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Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग शुक्र 21 मई 2027

महाराष्ट्र, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:25 05:52 18:59अगला सूर्योदय 05:52 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:52–07:30चरसामान्य
  • 07:30–09:09लाभगुलिक काल में
  • 09:09–10:47अमृतशुभ
  • 10:47–12:25कालअशुभ
  • 12:25–14:04शुभ
  • 14:04–15:42रोगअशुभ
  • 15:42–17:20उद्वेगअशुभ
  • 17:20–18:59चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:59–20:20रोगअशुभ
  • 20:20–21:42कालअशुभ
  • 21:42–23:04लाभशुभ
  • 23:04–00:25 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:25–01:47 शनिशुभ
  • 01:47–03:09 शनिअमृतशुभ
  • 03:09–04:30 शनिचरसामान्य
  • 04:30–05:52 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 21 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:09, शुभ
  • चर, सामान्य, 05:52–07:30
  • लाभ, शुभ, 07:30–09:09
  • अमृत, शुभ, 09:09–10:47
  • काल, अशुभ, 10:47–12:25
  • शुभ, 12:25–14:04
  • रोग, अशुभ, 14:04–15:42
  • उद्वेग, अशुभ, 15:42–17:20
  • चर, सामान्य, 17:20–18:59
  • रोग, अशुभ, 18:59–20:20
  • काल, अशुभ, 20:20–21:42
  • लाभ, शुभ, 21:42–23:04
  • उद्वेग, अशुभ, 23:04–00:25 शनि
  • शुभ, 00:25–01:47 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:47–03:09 शनि
  • चर, सामान्य, 03:09–04:30 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:30–05:52 शनि
  • गुलिक काल, 07:30–09:09, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:29–09:22, अशुभ
  • राहु काल, 10:47–12:25, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:59–12:52, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:52–13:44, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:42–17:20, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:08 शनि

हर मान कैसे निकलता है

शुक्र 21 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 186.5° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 186.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 186.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:52। पूर्णिमा उससे पहले 16:29 गुरु पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 17:23 को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 20 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शुक्र 21 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–05:09

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–05:09।

सूर्यास्त 18:58 गुरु सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 20 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:58 गुरु सूर्योदय 05:52 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 20 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 20 मई की रात सूर्यास्त 18:58 गुरु से सूर्योदय 05:52 तक थी, 10 घं 54 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 21 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:59–12:52

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:59–12:52।

शुक्र 21 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:29–09:22

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:29–09:22 और 12:52–13:44।

शुक्र 21 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:52–13:44

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:29–09:22 और 12:52–13:44।

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 05:52 से 18:59, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:29–09:22 और 12:52–13:44।

शुक्र 21 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:52–07:30 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:52 से 18:59, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:59 से 05:52 शनि, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 21 मई को राहुकाल कब है? 10:47–12:25

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:47–12:25।

शुक्र 21 मई को यमगंड कब है? 15:42–17:20

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:42–17:20।

शुक्र 21 मई को गुलिक काल कब है? 07:30–09:09

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:30–09:09।

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 05:52 से 18:59 तक है, 13 घं 7 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 21 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:52

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 18:59, 13 घं 7 मि का दिन।

शुक्र 21 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 18:59, 13 घं 7 मि का दिन।

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:10 चंद्रोदय 20:00
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:10 चंद्रोदय 20:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 21 मई को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा

सूर्योदय पर चंद्रमा 222° पर था: अनुराधा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 222.0° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 222.0° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 220° पर उसके पद 3 में आया। वह 14:51 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।

शुक्र 21 मई को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 257.5° थे: शिव।

सूर्य 35.5° + चंद्रमा 222.0° = 257.5° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 35.5° + चंद्रमा 222.0° = 257.5° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 35.5° + 222° = 257.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 22:15 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

शुक्र 21 मई को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 186.5° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 186.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° कौलव 186°–192° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 186.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° कौलव 186°–192° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 04:52 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 186° हुई; कौलव 17:23 तक है।

शुक्र 21 मई को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:52, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:52 से 05:52 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 21 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 6 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 5 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

शुक्र 21 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल शुक्र 21 मई अमावस्या 6 मई पूर्णिमा 20 मई अमावस्या 5 जून पूर्णिमा 19 जून
अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल शुक्र 21 मई अमावस्या 6 मई पूर्णिमा 20 मई अमावस्या 5 जून पूर्णिमा 19 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।

शुक्र 21 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949

विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 05:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 21 मई सूर्य 35.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 05:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 21 मई सूर्य 35.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 05:21 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 42.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 21 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:00

चंद्रमा यहाँ 20:00 पर उदय होता है।

शुक्र 21 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:10

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:10 चंद्रोदय 20:00
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 18:59 सूर्योदय 05:52 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:10 चंद्रोदय 20:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:10 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:00 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:10 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:00 पर उदय होगा।