Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 20 दिसंबर 2028
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
शुक्ल पक्ष · 07:45 तक
फिर पञ्चमी · 09:23 गुरु तक
चतुर्थी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें20 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 20 दिसंबर
- 05:13–06:05ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:57 से
- 06:57–08:19लाभ चौघड़िया
- 08:19–09:42अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:04–12:26शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:33–17:56लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:56 के बाद
- 19:33–21:11शुभ चौघड़िया
- 21:11–22:49अमृत चौघड़िया
-
00:16–02:01 गुरुअमृत कालधनिष्ठा में
- 03:42–05:20 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:13–06:06 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:57–08:19लाभशुभ
- 08:19–09:42अमृतयमगण्ड में
- 09:42–11:04कालअशुभ
- 11:04–12:26शुभगुलिक काल में
- 12:26–13:49रोगअशुभ
- 13:49–15:11उद्वेगअशुभ
- 15:11–16:33चरसामान्य
- 16:33–17:56लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:56–19:33उद्वेगअशुभ
- 19:33–21:11शुभ
- 21:11–22:49अमृतशुभ
- 22:49–00:27 गुरुचरसामान्य
- 00:27–02:04 गुरुरोगअशुभ
- 02:04–03:42 गुरुकालअशुभ
- 03:42–05:20 गुरुलाभशुभ
- 05:20–06:58 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 20 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:13–06:05, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:57–08:19
- अमृत, शुभ, 08:19–09:42
- काल, अशुभ, 09:42–11:04
- शुभ, 11:04–12:26
- रोग, अशुभ, 12:26–13:49
- उद्वेग, अशुभ, 13:49–15:11
- चर, सामान्य, 15:11–16:33
- लाभ, शुभ, 16:33–17:56
- उद्वेग, अशुभ, 17:56–19:33
- शुभ, 19:33–21:11
- अमृत, शुभ, 21:11–22:49
- चर, सामान्य, 22:49–00:27 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:27–02:04 गुरु
- काल, अशुभ, 02:04–03:42 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:42–05:20 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:20–06:58 गुरु
- यमगण्ड, 08:19–09:42, अशुभ
- गुलिक काल, 11:04–12:26, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:04–12:48, अशुभ
- राहु काल, 12:26–13:49, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:13–06:06 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 20 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 47.6° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:57। तृतीया उससे पहले 06:44 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्थी 07:45 को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 16 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
चतुर्थी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
चतुर्थी यहाँ मंगल 19 और बुध 20 दिसंबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 06:44 मंगल को, सूर्योदय 06:57 मंगल से पहले, शुरू हुई और 07:45 को, अगले सूर्योदय 06:57 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्थी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
बुध 20 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:13–06:05
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:13–06:05।
मंगल 19 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:55 मंगल से सूर्योदय 06:57 तक थी, 13 घं 2 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 20 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:04–12:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:04–12:48।
यहाँ दिन, 06:57 से 17:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:04–12:48: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 20 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:57–08:19 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:57 से 17:56, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:56 से 06:58 गुरु, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 20 दिसंबर को राहुकाल कब है? 12:26–13:49
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:26–13:49।
बुध 20 दिसंबर को यमगंड कब है? 08:19–09:42
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:19–09:42।
बुध 20 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 11:04–12:26
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:04–12:26।
यहाँ दिन 06:57 से 17:56 तक है, 10 घं 59 मि। इसे 1 घं 22 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 20 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:57, सूर्यास्त 17:56, 10 घं 59 मि का दिन।
बुध 20 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:57, सूर्यास्त 17:56, 10 घं 59 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 20 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 292° पर था: श्रवण, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 290° पर उसके पद 4 में आया। वह 09:27 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
बुध 20 दिसंबर को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 536.4° थे, एक चक्कर और 176.4°: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 244.4° + 292° = 536.4°, एक पूरा चक्कर और 176.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 01:20 गुरु को समाप्त होता है, फिर वज्र।
बुध 20 दिसंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 47.6° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 19:10 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 42° हुई; विष्टि 07:45 तक है।
बुध 20 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:57, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:57 से 06:58 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 20 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 16 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 14 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
बुध 20 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
बुध 20 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 10:01 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 262.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 20 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:08
चंद्रमा यहाँ 10:08 पर उदय होता है।
बुध 20 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:55
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:08 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:55 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:08 पर उदय हुआ; वह फिर 21:55 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।