद्वेगअशुभ
- 09:22–10:47चरसामान्य
- 10:47–12:12लाभशुभ
- 12:12–13:37अमृतगुलिक काल में
- 13:37–15:03कालअशुभ
- 15:03–16:28शुभराहु काल में
- 16:28–17:53रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:53–19:28कालअशुभ
- 19:28–21:03लाभशुभ
- 21:03–22:38उद्वेगअशुभ
- 22:38–00:12 बुधशुभ
- 00:12–01:47 बुधअमृतशुभ
- 01:47–03:22 बुधचरसामान्य
- 03:22–04:57 बुधरोगअशुभ
- 04:57–06:32 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 6 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:50–05:41, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:32–07:57
- उद्वेग, अशुभ, 07:57–09:22
- चर, सामान्य, 09:22–10:47
- लाभ, शुभ, 10:47–12:12
- अमृत, शुभ, 12:12–13:37
- काल, अशुभ, 13:37–15:03
- शुभ, 15:03–16:28
- रोग, अशुभ, 16:28–17:53
- काल, अशुभ, 17:53–19:28
- लाभ, शुभ, 19:28–21:03
- उद्वेग, अशुभ, 21:03–22:38
- शुभ, 22:38–00:12 बुध
- अमृत, शुभ, 00:12–01:47 बुध
- चर, सामान्य, 01:47–03:22 बुध
- रोग, अशुभ, 03:22–04:57 बुध
- काल, अशुभ, 04:57–06:32 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:48–09:33, अशुभ
- यमगण्ड, 09:22–10:47, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:50–12:35, शुभ
- गुलिक काल, 12:12–13:37, अशुभ
- राहु काल, 15:03–16:28, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:57–23:47, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:51–05:41 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में गोवर्धन पूजा मंगल 6 नवंबर को क्यों है?
गोवर्धन पूजा मंगल 6 नवंबर को है: प्रतिपदा किसी भी सुबह प्रातःकाल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।
गोवर्धन पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा मंगल 6 नवंबर को 09:54 से बुध 7 नवंबर को 06:08 तक है, दोनों सुबह के प्रातःकाल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: मंगल 6 नवंबर। गोवर्धन पूजा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
Pāthardi में अमावस्या मंगल 6 नवंबर को क्यों है?
अमावस्या मंगल 6 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 5 नवंबर को 13:45 से मंगल 6 नवंबर को 09:54 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 6 नवंबर के सूर्योदय (06:32) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 6 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 358° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:32। चतुर्दशी उससे पहले 13:45 सोम पर समाप्त हुई। अमावस्या 09:54 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 22 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
प्रतिपदा क्षय क्यों है?
प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 09:54 को शुरू हुई और 06:08 बुध को समाप्त, 06:32 और 06:32 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को अमावस्या है और बुधवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 6 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:50–05:41
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:50–05:41।
सोम 5 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:53 सोम से सूर्योदय 06:32 तक थी, 12 घं 39 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 6 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:50–12:35
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:50–12:35।
मंगल 6 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:48–09:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:48–09:33, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:57–23:47।
मंगल 6 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:57–23:47
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:48–09:33, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:57–23:47।
यहाँ दिन, 06:32 से 17:53, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:48–09:33 और 22:57–23:47।
मंगल 6 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:32–07:57 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:32 से 17:53, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:53 से 06:32 बुध, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 6 नवंबर को राहुकाल कब है? 15:03–16:28
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:03–16:28।
मंगल 6 नवंबर को यमगंड कब है? 09:22–10:47
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:22–10:47।
मंगल 6 नवंबर को गुलिक काल कब है? 12:12–13:37
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:12–13:37।
यहाँ दिन 06:32 से 17:53 तक है, 11 घं 21 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 6 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 17:53, 11 घं 21 मि का दिन।
मंगल 6 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:53
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 17:53, 11 घं 21 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 197.6° पर था: स्वाती, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 196°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:16 को निकलेगा, विशाखा में।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 397.2° थे, एक चक्कर और 37.2°: आयुष्मान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 199.6° + 197.6° = 397.2°, एक पूरा चक्कर और 37.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 10:35 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 358° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 23:49 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 09:54 तक है।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:32, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:32 से 06:32 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 8 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 6 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 09:49 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 229° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 6 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:57
चंद्रमा यहाँ 17:57 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 17:57 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।